लेटलतीफी से कहीं शासन का न हो जाए निगम का बजट

2019-02-21T06:00:07+05:30

- जनप्रतिनिधि बजट में नहीं करा सकेंगे संशोधन

- बजट अपने आप ही पास हो जाएगा

- हर दो माह में सामान्य सदन होना चाहिए

- हर माह कार्यकारिणी की बैठक होनी चाहिए

- 14वें वित्त के अंतर्गत नहीं शुरू हुए विकासकार्य

- 15 फरवरी होनी थी कार्यकारिणी बैठक

- 10 लाख से अधिक विकास कार्यो पर कार्यकारिणी में लगती है मोहर

- 25 फरवरी तक कार्यकारिणी कराने का मेयर का दावा

- 28 फरवरी तक हर हाल में होनी चाहिए बजट की कार्यकारिणी

- इस समयावधि के बाद बजट में संशोधन नहीं करा सकेंगे जनप्रतिनिधि

abhishekmishra@inext.co.in

LUCKNOW : नगर निगम की ओर से तैयार बजट पर लेटलतीफी भारी पड़ती दिखाई दे रही है। अभी तक बजट की कार्यकारिणी न होने से विकास से जुड़े मुद्दों पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि अगर 28 फरवरी तक बजट की कार्यकारिणी या फिर सामान्य सदन नहीं होता है तो निगम का बजट शासन का हो जाएगा। जिसके बाद निर्वाचित सदस्यों की भागीदारी खत्म हो जाएगी। इसका सर्वाधिक नुकसान यह होगा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से बजट में कोई भी संशोधन नहीं कराया जा सकेगा। बजट अपने आप ही पास हो जाएगा।

हो जानी चाहिए कार्यकारिणी

जानकारों की माने तो फरवरी के अंत तक हर हालत में बजट की कार्यकारिणी हो जानी चाहिए। पहले संभावना थी कि 15 फरवरी के आसपास कार्यकारिणी होगी लेकिन बाद में इस तिथि को टाल दिया गया। जानकारों का कहना है कि अगर 28 फरवरी तक बजट की कार्यकारिणी नहीं होती है तो निर्वाचित सदस्यों की अवमानना होगी। अभी तक एक बार भी ऐसा नहीं हुआ है।

हर माह कार्यकारिणी

यह भी जानकारी सामने आई है कि हर दो माह में सामान्य सदन बुलाया जाना चाहिए, जबकि हर माह कार्यकारिणी की बैठक होनी चाहिए। इसके साथ ही समय-समय पर विशेष सदन भी बुलाया जा सकता है। जनवरी से लेकर 20 फरवरी तक की बात करें तो अभी तक एक बार भी सामान्य सदन नहीं बुलाया गया। जनवरी में विशेष सदन बुलाया तो गया लेकिन सिर्फ कार्यकारिणी के छह सदस्यों के चुनाव के लिए। इसके बाद विशेष सदन नहीं बुलाया गया। अब कार्यकारिणी की बात करें तो पिछले माह स्वच्छता सर्वेक्षण के कारण कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो सकी, वहीं अभी तक बजट की कार्यकारिणी नहीं हो सकी है।

विकास पर असर

सामान्य सदन व कार्यकारिणी की बैठक न होने से वार्डो के विकास पर असर पड़ रहा है। विपक्षी पार्षदों की मानें तो 10 लाख से अधिक की विकास कार्यो की फाइल पर मुहर कार्यकारिणी में लगती है। कार्यकारिणी न होने से अवस्थापना निधि और 14वें वित्त के अंतर्गत विकास कार्य शुरू नहीं हुए हैं। वार्ड विकास निधि से भी कोई नए विकास कार्य नहीं हो रहे हैं, पुराने कार्य ही कराए जा रहे हैं।

वर्जन

अगर बजट की कार्यकारिणी 28 फरवरी तक नहीं होती है तो निगम का बजट शासन का हो जाएगा। जिसके बाद निर्वाचित सदस्य बजट में कोई संशोधन नहीं करा सकेंगे।

सै। यावर हुसैन रेशू, नेता सदन, सपा

बजट की कार्यकारिणी या सदन के न होने से विकास कार्यो पर असर पड़ रहा है। अवस्थापना, 14वें वित्त के कार्य नहीं हो रहे हैं, सिर्फ लिस्ट जारी हो रही है। हर हाल में 28 से पहले कार्यकारिणी होनी चाहिए,

गिरीश मिश्रा, वरिष्ठ पार्षद, कांग्रेस

पूरा प्रयास किया जा रहा है कि 25 फरवरी तक बजट की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करा दी जाएगी।

संयुक्त भाटिया, मेयर

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