जान से तो मारा ही गड़ासे से बुरी तरह चेहरे को काट डाला

2015-10-25T07:40:47+05:30

बरेली में पहले नहीं हुई कभी इतनी बड़ी वारदात, पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारी पहुंचे

जानवर काटने के औजारों से काट दिए चेहरे व सिर, पुलिस को मिले कई फिंगर प्रिंट

BAREILLY: इंडस्ट्रियल एरिया में हुई वारदात देखकर सभी की रूह कांप जाए। बरेली जिले में इतनी बड़ी वारदात पहले कभी नहीं हुई। किला और सुरेश शर्मा नगर में ट्रिपल मर्डर हुए लेकिन इतनी बुरी तरह से कत्ल नहीं किया गया। एसके अग्रवाल, मधुलिका और अंशु के चेहरे और सिर गड़ासे से बुरी तरह से काटे गए थे। घर के मेन गेट से एंट्री करते ही रूम में पैरालाइज्ड एसके अग्रवाल की लाश पड़ी थी। फ‌र्स्ट फ्लोर पर एक केबिन में नौकरानी की लाश पीठ के बल और मधुलिका की लाश मुंह के बल एक साथ पड़ी हुई थी। तीनों लाशों को गद्दे से ढंका गया था। ताकि किसी को जल्दी पता न चल सके।

हत्यारों ने कैसे की एंट्री

हत्यारों ने कोठी में एंट्री कहां से की इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसी भी दरवाजे को तोड़ा नहीं गया है। इससे साफ है कि या तो गेट ओपन कराकर फ्रेंडली एंट्री की गई या फिर दरवाजे खुले होने पर बदमाश अंदर घुस गए। किचन में नंगे पैर निशान हैं, जिससे लग रहा है कि नौकरानी वहां से दौड़कर गई और उसे बदमाशों ने अपने कब्जे में ले लिया। उसे बचाने का मालकिन ने प्रयास किया होगा लेकिन उन पर भी वार कर दिया होगा। आशंका है कि नौकरानी से रेप भी किया गया होगा। मौके पर पहुंचे डॉग स्क्वायड ने सबसे पहले मेन गेट पर जाकर देखा और फिर वह घूमते हुए पीछे के रास्ते पर गई और फिर ठेकेदार के रूम और फिर मेन गेट के पास बने मंदिर के पीछे जाकर रूक गई। जिससे साफ है कि बदमाशों ने या तो मेन गेट या फिर पीछे के गेट से एंट्री की और फिर मंदिर के पीछे से दीवार फांदकर भाग गए। पुलिस ने मकान में रहने वाले सभी किरायेदारों के नाम पता नोट किए और पूछताछ की। ठेकेदार व उसकी पत्‍‌नी से भी पूछताछ की गई है। पुलिस का घर में रहने वाले और आने जाने वाले सभी पर शक है।

इंडस्ट्रियलिस्ट भ्ाी पहुंचे

इंडस्ट्रियल एरिया में वारदात से इंडस्ट्री के लोग भी सकते में आ गए हैं। इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के भारत भूषण शील के साथ कई व्यापारी सूचना मिलते ही पहुंच गए। इसके अलावा फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों की भी घर के बाहर भीड़ लग गई। हर कोई इस एरिया में हुई वारदात से सकते में नजर आ रहा था।

तीन साल से रह रहे थे अकेले

एसके अग्रवाल बेटी की शादी के बाद से करीब तीन साल से पत्‍‌नी और नौकरानी के साथ ही रह रहे थे। बेटा- बेटी कभी- कभार घर आता था। एसके अग्रवाल चल नहीं पाते थे। बताया जा रहा है कि मालकिन शाम के वक्त घर से घूमने निकलती थीं। इतनी बड़ी कोठी में सारी सुविधाएं मौजूद थीं। यदि बदमाशों ने लूट के लिए वारदात को अंजाम दिया है तो साफ है कि उन्होंने बड़ा हाथ मारा है।

