10 सेकेंड में आंखों का हाल बताएगा टूल

2019-05-17T06:00:09+05:30

एकेटीयू ने आंखों की जांच के लिए बनाया है कंप्यूटर बेस्ड डायग्नोस्टिक टूल

रेलवे स्टेशन व सार्वजनिक स्थलों पर कियॉस्क के रूप में काम करेगा ये टूल

MEERUT अक्सर आपने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का वजन करने वाली मशीनें तो देखी ही होंगी। ठीक उसी तर्ज पर एकेटीयू द्वारा विकसित कंप्यूटर बेस्ड डायग्नोस्टिक टूल के जरिए अब लोग अपनी आंखों की जांच कर सकेंगे। एकेटीयू द्वारा बनाए इस डायग्नोस्टिक टूल के जरिए न केवल आप आंखों का रेटिना स्कैन कर सकेंगे, बल्कि 10 सेकेंड में ही डायबिटिक रेटिनोपैथी व ग्लूकोमा आदि की रिपोर्ट भी आपको मिल जाएगी। फिलहाल एकेटीयू ने इस डायग्नोस्टिक टूल को रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर कियॉस्क के रूप में लगाने के लिए सरकार से मदद भी मांगी है।

कियॉस्क की तैयारी

एकेटीयू के वैज्ञानिक (डीन रिसर्च) प्रो। एमके दत्ता के साथ यूनिवर्सिटी के 30 स्टूडेंट्स व कुछ डॉक्टर टूल को पब्लिक प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराने के लिए कियॉस्क की रुपरेखा भी तैयार कर रहे हैं। पहल का एक ही उद्देश्य है कि समय रहते डायबिटिक रेटिनोपैथी व ग्लूकोमा की पहचान और इलाज हो सके, ताकि अंधेपन से बचा जा सके।

रिसर्च में लगा एक साल

प्रो। एमके दत्ता ने बताया कि यूएसए, स्पेन, चेक रिपब्लिक समेत कई देशों के वैज्ञानिकों के साथ एक साल लंबे शोध के बाद कंप्यूटर बेस्ड यह डायग्नोस्टिक टूल तैयार किया है। यही नहीं कई स्टूडेंट्स का भी इस रिसर्च में बड़ा स्पोर्ट रहा है। इस रिसर्च के पूरा होने में और सरकार से इसे अनुमति मिलने में करीब एक साल का समय लग गया।

लोग होंगे जागरुक

दरअसल, इस टूल को विकसित करने के पीछे एकेटीयू का उद्देश्य आंखों की गंभीर बीमारी के बारे में लोगों को जागरुक करना है। डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा आंखों से जुड़े गंभीर नेत्र रोग हैं। नेत्र चिकित्सकों के अनुसार पेनलेस व लक्षण रहित होने के कारण इन बीमारियों की समय रहते पता नहीं चल पाता है। इतना ही नहीं जब बीमारी की जानकारी होती है, तब तक आंखों की रोशनी जा चुकी होती है। रिकवरी न होने से स्थाई अंधता की आशंका बढ़ जाती है।

10 सेकेंड में आएगी रिपोर्ट

यह टूल पूरी तरह ऑटोमेटिक है। इसे कोई भी सामान्य व्यक्ति संचालित कर सकता है। इसके जरिए आंखों का रैटिना स्कैन करने के महज 10 सेकेंड में जनरेट होकर निकली रिपोर्ट आंखों की स्थिति के बारे में बता देगी।

ये होगा खास

कंप्यूटर बेस्ड डायग्नोस्टिक टूल के जरिए लोग आंखों की जांच कर सकेंगे।

एकेटीयू के इस डायग्नोस्टिक टूल के जरिए आंखों की रेटिना स्कैन कर सकेंगे।

10 सेकेंड में ही डायबिटिक रेटिनोपैथी व ग्लूकोमा आदि की रिपोर्ट मिलेगी।

गांव-देहात के साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व अन्य तमाम जगहों पर जहां नेत्र विशेषज्ञों का अभाव है, वहां के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

आदेश गहलौत, रजिस्ट्रार, बीआईटी

इसे कियॉस्क का रुप दिया जा रहा है। 10 सेकेंड में जनरेट होकर निकली रिपोर्ट आंखों की स्थिति के बारे में बता देगी। ऐसी रिसर्च से दूसरे स्टूडेंट को प्रेरणा मिलेगी व यूपी ही नहीं देशभर में लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।

एसके सिंह, रजिस्ट्रार एमआईईटी

inextlive from Meerut News Desk


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