ट्रेन 18 को मिली हरी झंडी आज होगा दूसरा ट्रायल

2019-02-02T09:25:10+05:30

वाराणसी से वाया कानपुर होकर नई दिल्ली चलेगी देश की पहली बिना इंजन वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन

-2019-20 के रेल बजट में मिली मंजूरी, दिल्ली से वाराणसी के बीच आज किया जाएगा दूसरा ट्रायल

kanpur@inext.co.in
kanpur. फ्राइडे को संसद में पेश हुए 2019-20 के आम बजट में पहली मेड इन इंडिया सेमी हाई स्पीड ट्रेन टी 18 यानि वंदे भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी मिल गई है. देश की पहली बिना इंजन वाली यह ट्रेन वाराणसी से वाया प्रयागराज, कानपुर होकर दिल्ली जाएगी. ट्रेन का दूसरा ट्रॉयल सैटरडे को दिल्ली से वाराणसी के बीच में किया जाएगा. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस के चलने से दिल्ली-कानपुर रूट पर कई सेमी हाईस्पीड ट्रेनों के चलने का रास्ता साफ हो जाएगा.

10:18 बजे पहुंचेगी कानपुर
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक दूसरे ट्रायल रन में यह ट्रेन सैटरडे सुबह छह बजे दिल्ली से रवाना होगी. जोकि कानपुर में सुबह 10.18 बजे पहुंचेगी. दो मिनट के स्टॉपेज के बाद यह ट्रेन 10.20 पर प्रयाग के लिए रवाना होगी. प्रयाग में दोपहर 12.25 बजे पहुंचेगी और 12.35 पर वाराणसी के लिए रवाना होगी. यह ट्रेन वाराणसी में दोपहर 14.35 बजे पहुंचेगी. वापसी में यह ट्रेन वाराणसी से दोपहर 3 बजे दिल्ली के लिए चलेगी. प्रयाग स्टेशन पर शाम 5.00 बजे पहुंचेगी और 5.10 पर कानपुर के लिए रवाना होगी. ट्रेन कानपुर में शाम 7.05 बजे पहुंचेगी और 7.07 पर दिल्ली के लिए रवाना होगी. जिसके बाद यह ट्रेन दिल्ली में रात 11.35 बजे पहुंचेगी.

जीपीएस से लैस होगा कानपुर-लखनऊ रूट
रेल बजट में कानपुर-लखनऊ रूट को मोबाइल ट्रेन रेडियो कम्यूनिकेशन 'जीपीएस' सिस्टम से लैस करने के काम को हरी झंडी मिल चुकी है. इस सिस्टम के तहत कानपुर-लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेनों की ओरिजनल लोकेशन रेलवे व पैसेंजर्स को मिल सकेगी. इससे पैसेंजर्स को ट्रेन के इंतजार में घंटों प्लेटफार्म पर नहीं गुजारना पड़ेगा.

ट्रैक मेंटीनेंस पर विशेष ध्यान
नार्दन रेलवे जोन के पीआरओ विनोद कुमार ने बताया कि इस बजट में कानपुर-लखनऊ के बीच में कई स्थानों पर जर्जर हो चुके ट्रैक को बदलने व मेंटीनेंस के लिए भी करोड़ों का बजट पास हुआ है. बता दें कि ट्रैक जर्जर होने की वजह से रूट पर आए दिन ट्रैक फ्रैक्चर ही घटना होती रहती हैं. कई बड़ी ट्रेन दुघर्टनाएं होते-होते बची हैं. घंटों रूट बाधित रहने से ट्रेने भी प्रभावित होती हैं.


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