Advertisement का गोरखधंधा

2012-01-03T10:57:00+05:30

Lucknow यह है ठगी का नया funda है इस बार निशाने पर हैं देश के लाखों unemployed youth अखबारों में बाकायदा post advertise करके youth से form और examination fee के पैसे वसूले जा रहे हैं साथ ही नौकरी दिलाने के लिए भी वसूली हो रही है

हर बेरोजगार का एक ही सपना होता है, नौकरी। अगर नौकरी सरकारी है तो फिर उसको हासिल करने के लिए लोग सारी ताकत झोंक देते हैं। ठगों ने बेरोजगारों की इसी कमजोरी का फायदा उठा लिया है। इनको ठगने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरियों के फर्जीवाड़े का ऐसा मकडज़ाल बुना है कि लुटना पक्का है।
जब तक आप को पता चलेगा कि आप के साथ फ्रॉड हुआ है तब तक उनके वारे न्यारे हो चुके होंगे। यह नौकरियां हैं हेल्थ, कृषि, सिंचाई, शिक्षा और पशुपालन  विभाग में। यहां तक कि इन ठगों ने सेना तक को नहीं बख्शा है। सेना में भी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को चपत लगाई जा रही है। बाकायदा इनके विज्ञापन अखबारों में निकाले जा रहे हैं और उसके जरिए लोगों को लूटा जा रहा है।

अपना सरकारी विभाग बना डाला
विकासनगर में रहने वाले अमित ने 10 नवम्बर को एक अखबार में विज्ञापन पढ़ा जिसमें कृषि, सिंचाई और हेल्थ डिपार्टमेंट में सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकला था। विज्ञापन में दिए गए नम्बर 09646378287 पर अमित ने काल किया तो उधर से काल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने उनको नौकरियों के बारे में बताया।
इसके बाद उसने अमित से उनका मोबाइल नम्बर और घर का पता नोट कर लिया और कहा कि कुछ दिन के बाद आप के पास फार्म पहुंच जाएगा। एक सप्ताह के अंदर अमित के पास एक फार्म आ गया। जो भारतीय कृषि एंव सिचाई विभाग का था। मगर हकीकत यह है कि इस नाम का कोई विभाग पूरे इंडिया में नहीं है। मगर यहां पर कम्प्यूटर आपरेटर, फील्ड आफिसर, एकाउंटेंट, क्लर्क, सुपरवाईजर, सुरक्षा अधिकारी, हेल्पर, चपरासी, सिविल गार्ड और ड्राइवर की एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों जॉब निकली है। इस जॉब को हासिल करने के लिए विभाग ने न्यूनतम अर्हता इंटरमीडिएट मांगी है।

मलाई के चक्कर में लुट गए जनाब
11 हजार रुपए सैलरी, सुरक्षा अधिकारी की जॉब और नौकरी की अर्हता सिर्फ हाईस्कूल। फिर क्या था, अमित ने तुरंत ही अप्लाई कर दिया। कुछ दिन बाद पोस्टमैन ने उनके दरवाजे पर दस्तक दी और उनके हाथ में एक लिफाफा थमा दिया। वीपीपी डाक से इस लिफाफे में दो पन्नों का एक फार्म था लेकिन इसके लिए उनको पोस्टमैन को 250 रुपए देने पड़े। इसके बाद भी नौकरी पाने की लालच में अमित ने फार्म लेकर भरा और बताए गए पते पर भेज दिया। इसके बाद उन लोगों ने नौकरी देने के नाम पर अमित से पैसे की डिमांड करना शुरू कर दिया।

सेना में भी दे रहे हैं नौकरी
ठगों ने सेना को भी नहीं छोड़ा है। बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाने के लिए यह ठग वायुसेना, थल सेना और अर्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने का झांसा दे रहे हैं। इसके साथ ही इनके निशाने पर कम पढ़े लिखे बेरोजगार हैं जिनको आसानी से ठगा जा सकता है। इन लोगों ने विज्ञापन में जितनी भी नौकरियां निकाली हैं उसकी अर्हता इंटरमीडिएट से ज्यादा नहीं है। यह लोग सिर्फ फार्म बेच कर 250 रुपए वसूल रहे है। अब तक यह हजारों लोगों को फार्म बेच चुके है। इसके अलावा जो लोग इनके चुंगल में फंस रहे है उनसे 25 से 50 हजार रुपए तक नौकरी देने नाम पर ठगे जा रहे है।

कई ऑफर्स भी
लाइफ इंश्योरेंस से लेकर मेडिकल ओवर टाईम तक के आकर्षक ऑफर यह ठग नौकरी के साथ बेरोजगारों को दे रहे हैं। फार्म में लिखा हुआ था कि चयन प्रक्रिया शारीरिक, लिखित और साक्षात्कार के आधार पर की जाएगी। इसके साथ ही फार्म भरने वाले कैंडीडेट्स को मुफ्त आवास, बोनस, यात्रा भत्ता, मेडिकल और जीवन बीमा की सुविधा भी निशुल्क दी जाएगी। इसके साथ फार्म की असलियत को और पुख्ता करने के लिए एक नोट अलग से दिया गया है जिसमें लिखा है कि इन नौकरियों के बारे में अधिक जानकारी के लिए रोजगार करियर इंडिया का अध्ययन करें और उसके बाद ही फार्म भरे।

भटिंडा से बिहार और एमपी तक
नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद जो फार्म आता है वह पंजाब स्थित भटिंडा के डाकघर से आता है। आवेदक को फार्म भर के बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक इंटीरियर गांव में भेजना होता है। उसके बाद वहां से काल आती है कि एग्जाम देने के लिए आप को मध्यप्रदेश आना होगा। यह फार्म भर के आप को सचिव आईआईडी ग्राम पुलाड वाया ग्यासपुर जिला मुजफ्फरपुर पिन कोड 843107 पर भेजना है। इसका मतलब साफ है कि ठगों ने बिहार के किसी इंटीरियर में स्थित गांव के पोस्ट आफिस को अपना ठिकाना बनाया है। जहां से ठग अपना गैंग आपरेट कर रहे हैं।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.