रांची का ग्रीन कॉरिडोर कामयाब दो दिन में बचाई दो जान

2019-02-07T06:02:55+05:30

क्त्रन्हृरूष्ट॥ढ्ढ: रांची ट्रैफिक पुलिस इन दिनों काफी चर्चा में है। चर्चा इनके अच्छे कामों को लेकर है। सोमवार को जहां एक 5 वर्षीया मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए उसे रांची के दीनदयाल चौक से एयरपोर्ट मात्र 10 मिनट में पहुंचाया गया था। वहीं, मंगलवार को भी एक व्यक्ति की जान इसलिए बच पाई, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस की मदद से एंबुलेंस को सही समय पर एयरपोर्ट पहुंचाया गया। रांची पुलिस ने 2 दिन में एक मासूम सहित दो लोगों की जान ग्रीन कॉरिडोर के जरिए बचाई.

8 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा मरीज

मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से एक व्यक्ति को ग्रीन कॉरिडोर बना कर एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया। ट्रैफिक एसपी के अनुसार मंगलवार की दोपहर सुजाता चौक के पास तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर को यह सूचना दी गई कि एक एंबुलेंस जो जाम में फंसी हुई है, उसका समय पर एयरपोर्ट पहुंचना काफी जरूरी है उसमें एक पेशेंट को ऑक्सीजन पर रखा गया है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए 8 मिनट में सुजाता चौक से एंबुलेंस को एयरपोर्ट पहुंचा दिया। इसके बाद एयर एंबुलेंस के जरिए मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया.

सोमवार को बच्ची की बचाई थी जान

वहीं, सोमवार को 5 वर्षीय बच्ची की जान बचाने के लिए उसे एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के एम्स अस्पताल भेजना काफी जरूरी था। जैसे ही इस बात की जानकारी रांची के ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को मिली उन्होंने तुरंत वायरलेस पर अपने ट्रैफिक जवानों को यह सूचना दी कि वे रांची के दिनदयाल चौक से लेकर एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बच्ची को एयरपोर्ट पहुंचाएं। मामले की गंभीरता को समझते हुए ट्रैफिक की टीम ने बिना जाम में फंसी बच्ची को एयरपोर्ट पहुंचाने की जिम्मेवारी उठाई और मात्र 10 मिनट में उसे एयरपोर्ट पहुंचा दिया। एयरपोर्ट जाने में दिन के समय लगभग 45 मिनट लगते हैं.

हमारा कर्तव्य है जान बचाना

दो दिन में दो मरीजों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एयरलिफ्ट करवा कर रांची ट्रैफिक पुलिस खूब वाहवाही लूट रही है। हालांकि रांची के ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर कहते हैं कि यह कोई वाहवाही लूटने की बात है ही नहीं, ये तो ट्रैफिक पुलिस का कर्तव्य है कि वह किसी भी एंबुलेंस को जाम में ना फंसने दे। क्योंकि गोल्डन आवर में अगर मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाए तो उसका जीवन बचाने का चांस ज्यादा रहता है.

क्या है ग्रीन कॉरिडोर

रांची पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से एक रिमोट कंट्रोल का निर्माण करवाया गया है। इसके जरिए जाम में फंसी एंबुलेंस को तुरंत रास्ता देने का काम किया जाता है। रिमोट के माध्यम से ट्रैफिक सिग्नल को ग्रीन कर तुरंत जाम की स्थिति को खत्म कर एंबुलेंस को पास दिया जाता है।

inextlive from Ranchi News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.