वकीलों ट्रेजरी और रजिस्ट्री डिपार्टमेंट पर जड़े ताले

2014-12-17T07:03:17+05:30

- सुबह मुख्य कोषाधिकारी के कार्यालय, रजिस्ट्री कार्यालय पर डाला डेरा

- नहीं लोगों की नहीं हो सकी रजिस्ट्री, डिपार्टमेंट को हुआ काफी नुकसान

MEERUT : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर हड़ताल पर चल रहे अधिवक्ताओं ने मंगलवार को आंदोलन तेज कर दिया। सुबह करीब साढ़े दस बजे हड़ताली वकील जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और कोषागार बंद कराते हुए ताला जड़ दिया। इसके बाद मुख्य गेट पर धरना देकर बैठ गए.

और जड़ दिए ताले

घोषित कार्यक्रम के मुताबिक वकील सुबह 9 बजे कचहरी परिसर में एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट परिसर स्थित कोषागार पहुंचे और वहां ताला लगा दिया। परिसर में स्थित एनआईसी को भी बंद कराते हुए वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का बाहर कर दिया। इसके बाद अधिवक्ता कोषागार के बाहर ही धरना देकर बैठ गए। जबरन ताला खुलवाने की कोशिश पर आर- पार की लड़ाई की चेतावनी दी। नारेबाजी करते हुए वकीलों ने कहा कि अगर उनकी मांग को नहीं माना गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

लेन- देन हो गया ठप

कोषागार बंद कराने से सरकारी लेन- देन पूरी तरह ठप हो गया है। जब तक वकील बैठे रहे तब तक न तो कोई रजिस्ट्री हो सकी और न ही ट्रेजार ऑफिस में कोई काम हो सका। रजिस्ट्री के काम से आए आलोक कुमार ने बताया कि अपने मकान की रजिस्ट्री आज ही करानी थी। क्योंकि कल सुबह मुझे मुंबई के लिए जाना है। लेकिन वकीलों ही हड़ताल और ताला बंदी के कारण मुझे कल तक का वेट करना पड़ेगा। वहीं रजिस्ट्री डिपार्टमेंट को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा। ध्यान रहे कि सोमवार को हुई संघर्ष समिति की बैठक में वकीलों ने आंदोलन उग्र करने की रणनीति की घोषणा की थी.

पहले ही कर दिया था ऐलान

निर्णय लिया गया था कि क्म् दिसम्बर को अधिवक्ता कलक्ट्रेट परिसर में स्थित कोषागार पर तालाबंदी करेंगे। सुबह क्0 से लेकर शाम पांच बजे तक कोई लेन- देन नहीं होने देंगे। इनमें स्टांप खरीद आदि भी शामिल हैं। अधिवक्ताओं ने ऐलान किया था कि यदि पुलिस व प्रशासन जबरन खुलवाने का प्रयास करता है तो उसका डटकर मुकाबला किया जाएगा। लाठी और गोली खाने से भी अधिवक्ता पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने मेगा लोक अदालत के बहिष्कार की तरह ही इस कार्य में भी एकजुटता का ऐलान किया.

अब यहां होगा आंदोलन

क्7 दिसम्बर को सभी अधिवक्ता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ। लक्ष्मीकांत वाजपेयी के मोहनपुरी स्थित आवास पर सुबह क्0 से शाम पांच बजे तक धरना देंगे। क्8 दिसम्बर को मोदीपुरम में दोपहर क्ख् से ख् बजे तक हाईवे जाम करेंगे। क्9 दिसम्बर को डीएम कार्यालय पर धरना देंगे। केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक व मेरठ बार एसोसिएशन के सचिव अनिल जंगाला के मुताबिक ख्0 दिसम्बर को मुजफ्फरनगर में केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी।

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सांसदों का मुंह करो काला

हाईकोर्ट बेंच को लेकर पिछले एक माह से अधिक समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद बेंच की दिशा में अभी तक अपेक्षित सक्रियता न दिखाने पर अधिवक्ता सांसदों पर भी जमकर बरसे। उनका कहना था कि लोकसभा चुनाव से पूर्व सभी वायदा कर रहे थे। अब सभी बेंच को लेकर उदासीन बने हुए हैं। मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश चंद गुप्ता ने भी आक्रोश जताया। उन्होंने यहां तक टिप्पणी की कि यदि सांसद बेंच न दिलाएं तो उनका अब मुंह काला किया जाए। अन्य वक्ताओं ने भी बेंच को लेकर हुंकार भरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक यह आवाज पहुंचाने का आह्वान किया।

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समाप्त की जाए मंत्री शाहिद मंजूर की सदस्यता

बेंच को लेकर आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। वक्ताओं का कहना था कि मंत्री होने के बावजूद वह भी प्रयास नहीं कर रहे हैं। जबकि वह मेरठ बार एसोसिएशन के 8म् से सदस्य हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि ऐसे में उनकी बार से सदस्यता समाप्त की जाए। वहीं, कुछ अधिवक्ताओं ने यह कहा कि बेंच का पूरा मामला केंद्र सरकार से ही सम्बंधित हैं। प्रदेश सरकार की कोई भूमिका नहीं है। दूसरे, मंत्री शाहिद मंजूर ने बेंच पदाधिकारियों से वार्ता कर अपना समर्थन दिया है। ऐसे में सदस्यता समाप्त करने का कोई औचित्य नहीं है.

inextlive from Meerut News Desk


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