एक हेलमेट तो तीन मिलते हैं बगैर हेलमेट

2019-06-06T06:00:12+05:30

शहर में बाइक चलाने वालों की दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने किया रियलिटी चेक

10 मिनट में चार चौराहों पर ढाई सौ बाइक सवार बगैर हेलमेट मिले

वाहन पर तीन सवारी बैठाने वाले बाइक सवारों की संख्या भी अधिक

सीन-वन

अंधरापुल चौराहा

दिन- बुधवार

समय- दोपहर के सवा एक बजे

ईद को लेकर सड़क पर ट्रैफिक का दबाव दोपहर में हर दिन के अपेक्षा कम था। चौराहे पर खड़ी डीजे आई नेक्स्ट टीम ने तय किया कि बिना हेलमेट के बाइक-स्कूटी सवार को काउंट करना है। ट्रैफिक कम था तब पर भी दस मिनट में लगभग ढाई सौ बाइक सवार बिना हेलमेट नजर आए। हेलमेट लगाने वालों की संख्या इन दस मिनट में सौ से भी कम रही।

सीन-टू

मलदहिया चौराहा

दिन- बुधवार

समय- दोपहर एक बजकर 45 मिनट

यहां भी ट्रैफिक का दबाव कुछ कम रहा लेकिन फिर भी हमारे दस मिनट की पड़ताल में 50 बाइक-स्कूटी सवार हेलमेट लगाए हुए दिखे। वहीं करीब ढाई सौ से अधिक बाइक-स्कूटी सवार बिना हेलमेट के फर्राटा भर रहे थे। काफी तेज धूप होने के कारण कुछ लोगों ने सिर को गमछे और कैप से कवर कर रखा था।

सिगरा चौराहा

दिन- बुधवार

समय- दोपहर सवादो बजे

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम ने सिगरा चौराहे पर दस मिनट की पड़ताल की तो सबसे अधिक यहां बाइक-स्कूटी सवार बिना हेलमेट के कैमरे में कैद हुए। ईद त्योहार का असर था कि सड़क पर उतने वाहन नहीं दिखे जितने अमूमन यहां से हर रोज गुजरते हैं। लेकिन फिर भी दो सौ से अधिक आंकड़े को बिना हेलमेट के बाइक सवारों ने पार कर दिया।

रथयात्रा चौराहा

दिन- बुधवार

समय- दोपहर दो बजकर 45 मिनट

सबसे व्यस्ततम रथयात्रा चौराहे पर भी वाहन की संख्या जिस तेजी से बढ़ती रही बिना हेलमेट वालों की तादाद भी बढ़ती रही। दस मिनट में ढाई सौ से अधिक बिना हेलमेट के स्कूटी-बाइक सवार चौराहे से आर-पार हुए।

तो अमीर हो जाएगा विभाग

ट्रैफिक नियम और जुर्माना की राशि को कैबिनेट से पास होने के बाद दैनिक जागरण आई नेक्स्ट टीम ने बुधवार को शहर के प्रमुख चार चौराहों का सीन देखा। चौराहे का सीन यह बताने के लिए काफी है कि शहर में बिना हेलमेट के चलने वालों की संख्या कितनी है। महज, दस मिनट के अंदर में ढाई सौ बनारसी बगैर हेलमेट के शहर में वाहन दौड़ाते कैमरे में कैद किए गए। औसतन देखा जाए तो ट्रैफिक विभाग हर दस मिनट में सवा लाख रुपये का चालान सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने पर काटेगा। कैबिनेट की मंजूरी के तहत 500 रुपये बगैर हेलमेट पर जुर्माना राशि वसूल किया जाएगा। शहर में प्रमुख चौराहों की संख्या 80 के पार है।

महिलाएं सबसे अधिक

दस मिनट की पड़ताल में यह बात तो क्लीयर हो गई पुरूष जहां हेलमेट बगैर बाइक पर देखे गए तो कुछ बाइक सवार हेलमेट लगाए भी वाहन चलाते नजर आए। लेकिन स्कूटी सवार महिलाएं सौ दिखी तो सभी बिना हेलमेट के ही रहीं। यह नजारा तब देखने को मिला जबकि शहर में ईद को लेकर अधिकतर स्कूल्स-कोचिंग और ऑफिसेज में छुट्टी का दिन था। खास बात कि चौराहों पर रियलिटी चेक में ट्रिपलिंग वालों की संख्या भी अधिक रही।

बिना डीएल दौड़ा रहे वाहन

कैबिनेट में पास ट्रैफिक नियमों में बगैर डीएल के वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर भी 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। सोच लीजिए कि यदि पास में डीएल और हेलमेट दोनों नहीं है तो फिर पकड़े जाने पर 1000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। बनारस में तो इतने स्कूल्स-कालेज हैं कि यहां ट्रैफिक पुलिस खड़ी हो जाए तो दस मिनट में लाख रुपये आसानी से ठोक देगी। अधिकतर स्कूल्स-कॉलेज में नाबालिग बच्चे स्कूटी-बाइक लेकर पहुंचते हैं।

अपराध पहले अब

दूसरे को डीएल देना 100 500

डीएल नहीं होना 100 500

बिना हेलमेट वाहन चलाना 100 500

वाहन चलाते समय हेडफोन 100 500 वाहन चलाते समय मोबाइल 100 500

ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना 100 300

ट्रिपलिंग सवारी 100 300

कार में सिल्ट बेल्ट न लगाना 100 500

बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना 100 300

(नोट- एक ही अपराध दो बार करने पर जुर्माना राशि डबल हो जाएगी)

प्रदेश सरकार का यह फैसला बहुत ही अच्छा है। जुर्माना के डर से लोगों में ट्रैफिक नियमों का पालन करने की संस्कृति बढे़गी और सड़क हादसे में भी काफी कमी आएगी।

अजीत पाठक, सिगरा

ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों को अब नियम की अहमियत समझ में आएगी। इससे ट्रैफिक डिपार्टमेंट को काफी आसानी हो जाएगी। बहुत हद तक दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

राघवेंद्र केसरी, अंधरापुल

सरकार को यह कदम बहुत पहले ही उठाना चाहिए था, फिर भी फैसला जनहित में अच्छा है। इससे लोगों को हेलमेट पहनने और ट्रैफिक रूल्स फालो करने की आदत हो जाएगी।

डॉ। मनोहर लाल, काशी विद्यापीठ

हेलमेट नहीं पहनने पर जुर्माना राशि बढ़ाने का फैसला बहुत ही सराहनीय है। यह जनता हित के लिए ही लिया गया फैसला है। एक्सीडेंट में अधिकतर मौत तो हेलमेट न होने से होती है।

डंपी तिवारी, पांडेयपुर

inextlive from Varanasi News Desk


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