दफ्तर में नहीं है अफसर तो व्हाट्सअप कीजिए प्राब्लम

2019-03-18T06:00:02+05:30

-फरियादियों की मदद के लिए सीओ गोरखनाथ की पहल

- घंटों इंतजार करने से मिली राहत, फौरन हो रही कार्रवाई

GORAKHPUR: चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से पुलिस अधिकारियों की व्यस्तता बढ़ गई है। होली का त्योहार करीब होने की वजह से ज्यादातर पुलिस अधिकारी अपने दफ्तरों में नहीं बैठ पा रहे हैं। ऐसे में एप्लीकेशन लेकर पहुंचे फरियादियों को निराश होकर न लौटना पड़े। इसके लिए एक डिजिटल उपाय पुलिस अधिकारियों ने खोज निकाला है। दफ्तर पर पहुंचने वाले फारियादियों की सुविधा के लिए व्हाट्सअप नंबर सार्वजनिक किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी की तरफ से यह कहा जा रहा है कि मुलाकात न होने पर अपनी दरख्वास्त व्हाट्सअप पर अपलोड करें, जिससे समस्या का समाधान किया जा सके। सीओ गोरखनाथ ने इसकी पहल कर दी है।

मुलाकात न होने पर व्हाट्सअप करेंगे एप्लीकेशन

पब्लिक की फरियाद सुनने के लिए पुलिस-प्रशासन के अफसरों की टाइमिंग तय है। रोजाना सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक बैठकर अफसर लोगों की फरियाद सुनते हैं। लेकिन हाल के दिनों के में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस अधिकारी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। इसलिए अफसरों की दौड़भाग बढ़ गई है। उधर, होली की तैयारी में शांति व्यवस्था के लिए अफसर दिनभर शांति कमेटी की बैठकें करके लोगों से सौहार्दपूर्ण त्योहार मनाने की अपील कर रहे हैं। ऐसे में दफ्तर पहुंचने वाले फरियादियों से मुलाकात नहीं हो पा रही। इसको देखते हुए सीओ गोरखनाथ ने व्हाट्सअप के जरिए लोगों की प्रॉब्लम सॉल्व करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने अपने ऑफिस की दीवार पर नोटिस चस्पा करा दिया है कि मुलाकात न होने पर सीयूजी नंबर पर एप्लीकेशन भेजकर कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। इसके अलावा आंगतुक रजिस्टर में भी लोग अपनी समस्या को दर्ज करके सीओ को जानकारी दे सकते हैं। इसका फायदा भी लोगों को मिलने लगा है।

यह होती है प्रॉब्लम

- सीनियर अफसर से न्याय की उम्मीद लेकर लोग दफ्तर तक पहुंचते हैं।

- दूर दराज से आने वाले फरियादियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है।

- आफिस में मुलाकात न होने पर भी फरियादी अपनी बात अफसर तक नहीं पहुंचा पाते हैं।

- थाना कर्मचारियों की लापरवाही पर गोपनीयता भंग के डर से लोग शिकायत नहीं करते।

- विपक्षी के खिलाफ मामला होने पर सुरक्षा को लेकर लोकल पुलिस पर भरोसा नहीं रहता।

- जांच अधिकारी दोनों पक्षों को तलब करके बयान दर्ज करते हुए मामले का निस्तारण कर देते हैं। -

यह हो गई सुविधा

- सीओ से मुलाकात के अभाव में फरियादियों को भटकना नहीं पड़ रहा है।

- व्हाट्सअप से एप्लीकेशन फारवर्ड करके लोग अपनी समस्या का समाधान करा रहे हैं।

- चुनाव और त्योहार के सीजन में किसी को बेवजह दफ्तर पर अफसर का इंतजार नहीं करना पड़ता है।

- आगंतुक रजिस्टर में दर्ज मामला देखकर सीओ सीधे कार्रवाई का निर्देश दे रहे हैं।

- व्हाट्सअप के जरिए आने वाली शिकायतों को संबंधित थानेदार, दरोगाओं को फारवर्ड करते हुए तत्काल जवाब तलब

फैक्ट

जिले में कुल थाने- 26

कुल पुलिस चौकियां- 60

एडीजी कार्यालय - 01

आईजी आफिस - 01

एसएसपी आफिस - 01

एडिशनल एसपी - 05

सीओ के कार्यलय- 08

सभी जगहों पर रोजाना की शिकायतें औसतन- 350 से 400

वर्जन

कभी-कभी व्यस्तता की वजह से ऑफिस में बैठने में प्रॉब्लम होती है। ऐसे में फरियादियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। इसको देखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है। ताकि दफ्तर पर आने वाले हर व्यक्ति की फरियाद सुनी जा सके। इसका फायदा भी लोगों को मिलने लगा है।

प्रवीण सिंह, सीओ गोरखनाथ

inextlive from Gorakhpur News Desk


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