टिक टाक बैन यूजर हुए बेचैन

2019-04-19T06:01:01+05:30

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करोड़ लोगों ने इंडिया में यूज कर रहे थे टिक टाक ऐप

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सेकेंड का वीडियो होता है अपलोड

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अप्रैल को मद्रास हाईकोर्ट ने लगाया था बैन

यंगस्टर्स और उनके पैरेंट्स के है अपने-अपने व्यू

कोर्ट के आदेश पर एप्पल ने ऐप स्टोर और गूगल ने प्ले स्टोर से हटाया

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PRAYAGRAJ: मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादों में घिरे चाइनीज ऐप टिक टाक को गूगल ने प्ले स्टोर और एप्पल ने ऐप स्टोर पर ब्लाक कर दिया है। अब कोई भारतीय यूजर अब इस ऐप को डाउनलोड नहीं कर पाएगा। ऐप हटने की खबर मिलते ही यूजर्स बेचैन हो गए। शहर के टिक टाक यूजर्स का कहना है कि इस तरह से अचानक किसी ऐप को ब्लाक करना ठीक नहीं। ज्यादातर यूथ इसके एडिक्ट हो गए है। खाली टाइम में मस्ती के लिए कोई दूसरा आप्शन ही हमारे पास नहीं रह गया। वहीं कुछ युवाओं का कहना है कि अच्छा हुआ। कम से कम फ्रैंड्स अब फालतू का वीडियो बनाकर परेशान तो नहीं करेंगी। इन युवाओं के पैरेंट्स कोर्ट के इस कदम से बेहद खुश नजर आए।

युवाओं में था सबसे ज्यादा क्रेज

टिक टॉक का युवाओं में काफी क्रेज था। ऐप बैन होने के बाद दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने कुछ यूथ से बात की। यूथ का कहना है कि ऐप बैन होने से उनको काफी शॉक लगा है। टिक टाक बंद हो गया तो हमारा टैलेंट और मस्ती सब खत्म हो जाएगी। ये ऐप लोगों के टैलेंट को प्रमोट करने का एक अच्छा माध्यम था। साथ ही अगर कोई अपने टैलेंट के दम पर बालीवुड में भी जाना चाहता है तो उसके लिए भी ये ऐप अच्छा प्लेटफार्म साबित होता।

पोर्नोग्राफी को मिल रहा था बढ़ावा

मद्रास हाईकोर्ट ने 3 अप्रैल को केन्द्र सरकार से कहा था कि वह टिक टॉक पर बैन लगाए। यह ऐप एडल्ट कंटेंट परोस रहा है। इससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही इससे पोर्नोग्राफी और बच्चों के प्रति यौन हिंसा को बढ़ावा मिला है। ऐप को बैन करने के लिए एक जनहित याचिका दायर हुई थी। इसके बाद केन्द्र सरकार ने एप्पल और गूगल को लेटर भेजकर इस पर बैन लगाने को कहा था।

यह है टिक टॉक

टिक टाक एक ऐसा एप्लीकेशन था, जिसमें यूजर स्पेशल इफेक्ट के साथ 30 सेकेंड का वीडियो बनाकर शेयर कर सकता था। इस 30 सेकेंड में यूजर को अपना बेस्ट देना होता था। अब नए उपयोगकर्ता ऐप स्टोर से टिक टॉक ऐप को डाउनलोड नहीं कर सकेंगे। जो इस एप को पहले ही डाउनलोड कर चुके है। वे इसका इस्तेमाल जारी रख पाएंगे। एक्सपर्ट के मुताबिक टिक टाक का कोई भी मौजूदा उपयोगकर्ता ऐप को शेयरइट जैसे ऐप से साझा कर सकता है। उसके बाद इसे इंस्टॉल करके यूज किया जा सकता है।

पैरेंट्स ने बैन पर दिखाई खुशी

टिक टाक बैन होने पर शहर के कुछ लोग लोगों ने खुशी जाहिर की। खास तौर पर पैरेंट्स ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इस जरूरी बताया। पैरेंट्स का कहना था कि अक्सर बच्चे इस ऐप के जरिए लगातार मनमानी करते थे। जिससे उनकी पढ़ाई के साथ ही उनका दिमाग भी डिस्ट्रैक्ट होता था।

देश में इसकी दिवानगी हद से ज्यादा है। बच्चे अक्सर इसके चक्कर में खतरनाक स्टंट वीडियो शूट करते हैं। इसी चक्कर में एक बच्चे की जान चली गई। अक्सर एक्सीडेंट की बात सामने आती रहती है। इस पर प्रतिबंध लगने से काफी हद तक ऐसी समस्याओं पर रोक लगेगी।

वंदना सिंह

मुझे टिक टाक कभी पसंद नहीं आया। मेरे कुछ फ्रैंड्स इसका यूज करते थे। वैसे मुझे मेरी मां हमेशा अच्छे और गलत का फर्क समझाती रहती हैं। वो मेरी बेस्ट फ्रेंड हैं। ऐसे में किसी भी तरह से कुछ पूछने जानने की समस्या नहीं आती है। जिस तरह से टिक टाक की रिपोर्ट आ रही थी। इसका प्रतिबंध होना अच्छा रहा।

वंशिका सिंह

inextlive from Allahabad News Desk


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