चोरी छिपे बना रहे थे पटाखा धमाके से आधा दर्जन घायल

2019-04-11T06:00:47+05:30

- सिलेंडर और पटाखों में हुए धमाके से घर में लगी आग

- डेढ़ किमी तक सुनाई दी आवाज, कई मकानों की दीवारों में आई दरारें

LUCKNOW : मोहनलालगंज बस स्टाफ के पीछे बने मकान में बुधवार दोपहर एक घर में चोरी छुपे आतिशबाजी बनाते समय आग लग गई। आग से घर में रखा सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया जिससे आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर में फंसे दंपति समेत मलवे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। आसपास के घरों में लगे सबमर्सिबल पंप चलवाकर आग पर काबू पाया। विस्फोट की सूचना पर एसडीएमएसीओ समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां एक महिला की हालत गंभीर होने पर से सिविल अस्पताल भेजा गया।

चोरी छिपे बनाते थे पटाखे

बस स्टाप के पीछे कल्लू का मकान है। जिसमें वह पत्नी हसीना व बेटे शकील, बहू मारूफ के साथ रहता है। बुधवार सुबह कल्लू दुकान चला गया और पत्नी हसीना बीमार बेटी को देखने लखनऊ के एक निजी अस्पताल चली गई। बेटा व बहू घर पर अकेले थे। पड़ोसियों ने बताया कल्लू का बेटा शकील व बहू मारूफ चोरी छुपे आतिशबाजी बनाने का काम घर में करते हैं।

डेढ़ किमी दूर तक सुनाई दिया धमाका

बुधवार की दोपहर 12 बजे के करीब आतिशबाजी बनाते समय हुए विस्फोट के बाद घर में रखे सिलेंडर में आग लग गई ओर सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। जिससे कल्लू के मकान के परखच्चे उड़ गए ओर पड़ोसी सुल्तान का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। धमाका इतनी तेज था की उसकी धमक डेढ किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।

पुलिस ने निकाला बाहर

हादसे की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से मकान में फंसे शकील व उसकी पत्नी मारूफ और बगल के मकान की दीवार गिरने से उसमें फंसी मेहरजहां व उसके मासूम बेटे हम्मार व घायल भांजे अरमान को बाहर निकाला।

सबमर्सिबल पंप से बुझाई आग

पुलिस ने आस-पास लगे घरों सबमर्सिबल पंप चालू करवा कर आग पर काबू पाया। हालांकि सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी वहां पहुंची लेकिन तक तक आग बुझा दी गई थी।

पटाखे की दुकान का लाइसेंस

एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी का कहना है कि दीपावली के दौरान पटाखे की दुकान का लाइसेंस लेकर शकील दुकान लगाने का काम करता था। मामलें की जांच की जा रही है। वहीं सीओ राजकुमार शुक्ला के मुताबिक सिलेंडर में विस्फोट होना बताया जा रहा है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

- वर्ष 1998 - मोहनलालगंज के सिसेंडी कस्बे में विस्फोट से तीन की मौत

- 12 सितंबर 2012-मोहनलालगंज के कनकहा गांव पटाखा निर्माता धुन्नी के घर विस्फोट। सायरा और शबाना की मौत

- 28 सितंबर 2012- पारा में जावेद के गोदाम में विस्फोट रुबीना और शमा की मौत

- 20 सितम्बर 2014-मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में आतिशबाज खलील के घर में विस्फोट 16 की मौत

- 4 जून 2018- काकोरी के सैथ गांव में पटाखा विक्रेता नसीर के घर विस्फोट नसीर, उसकी बेटी नसीर और एक अन्य की मौत

inextlive from Lucknow News Desk


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