ट्रैफिक सिग्नल की स्मार्टनेस से राहगीर बेहाल

2019-06-10T06:00:13+05:30

90 हजार से 1 लाख वाहन प्रतिदिन गुजरते हजरतगंज चौराहे से

80 से 90 हजार वाहन गुजरते हैं सिकंदरबाग चौराहे से

30 से 40 हजार वाहनों का लोड आईजीपी चौराहे पर

- स्मार्ट सिटी के तहत लगे टाइमर का साइज छोटा, नहीं दिखता काउंटडाउन

- कई सिग्नल पेड़ों की आड़ में, राहगीरों के लिये बन रहे मुसीबत

-ट्रैफिक संचालन में कर्मियों को आ रही दिक्कत, लाइट शूट करने की घटनाएं बढ़ीं

LUCKNOW: स्मार्ट सिटी के तहत लगे सिग्नल ही अब लखनवाइट्स के लिये जी का जंजाल बन चुके हैं। लाखों खर्च कर तीन चौराहों पर लगाए गए यह स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल की स्मार्टनेस राहगीरों को रास नहीं आ रही। वजह भी साफ है, इन ट्रैफिक सिग्नल्स के टाइमर का आकार इतना छोटा है कि चौराहे के दूसरी ओर खड़े लोगों को उसका काउंटडाउन ही नहीं दिखता, जिसकी वजह से ट्रैफिक लाइट शूट करने की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह हाल अभी राजधानी के महज तीन चौराहों का है। जब यह सिग्नल शहर के 127 चौराहों पर और लग जाएंगे तो हालात क्या होंगे, इससे होने वाली परेशानी का अंदाजा लगाना मुश्किल है।

तीन चौराहों पर लग चुके हैं स्मार्ट सिग्नल

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के तीन प्रमुख चौराहों हजरतगंज, सिकंदरबाग और आईजीपी (इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान) चौराहे पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम शुरू किया गया है। इस सिस्टम के तहत स्मार्ट कैमरों के साथ-साथ सेंसरयुक्त सिग्नल लगाए गए हैं, जो नियम तोड़ने वालों पर नजर रखते हैं। स्मार्ट सिटी के तहत शहर के इन तीनों चौराहों पर अगर कोई भी वाहन सवार सिग्नल तोड़ता है या फिर रांग साइड दौड़ता है तो उसकी फोटो चौराहों पर लगने वाले स्मार्ट कैमरे में कैद हो जाती है, जिसके बाद ई-चालान सीधे उसके घर पहुंच रहा है।

छोटे टाइमर से परेशानी

स्मार्ट सिग्नल से पहले इन चौराहों पर जो सिग्नल लगे थे, उनके टाइमर का आकार ऐसा था कि उसमें काउंटडाउन चौराहे के दूसरी ओर खड़े राहगीर को आसानी से दिख जाता था, लेकिन स्मार्ट सिग्नल में लगाए गए टाइमर का आकार बेहद छोटा होने की वजह से राहगीरों को ग्रीन या रेड लाइट होने में बचे टाइम का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है। यही वजह है कि ट्रैफिक लाइट शूट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और इसके चलते लोगों को ई-चालान भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, सिकंदरबाग चौराहे पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल पेड़ की आड़ में लगा दिये गए, जिसके चलते टाइमर तो छोडि़ए राहगीरों को लाइट तक नहीं दिखाई देती।

बॉक्स.

सितंबर तक सभी चौराहों पर स्मार्ट सिग्नल

इस योजना के तहत शहर के कुल 130 चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम शुरू किया जाना है। इसमें से तीन चौराहों पर बीते दिनों स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था शुरू कर दी गई जबकि जल्द ही आलमबाग, हुसडि़या, मुंशी पुलिया, अलीगंज, खुर्रमनगर आदि चौराहों पर स्मार्ट सिग्नल सिस्टम इंस्टॉल कर दिया जाएगा। साथ ही सितंबर तक सभी 127 अन्य चौराहों पर भी स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल इंस्टॉल कर दिये जाएंगे।

यह भी जानें

- 130 चौराहों पर शुरू होना है स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम

- 3 चौराहों पर पहले चरण में व्यवस्था की गई है लागू

- 127 चौराहों पर भी सितंबर तक व्यवस्था हो जाएगी लागू

- 78 करोड़ खर्च होंगे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में

वर्जनफोटो लगाएं

स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल में टाइमर का आकार वास्तव में छोटा है। फिलहाल यह ट्रायल बेस पर काम कर रहा है। विभाग की ओर से इस पर आपत्ति भेजकर टाइमर का आकार बढ़ाने को कहा जाएगा।

पूर्णेद्र सिंह

एसपी, ट्रैफिक

inextlive from Lucknow News Desk


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