तीन तलाक के बाद हलाला फिर भी नहीं बनाया पत्नी

2018-03-14T07:00:43+05:30

- सिख धर्म के बाद कुबूल किया था इस्लाम धर्म पति ने दिया तलाक

>BAREILLY :

बरेली में धर्म परिवर्तन कर तलाक और हलाला का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रंजीत कौर से फातिमा नूरी बनी पूर्व नगर पालिका चेयरमैन की दर्द भरी दास्ता। धर्म परिवर्तन करते ही रंजीत कौर से फातिमा नूरी बनते ही कैसे उसकी जिन्दगी तलाक, हलाला, फिर तलाकऔर फिर निकाह में उलझकर रह गई.

10 वर्ष पहले हुआ था हलाला

फातिमा नूरी, ने बताया कि वह पहले सिक्ख थी, और उनका नाम रंजीत कौर था। उसकी शादी भी सिख समुदाय में ही हुई थी, और दो बेटे भी थे। इसी बीच रंजीत की मुस्लिम युवक से दोस्ती हुई और फिर उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया। इस्लाम कबूल करने के बाद फातिमा ने इज्जतनगर निवासी में रहने वाले हाफिज खां से निकाह कर लिया। निकाह के बाद कुछ दिनों तो सब कुछ ठीकठाक चला, लेकिन बाद में फातिमा का पति उसे परेशान करने लगा और 18 साल पहले पति ने तलाक दे दिया। कुछ साल अलग रहने के बाद हाफिज को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने फिर से फातिमा से निकाह करने की बात कही। जिसके के लिए फातिमा को अपने एक दोस्त से हलाला कराया। हलाला के बाद हलाला करने वाले युवक ने उसे तीन तलाक दे दिया, और फिर फातिमा ने अपने पूर्व पति हाफिज से निकाह करने को कहा, लेकिन हाफिज ने उससे निकाह नहीं किया और 10 वर्ष से अधिक तक टालता रहा।

फातिमा पर कराया हमला

फातिमा नूरी पर एक महीने पहले उसके पति हाफिज ने हमला करा दिया। जिसकी रिपोर्ट उसने इज्जतनगर थाने में दर्ज करवाई थी। लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की अब फातिमा इंसाफ चाहती है, इसी को लेकर फातिमा ट्यूजडे को मेरा हक फाउंडेशन की संचालिका फरहत नकवी से मिली और न्याय की गुहार लगाई। पीडि़त महिलाओं को हक दिलाने के लिए मेरा हक नाम से एनजीओ चला रही है। फरहत नकवी का कहना है की फातिमा के साथ अन्याय हुआ है। जिसके लिए वो पीएम मोदी से मिलेंगी।

inextlive from Bareilly News Desk


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