खाकी के पैन की वजह बने पिंक बसों के पैनिक बटन

2019-05-11T06:00:01+05:30

- 49 पिंक बसों प्रदेश में चल रहीं

- 17 रूटों पर लखनऊ से किया जा रहा संचालन

- 1 बस में 10-10 बार दबाएं जा रहे पैनिक बटन

- बसों में यात्री बेवजह ही दबा रहे हैं पिंक बटन

- बटन दबते ही चंद मिनटों में पहुंच जाती है पुलिस

- एक-एक बस में दस-दस बार बटन बजा रहे यात्री

- जुर्माना भी नहीं भर रहे है बटन दबाने वाले यात्री

LUCKNOW: रोडवेज की पिंक बसों में पैसेंजर्स के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए लगाए गए पैनिक बटन पुलिस के लिए सिर दर्द बन गए हैं। दरअसल, इन बसों में सफर करने वाले पैसेंजर्स बिना किसी वजह के बटन दबा रहे हैं और पुलिस गंभीर घटना का आकलन कर दस मिनट में पहुंच जा रही है। वहीं इन बटनों को बेवजह दबाने पर जुर्माना वसूलने का नियम है, लेकिन पैसेंजर्स जुर्माना भी नहीं भर रहे हैं। वह जुर्माने की रकम न होने पर गलती की माफी मांग कर आगे बढ़ जाते हैं। ऐसे में पुलिस को यह समझ में नहीं आ रहा है कि पिंक बसों में लगे पैनिक बटन को बेवजह बजाने वालों पर नकेल कैसे कसें।

दस-दस बार बज रहा सायरन

रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार राजधानी से पिंक बसों का संचालन गोरखपुर, आगरा, गाजियाबाद के लिए किया जा रहा है। इन रूटों पर चलने वाली पिंक बसों में मौजूद महिला यात्री या उनके साथ मौजूद पुरुष यात्री बसों में लगे पैनिक बटन से छेड़छाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। आलम यह है कि एक-एक बस में दस-दस बार बटन दबाया जा रहा है। सायरन बजते ही इसकी सूचना डायल 100 पर पहुंच जाती है।

जुर्माने पर गांठते हैं रौब

डायल 100 पर पिंक बटन दबने की सूचना पहुंचती हैं वहां के अधिकारी बस की लोकेशन देखकर निकटतम पुलिस स्टेशन में संपर्क करते हैं और वहां के अधिकारियों को उस पिंक बस के पास पहुंचने के निर्देश देते हैं। रोड पर गुजर रही बस को पुलिस चंद मिनटों में दौड़ा कर पकड़ लेती है। उसके बाद संबंधित यात्री पुलिस से माफी मांगना शुरू कर देते हैं। मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है, बस में तैनात कंडक्टर भी पैनिक बटन दबाने वाले यात्री से 200 रुपए जुर्माना भरने के लिए कहता है, लेकिन पैसेंजर्स कंडक्टर पर या तो रोब गांठने लगते हैं या फिर पैसा ना होने के बात कहते हैं। ऐसे में बिना जुर्माना भरे ही यह पैसेंजर्स निकल जाते हैं।

कंडक्टर्स के नंबर भी दिए गए

रोडवेज के अधिकारियों ने बताया कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए बसों की महिला परिचालकों के नंबर डायल 100 से शेयर कर दिए हैं, लेकिन कई बार उनसे संपर्क न होने पर पुलिस स्टेशन से फोर्स भेज दी जाती है।

कोट

यह बात सही है बिना वजह के बसों में पैनिक बटन दबाए जा रहे हैं। इससे निपटने के लिए पैसेंजर्स को और जागरुक किया जाएगा। साथ ही पैनिक बटन की वर्किंग को वीडियो के माध्यम से पैसेंजर्स को दिखाया जाएगा।

जयदीप वर्मा

मुख्य प्रधान प्रबंधन, तकनीकी

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम

बॉक्स

बीस बार रोकनी पड़ी बस

रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार हाल ही में एक पिंक बस में लगा पैनिक बटन खराब हो गया। ऐसे में एक ही रूट पर यह बटन कम से कम 20 बार स्वत: बज उठा। उस दिन तो लखनऊ से गोरखपुर का सफर सात-आठ घंटे में पूरा हुआ। बटन बजते ही पुलिस आ जाती, बस रोकनी पड़ती। ऐसे में रास्ते में 20 बार बस रोकनी पड़ी।

inextlive from Lucknow News Desk


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