पत्रकार राजदेव हत्याकांड में हुई गवाही वीसी से पेशी

2019-05-10T11:32:06+05:30

-गवाह दुर्गाकांत ने कहा, अज्ञात हमलावरों ने ऑफिस में की थी राजदेव की पिटाई

MUZAFFARPUR/PATNA : वर्ष 2005 के नवंबर के अंतिम सप्ताह में सिवान में अखबार के दफ्तर पर हमला हुआ था। तीन-चार अज्ञात हमलावर युवक राजदेव रंजन की तलाश करते हुए आए थे। उनकी आवाज पर राजदेव हॉल में गया। हमलावरों ने उसकी पिटाई की। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। यह घटना देख वे बेहोश हो गए। बाद में पता चला कि यह हमला साहेब ने कराया था। कहीं शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। यह कहना है सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के गवाह पत्रकार दुर्गाकांत ठाकुर का। गुरुवार को विशेष न्यायालय में उन्होंने गवाही दी। उनकी यह गवाही माननीयों के विशेष न्यायालय और एडीजे-11 मनोज कुमार के कोर्ट में हुई। सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक अतुल कुमार ने उनकी गवाही कराई।

साहेब का मतलब भी बताया

पूछने पर उन्होंने साहेब का मतलब शहाबुद्दीन बताया। दुर्गाकांत ठाकुर ने बताया कि 2003 से 2005 तक वे सिवान में प्रभारी थे। बाद में उनका स्थानांतरण पूर्णिया हो गया। इस समय वे पत्रकारिता से सेवानिवृत हो गए हैं। उन्हें जानकारी मिली कि जेल में शहाबुद्दीन से राज्य के मंत्री के मिलने की खबर संबंधी फोटो और वीडियो वायरल होने पर राजदेव रंजन की हत्या की गई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी

तिहाड़ जेल से पूर्व सांसद शहाबुद्दीन व भागलपुर जेल से अजहरूद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। मुजफ्फरपुर जेल में बंद विजय कुमार गुप्ता, रोहित कुमार सोनी, राजेश कुमार, रीशु कुमार जायसवाल, सोनू कुमार गुप्ता व सोनू कुमार सोनी को कोर्ट में लाकर पेश किया गया। गवाह दुर्गाकांत का बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने प्रतिपरीक्षण कराया। कई अधिवक्ता शामिल थे।

ये दूसरी गवाही

यह दूसरी गवाही है। इससे पहले 28 मार्च को राजदेव रंजन की पत्‍‌नी आशा रंजन की गवाही हुई थी। उसने भी जेल में शहाबुद्दीन से मंत्री के मिलने वाली खबर प्रकाशन को घटना का मुख्य कारण बताया था। कोर्ट ने 28 मई को गवाही की अगली तारीख मुकर्रर की है। विजय की जमानत अर्जी पर हुई बहस : न्यायिक हिरासत में जेल में बंद आरोपित विजय कुमार गुप्ता की जमानत अर्जी पर बहस हुई। उसके अधिवक्ता शरद सिन्हा ने उसे जमानत पर रिहा करने की प्रार्थना कोर्ट से की जबकि सीबीआइ की ओर से विशेष लोक अभियोजक अतुल कुमार ने इसका विरोध किया। कोर्ट ने इस मामले में आदेश सुरक्षित रखा है।

13 मई 2016 को हुई थी हत्या

13 मई 2016 की शाम सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के बाद इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी गई थी। पूर्व सांसद सहित सात आरोपितों के विरुद्ध सीबीआइ ने कोर्ट में पिछले साल 21 अगस्त को चार्जशीट दाखिल की थी। इससे पहले 21 दिसंबर 2014 को सोनू कुमार सोनी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई थी। विशेष सीबीआइ कोर्ट ने चार्जशीट को संज्ञान में लेकर सेशन ट्रायल चलाने के लिए जिला जज कोर्ट भेजा था।

inextlive from Patna News Desk


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