पोती को विदा करने की धरी रह गयी आस

2016-11-22T07:40:01+05:30

-इंदौर-पटना एक्सप्रेस में बनारस के छह लोगों ने गंवाई जान

-दोनों परिवार में शादी में शामिल होने घर आ रहे लोग हादसे का हुए शिकार

-घर में छाया मातम, शादी समारोह हुआ कैंसिल

1ड्डह्मड्डठ्ठड्डह्यद्ब@द्बठ्ठद्ग3ह्ल.ष्श्र.द्बठ्ठ

ङ्कन्क्त्रन्हृन्स्ढ्ढ

कहते हैं मालिक को जो मंजूर होता है वह होकर ही रहता है। तभी लाल जोड़े में सजी-धजी पोती को सुसराल भेजने से पहले खुद इस दुनिया से विदा हो गये। उसकी शादी में शरीक भी नहीं हो पाए। कानपुर में हुए भीषण रेल हादसे में वाराणसी के भैरवनाथ की चंवर गली के गुजराती परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। परिवार के दो सदस्य भी इस हादसे के शिकार हो गए। चंवर गली निवासी पुरुषोत्तम दास के चाचा बृजमोहन दास (80 वर्ष), बेटे जगमोहन दास (46 वर्ष) के साथ इस हादसे में चल बसे। बाप बेटे परिवार सहित भतीजे पुरुषोत्तम की बेटी की शादी में शामिल होने इंदौर से बनारस आ रहे थे। इसी बीच रविवार की तड़के कानपुर में हुए ट्रेन एक्सिडेंट में मारे गए। वहीं पत्‍‌नी लता बेन (75), बहू नीता (40) और लता की बड़ी बहन मालती बेन (78 वर्ष) कानपुर स्थिति हॉस्पिटल में एडमिट हैं। कुछ इसी तरह का हाल पिंडरा कायस्थान का भी है। यहां के संजय श्रीवास्तव, पत्‍‌नी प्रतिभा सहित बेटी सुहानी व सुरभि की हादसे में दर्दनाक मौत से घर में मातम छा गया।

मंगल गीत की जगह मातम

24 नवंबर को जिस घर में मंगल गीत गूंजने वाले थे वहां सोमवार को सन्नाटा छाया गया। चंवर गली निवासी बृजमोहन दास एकलौते बेटे जगमोहन दास, पत्‍‌नी लता बेन और बहू नीता के साथ इंदौर में रहते थे। वे अपनी पोती की शादी में शामिल होने शनिवार को इंदौर-पटना एक्सप्रेस के एस-वन कोच में सवार हो बनारस के लिए रवाना हुए लेकिन इसी बीच कानपुर के पास पुखरायां में ट्रेन दुर्घटना हो गई। जिस कोच में गुजराती परिवार सवार था उसके परखचे उड़ गए। संयोग रहा कि पत्‍‌नी, बहू और लता बेन की बड़ी बहन मालती गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बच गए लेकिन बाप-बेटे की जान चली गई। इसकी खबर रविवार को जैसे ही बनारस पहुंची पुरुषोत्तम के घर में मातम छा गया। सोमवार को मंडलीय हॉस्पीटल के मर्चरी से जैसे ही डेडबॉडी घर पहुंची महिलाओं सहित फेमिली मेंबर्स दहाड़े मारकर रोने लगे। इनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। इसको देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखे भी नम हो गयी।

डोली की जगह उठी अर्थी

जिस घर से दो दिन बाद डोली उठनी थी उस घर से सोमवार को अर्थी निकली। कायस्थान के लोग एक साथ पति-पत्‍‌नी सहित दो बेटियों की हुई मौत को लेकर सदमे में दिखे। मृत संजय के बड़े भाई कमलेश की लड़की निधि की शादी 24 नवम्बर को थी। उसी शादी में शामिल होने के लिए संजय अपने परिवार समेत इंदौर से घर आ रहा था। घटना के चलते जहां शादी का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। वहीं पूरा परिवार सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहा है। घटना के बाद अपने चाचा संजय को याद कर निधि बेहोश हो जा रही थी। उसे पड़ोस की महिलाएं संभाल रही थी।

मौत से जूझ रहा अभय

ट्रेन एक्सिडेंट में अपने माता-पिता व बहन को खो चुके अभय की भी हालत सीरियस बतायी जा रही है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। फेमिली मेंबर्स के मुताबिक उसकी हालत रविवार तक ठीक थी लेकिन सोमवार को फिर आईसीयू में रख दिया गया। सांस लेने में परेशानी होने पर वेंटिलेटर भी लगाना पड़ा। उसके साथ रह रहे उसके मामा राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि उसे अभी आईसीयू में ही रखा गया है। जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

दो बेटियां हुई गायब

ट्रेन एक्सिडेंट में बनारस की दो बेटियां भी शिकार हुई हैं। रंगील दास फाटक, चौखंभा निवासी गोपाल दास नागर की दो बेटियां इंदौर-पटना एक्सप्रेस में जर्नी कर रही थीं। एक्सिडेंट के बाद से फेमिली मेंबर्स का इनसे संपर्क टूट गया है। सोमवार दोपहर बाद तक इनका पता नहीं चल पाया था। जिसको लेकर पूरा परिवार सदमे में है। बताया जाता है कि बनारस की रहने वाली इन बेटियों की शादी इंदौर में हुई थी। जो अपने घर बनारस आ रही थीं। इस बीच एक्सिडेंट होने के बाद से इनका पता नहीं चल पा रहा है। बहरहाल फेमिली मेंबर्स कानपुर के लिए रवाना हो गए हैं।

inextlive from Varanasi News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.