सुरक्षित खेती के अनुदान का खजाना खाली

2015-04-14T07:01:31+05:30

- मौसम की मार से सुरक्षित खेती ओर किसानों ने किया रुख

- जिले के 130 किसानों ने किया पॉली हाउस के लिए आवेदन

- विभाग के पास पॉली हाउस के लिए बजट नहीं, बजट का इंतजार

HARIDWAR (JNN) : बार- बार मौसम की मार से सब्जियों की फसल बर्बाद होने का दंश झेलने वाले किसान अब सुरक्षित खेती यानी पाली हाउस की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन, किसानों के रूझान व उम्मीदों को पूरा करने के लिए विभाग के पास बजट ही नहीं है। पाली हाउस लगाने में आने वाले कुल खर्च में ब्7 प्रतिशत पैसा उद्यान विभाग देता हैं। फरवरी से लेकर अभी तक उद्यान विभाग के पास क्फ्0 किसानों ने पाली हाउस लगाने के लिए आवेदन किया है.

पॉली हाउस के लिए करें इंतजार

बेमौसम बारिश, मौसम में अचानक परिवर्तन सहित आने की मार सबसे अधिक किसानों पर पड़ती है। फरवरी से लेकर अप्रैल माह में हुई बेमौसम बारिश का असर सबसे अधिक किसानों पर पड़ा। सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों को इससे खासा नुकसान झेलना पड़ा हैं। हरिद्वार जनपद में तीन हजार हेक्टेअर भूमि पर सब्जी उत्पादन होता है। सब्जी उत्पादन में जिले डेढ़ हजार से अधिक काश्तकार जुड़े हुए हैं। जबकि पाली हाउस पर सब्जी उत्पादन करने वाले काश्तकारों की संख्या ख्भ् के करीब है, जो सब्जियों का अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। मौसम की मार के बाद जिले के करीब क्फ्0 काश्तकारों ने पाली हाउस के लिए उद्यान विभाग के पास आवेदन किया। लेकिन, पाली हाउस बनाने के लिए दिये जाने वाले अनुदान के लिए विभाग के पास धनराशि ही नहीं है। ऐसे में किसानों को पाली हाउस के लिए इंतजार करना होगा।

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ये हैं पाली हाउस खेती के फायदे

- पाली हाउस एक संरक्षित खेती है।

- इसके अंतर लगी सब्जियों को जैविक एंव प्राकृतिक झंझावतों से होने वाले नुकसानों से बचाया जा सकता है.

- पाली हाउस प्रति इकाई क्षेत्र उत्पादन, उत्पादकता एवं गुणवत्ता को बढ़ा देता है।

- वर्ष भर उत्पादन को बढ़ावा देता है।

- अगेती एवं बेमौसमी सब्जी उत्पादन किया जा सकता है।

- पाली हाउस खेती एक रोजगार परख है.

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ऑफ सीजन में भी हर सब्जी

पाली हाउस खेती में ऑफ सीजन के फूल, सब्जियां उगाई जाती हैं। यह प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी सब्जी नर्सरी के उत्पादन में उपयोगी है। सरकार पाली हाउस बनाने वाले किसानों को उस पर आने वाली कीमत का लगभग ब्7 प्रतिशत अनुदान के रूप में देती है। भ्फ् प्रतिशत राशि किसान को अपने पास से लगाना पड़ता है। एक हजार वर्ग मीटर में पाली हाउस बनाने के लिए लगभग क्0 लाख रुपए का खर्च आता है। इस पर किसानों को ब्.म्7 लाख का अनुदान मिलता है। किसान क्00, ख्00, फ्00, भ्00 वर्ग मीटर भी पाली हाउस बनाने के लिए आवेदन किया है.

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पाली हाउस के बनाने के लिए काश्तकारों के आवेदन आए हैं। अभी विभाग के पास बजट नहीं हैं। ब्0 हजार वर्ग मीटर पाली हाउस का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही पैसा मिल जाएगा.

- अमर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, हरिद्वार

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