चिनहट में प्रिंटर से छापते थे नकली नोट पुलिस ने धर दबोचा

2018-09-10T04:31:12+05:30

नकली नोट का कारोबार करने वाले दो गिरफ्तार। 8700 के नकली नोट कई अधबने नोट व मशीन मिल।

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LUCKNOW :
कोरल साफ्टवेयर की मदद से प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले शातिरों ने प्रिंटर से छोटे नोट छाप कर उन्हें बाजार में चला दिया। यहीं नहीं अब तक 9 लाख रुपये के फर्जी नोट वह बाजार में खपा भी चुके हैं। दो हजार और पांच सौ के नए नोट छापने में वह असफल रहे हैं। यह धंधा चिनहट के देवा रोड इलाके में चल रहा था, जिसे एसटीएफ ने पकड़ा। गैंग के दो सदस्य पकड़े गए और उनके पास से भारी मात्रा में फर्जी नोट छापने का सामान भी मिला है।
चलाते थे मार्केट में
एसटीएफ ने चिनहट इलाके में नकली नोट का कारोबार करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया। एसटीएफ ने उनके पास से 100, 200 और 50 के 80 नोट और 2000, 500, 100, 50, 20 और 10 के 336 आधे बने नोट, प्रिंटर, स्कैनर, मोबाइल फोन, सिमकार्ड, ई रिक्शा और अन्य सामान बरामद किया। पूछताछ में पकड़े गये आरोपियों ने अब तक 9 लाख के नकली नोट बाजार में खपाने की बात कबूली है।
दो को किया गिरफ्तार
एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि चिनहट इलाके में नकली नोट छापने और उसको बाजार में चलाने की सूचना पर देवा रोड राय इन्क्लेव के पास दो लोगों को पकड़ा। पूछताछ में पकड़े गये आरोपियों ने अपना नाम चिनहट निवासी देशराज यादव और रामरतन शर्मा बताया। आरोपी देशराज मूल रूप से बाराबंकी और रामरतन बरेली का रहने वाला है। आरोपी देशराज नकली नोट बनाने का काम करता है कि जबकि रामरतन नकली नोट बाजार में चलाने का काम करता था।

दो हजार का नोट नहीं छाप सके

आरोपी ने बताया कि वह नकली नोटों को उदय शर्मा उर्फ मोटू निवासी हैदरगढ़ बाराबंकी और दिनेश शर्मा निवासी बाराबंकी जो जीपीओ के पास पेट्रोल टंकी पर काम करते है को 60-40 के अनुपात में नकली नोट देते थे। आरोपी देशराज ने बताया कि उसने 2000, 500 और 200 के नोटों को छापने की भी कोशिश की थी पर प्रिटिंग सही न होने के कारण उसमें सफल नहीं रहा।
9 लाख के नकली नोट खपा चुके
पूछताछ में देशराज यादव ने बताया कि वह पहले एक कार्ड छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस में कार्ड की छपाई का काम करता था। वहा पर वह कोरल का साफ्टेवयर इस्तेमाल करता था। कोरल के साफ्टवेयर में काम करने के कारण उसे नोट छापने का तरीका आया और वह एक साल से नकली नोट छाप कर बाजारों में चला रहा है। आरोपी ने बताया कि वह छोटे 100 व 50 के नकली नोट इसलिए छापता था क्योंकि वह बाजार में आसानी से चल जाते थे और लोग नकली नोट नहीं पहचान पाते थे। आरोपी ने अब तक लगभग 9 लाख रुपये के नकली नोटों को छाप कर प्रदेश के कई जनपदों में खपाने की बात बताई है।

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