लग्जरी गाडि़यों को अटैच कराने के नाम पर करता था ठगी

2019-06-01T06:00:50+05:30

- 14 लोगों से हड़पी थी 38 गाड़ी

- लग्जरी गाडि़यों को गिरवी रख देता था आरोपी

LUCKNOW: राजकीय निर्माण निगम में किराए पर गाडि़यां सम्बद्ध कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले क्लर्क श्रीकांत वर्मा को आखिरकार लंबी तलाश के बाद विभूतिखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने 14 लोगों से 38 गाडि़यां हड़पी थीं। आरोपी के खिलाफ विभूतिखंड में कई मामले दर्ज हैं। आरोपी की जालसाजी उजागर होने के बाद वह दफ्तर से गैर हाजिर चल रहा था। पुलिस ने उसके घर से तीन गाडि़यां भी बरामद की हैं।

निर्माण निगम में गाड़ी लगाने का देता था झांसा

इंस्पेक्टर विभूतिखंड राजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि बीकेटी के मामपुर निवासी आकाश मिश्रा, इटौंजा के अदालतपुर निवासी कमलेश रावत और इंदिरानगर के सी ब्लॉक निवासी अक्षय शुक्ला ने मार्च 2018 में श्रीकांत वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। श्रीकान्त राजकीय निर्माण निगम मुख्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत है। पीडि़तों ने बताया कि श्रीकांत ने उन लोगों की गाडि़यां उसके दफ्तर में ठेके पर लगवाने का झांसा दिया था।

30 से 60 हजार महीने का प्रलोभन

आरोपी ने बताया था कि उन्हें प्रतिमाह 30 से 60 हजार रुपये तक किराया मिलेगा और गाड़ी की मेंटेनेंस का खर्चा भी विभाग उठाएगा। बड़े फायदे की बात सुनकर उन लोगों ने अपनी-अपनी गाडि़यां श्रीकांत को दे दी। एक महीना गुजर जाने के बाद भी जब किराये के रुपये नहीं मिले तो उन लोगों ने श्रीकांत से संपर्क किया। इस पर उसने दो महीने का किराया एक साथ मिलने की बात कहकर बात को टाल दिया। इसी तरह तीन महीने से अधिक का समय बीत गया लेकिन किसी भी वाहन स्वामी को एक रूपये नहीं मिली।

दो महीने से था मेडिकल अवकाश पर

शक होने पर पीडि़त राजकीय निर्माण निगम के दफ्तर पहुंचे तो पता चला कि श्रीकांत वर्मा पिछले दो महीनों से मेडिकल अवकाश पर है। इसके बाद पीडि़तों ने विभागीय अधिकारियों से मिलकर उन्हें पूरी बात बताई। पता चला कि उन लोगों में से किसी की भी गाड़ी विभाग में सम्बद्ध नहीं है। यह सुनकर वाहन स्वामियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद आकाश, कमलेश और अक्षय ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

गाडि़यों को रख देता था गिरवी

इंस्पेक्टर ने बताया कि श्रीकांत बाराबंकी के जैतपुर का रहने वाला है। पुलिस टीम उसके पैतृक आवास पहुंची तो वहां से दो स्विफ्ट डिजायर समेत तीन कारें बरामद हो गई। हालांकि श्रीकांत घर पर नहीं मिला। एसआई रजोल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि श्रीकांत विभूतिखंड स्थित सपना स्वीट हाउस के पास किसी के इंतजार में खड़ा है। सूचना पर पुलिस ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने गाडि़यों को गिरवी रखकर लाखों रुपये अर्जित किये हैं।

inextlive from Lucknow News Desk


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