खाशोग्गी हत्याकांड को इतिहास की सबसे घटिया लीपापोती बताते हुए ट्रंप प्रशासन ने किए कई सउदी अधिकारियों के वीजा रद

2018-10-24T01:49:26+05:30

सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी हत्याकांड पर अमेरिका ने सऊदी अरब के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में सऊदी के कई अधिकारियों का वीजा रद कर दिया है।

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी की हत्या को छुपाने के लिए सऊदी अरब ने इतिहास की सबसे घटिया लीपापोती का खेल खेला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कुछ बड़े सऊदी अधिकारियों के वीजा को रद कर इस मामले में अपनी पहली दंडकारी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। ट्रंप ने ओवल कार्यालय में मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, 'सऊदी का कॉन्सेप्ट बहुत ही घटिया था। इसे खराब तरीके से पेश किया गया और यह इतिहास का सबसे खराब लीपापोती का खेल था। बहुत आसान। बुरा सौदा। ऐसा कभी नहीं सोचा जाना चाहिए था। किसी ने वास्तव में गड़बड़ कर दी।'
अमेरिका ने पहली बार उठाया सख्त कदम
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ने खाशोग्गी की हत्या में शामिल कुछ सऊदी अधिकारियों की पहचान कर उनके वीजा को रद कर दिया है। उन्होंने कहा, 'अमेरिका की ओर से इस मामले पर उठाये जाने वाला ये दंड आखिरी नहीं हाेगा। हम उन संदिग्धों का जब तक पता लगा नहीं लेते तब तक ऐसे सख्त कदम उठाना जारी रखेंगे।' पोंपियो ने कहा, 'हम यह बात साफ कर देते हैं कि अमेरिका पत्रकार खाशोग्गी की हत्या को बर्दाश्त नहीं करेगा और नाही इस घटिया करतूत पर चुप बैठेगा।' उन्होंने कहा, 'अमेरिका खाशोग्गी की हत्या के लिए जिम्मेदारों का पता लगाने के लिए सभी प्रासंगिक तथ्यों की तलाश करेगा और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा। बता दें कि 60 वर्षीय पत्रकार खाशोग्गी की मौत के बाद से सऊदी अरब के खिलाफ अमेरिका ने पहली बार सख्त कार्रवाई की है।
पीछे के दरवाजे से निकले थे खाशोग्गी
गौरतलब है कि 59 वर्षीय अनुभवी पत्रकार, जमाल खाशोग्गी 2 अक्टूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करने के बाद गायब हो गए थे। वे वहां अपने तलाक के दस्तावेजो को लेने के लिए गए थे।सऊदी सरकार ने शुरू में कहा था कि वह पीछे के दरवाजे से वाणिज्य दूतावास से निकले थे लेकिन वैश्विक आक्रोश के बाद शनिवार को, सऊदी अरब ने पहली बार स्वीकार किया कि उनके एजेंटों ने खशोग्गी को मार दिया। उन्होंने कहा कि सऊदी एजेंट पत्रकार को अपने देश वापस लौटने का अनुरोध कर रहे थे लेकिन इसी बीच दोनों के बीच इस बात को लेकर विवाद हो गया और झगड़े के दौरान जमाल की मौत हो गई ।  बता दें कि जमाल खाशोग्गी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बड़े आलोचक थे और वे अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट में बतौर कॉंट्रिब्यूटर काम करते थे। वह अपने गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले साल सितंबर से अमेरिका में रह रहे थे।

पूछताछ के दौरान पत्रकार खाशोग्गी की मौत को स्वीकार कर सकता है सऊदी अरब

लापता पत्रकार जमाल खाशोग्गी के मामले में सऊदी अरब के राजा ने तुर्किश राष्ट्रपति से की बात


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.