इंडस्ट्रियल एरिया में जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है, उससे लग रहा है कि बावरिया गिरोह ने लूटपाट के लिए वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन पुलिस का यह भी शक है कि किसी ने रंजिशन या विवाद में हत्या कर वारदात को डायवर्ट करने के लिए ऐसा किया है। बावरिया गिरोह काम पूरा करने के बाद अंत में लाश के पास लेट्रिन करता है। यहां भी ऊपरी मंजिल पर मालकिन और नौकरानी के शव वाले स्थान पर कोने में लैट्रिन की गई थी।

10 दिन पहले भी पकड़ा गया था चोर

स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस को बताया कि करीब 10 दिन पहले कोठी के अंदर घुसे एक चोर को पकड़ लिया गया। उसकी लोगों ने जमकर पिटाई कर दी थी, लेकिन उसे भगा दिया गया था। इसके अलावा कई बार कोठी से सामान चोरी हो चुका है। हो सकता है कि पिटाई का बदला लेने के लिए चोर ने अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला।

घर में चल रहे थे फैन और एसी

एसके अग्रवाल की पूरी कोठी में पंखे और एसी चल रहे थे। जिससे साफ है कि बदमाशों ने कोठी के सभी 8 कमरों को खंगाला लेकिन सामान वहीं से ले गए जहां रखा जाता है। सबसे ज्यादा सामान नीचे के कमरे में बनी सेफ से बिखरा पड़ा हुआ था। इसी कमरे में एसके अग्रवाल की भी लाश पड़ी हुई थी। मौके पर बरेली फील्ड यूनिट के साथ मुरादाबाद की एफएसएल टीम भी बुला ली गई है। नीचे के सोफे पर प्रेस करे हुए कपड़े रखे थे और टेबल पर प्रेस भी रखी हुई थी जिससे लग रहा है कि आज ही प्रेस की गई। पुलिस प्रेस करने वाले के बारे में भी पता लगा रही है।

ठेकेदार की पत्‍‌नी को नहीं चला पता

ठेकेदार की पत्‍‌नी संगीता दिन में भी घर में ही रहती है। उसने पुलिस को बताया कि वह दिन में घर में ही मौजूद थी, लेकिन उसे किसी के चीखने की आवाज नहीं आई और न ही उसने किसी को अंदर आते देखा । वहीं उसके बेटे और पति ने भी किसी को नहीं देखा है।

तीन फैक्ट्री जा चुकी थी बदली

एसके अग्रवाल की फैक्ट्री कई साल पहले बंद हो चुकी थी। जिसके बाद उसमें निबाड़ फैक्ट्री ओपन की गई थी। इस फैक्ट्री को भी बंद करने के बाद कपूर की फैक्ट्री खोली गई और फिर सोया बनाने की। इस वक्त कोई भी फैक्ट्री नहीं चल रही थी। तीनों फैक्ट्री किराये पर दी गई थीं जिससे साफ लग रहा है कि किसी का कोई विवाद रहा हो। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।

प्रथमदृष्टया लूटपाट के लिए हत्याएं नजर आ रही है। कई एंगल पर जांच की जा रही है। जल्द से जल्द केस के खुलासे के प्रयास किए जाएंगे। कई टीमें लगा दी गई हैं.

विजय सिंह मीना, आईजी बरेली

कौन था बिजली ठीक करने वाला

- घर में लाइटें लगाने के लिए कोई शख्स आया था। सोफे पर लाइटिंग का सामान भी रखा हुआ मिला है। जिससे शक है कि वह पहले तो अकेले आया होगा और बाद में अपने साथियों को बुलाकर लाया होगा। पुलिस उसके बारे में भी पता लगा रही है। इसके अलावा जिस कमरे से माल लूटा गया वहां अंदर एक भाला रखा हुआ था लेकिन उससे कोई वार नहीं किया गया। जिससे साफ है कि हत्यारे हथियार साथ लाए और उसे वापस भी ले गए।

inextlive from Bareilly News Desk


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