जब अमिताभ बोलने लगे थे कादर खान की जुबान आैर बन गए सुपरहिट स्टार

2019-01-01T01:20:08+05:30

कादर खान अभिनय और अपने लिखे डायलाॅग्स की वजह से फिल्मों में जानें गए। वहीं इंडस्ट्री में एक ऐसा दौर भी आया जब वो अमिताभ की आवाज बन गए थे। अमिताभ को उनके लिखे इन डायलाॅग्स वे फिल्म जगत में एक अलग पहचान बनाने में मदद की। चलिए आपको बताते हैं उन्होंने अमिताभ की किन फिल्मों के डायलाॅग लिखे जिन्हें लोग आज भी उतनी ही उत्सुकता से सुनना पसंद करते हैं।

कानपुर। साल 1983 में रिलीज हुई अमिताभ की फिल्म 'कुली नंबर वन' को लोगों ने खूब सराहा और उसमें अमिताभ के डायलाॅग को भी खूब पसंद किया गया जिन्हें कादर ने ही लिखा था। इनमें से सबसे फेमस डायलाॅग था, 'बचपन से सर पर अल्लाह का हाथ और अल्लाह रख्खा है अपने साथ, बाजू पर 786 का है बिल्ला, 20 नंबर की बीड़ी पीता हूं और नाम है इकबाल।'
नटवर लाल
अमिताभ की फिल्म 'नटवर लाल' तो याद ही होगी। 1979 में रिलीज हुई इस फिल्म के एक सीन में अमिताभ भगवान से बात करते हैं जिस संवाद को कादर ने बखूबी लिखा है, वो है, 'आप हैं किस मर्ज की दवा, घर में बैठे रहते हैं, ये शेर मारना मेरा काम है? कोई मवाली स्मग्लर हो तो मारूं मैं शेर क्यों मारूं, मैं तो खिसक रहा हूं और आपमें चमत्कार नहीं है तो आप भी खिसक लो।'

सत्ते पे सत्ता

साल 1982 में रिलीज हुई अमिताभ की फिल्म 'सत्ते पे सत्ता' तो लोग अाज भी देखते हैं तो चैनल नहीं बदलते। फिल्म के एक डायलाॅग में अमिताभ छा जाते हैं जिसे कादर ने लिखा है। इस सीन में अमिताभ शराब पी कर आते हैं और कहते हैं, 'इसमें वो कहते हैं, 'दारू पीता नहीं है अपुन, क्योंकि मालूम है दारू पीने से लीवर खराब हो जाता है, लीवर।'
इस फिल्म में मिला था राष्ट्रीय पुरस्कार
1990 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'अग्निपथ' सुपर हिट थी। इसके कई संवाद कादर ने लिखे जिनसे अमिताभ का किरदार अमर हो गया। उन्हीं में से एक डायलाॅग था, 'विजय दीनानाथ चौहान, पूरा नाम, बाप का नाम दीनानाथ चौहान, मां का नाम सुहासिनी चौहान, गांव मांडवा, उम्र 36 साल 9 महीना 8 दिन और ये सोलहवां घंटा चालू है।'
मुकद्दर का सिकंदर
वहीं 1978 में आई फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ अभिनय किया था। फिल्म में कादर एक फकीर बाबा के रूप में आते हैं और अमिताभ से कहते हैं, 'सुख तो बेवफा है आता है जाता है, दुख ही अपना साथी है, अपने साथ रहता है। दुख को अपना ले तब तकदीर तेरे कदमों में होगी और तू मुक्कदर का बादशाह होगा।'

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