ताजमहल में शुरू हुई टर्न स्टाइल गेट सर्विस पर्यटकों को मिलेगी राहत

2019-06-11T09:32:54+05:30

ताजमहल में दो दिन के सफल ट्रायल के बाद सोमवार को टर्न स्टाइल गेट को शुरू कर दिया गया है

- सात गेटों से होगा प्रवेश, पांच से निकासी

- तीन प्रकार के बनाए गए हैं टोकन

- तीन घंटे से ज्यादा समय बिताने पर दोबारा लेना होगा टोकन

agra@inext.co.in
AGRA: पिछले-नौ महीनों की मशक्कत के बाद अब ताज का दीदार करने आने वाले सैलानियों को सुरक्षा के साथ सहूलियत मिलेगी। दो दिन के सफल ट्रायल के बाद सोमवार को टर्न स्टाइल गेट को शुरू कर दिया गया है। इसमें पूर्वी और पश्चिमी गेट पर 12-12 प्रवेशद्वार हैं। इसमें सात गेट से प्रवेश और पांच से सैलानियों की निकासी होगी। दो दिन में जो कुछ कमियां थीं, उनको दुरुस्त कर दिया गया है।

तीन प्रकार के होंगे टोकन
ताज में टर्न स्टाइल गेट में प्रवेश के लिए तीन प्रकार के रंगों के टोकन बनाए गए हैं। इसमें ब्लू, यलो और ग्रे कलर रखा गया है। इसमें ब्लू विदेशी सैलानियों के लिए, यलो शार्क देशों के टूरिस्ट के लिए और ग्रे कलर का टोकन देशी सैलानियों के रखा गया है। सैलानियों को टिकट काउंटर से टिकट के साथ टोकन भी लेना होगा। इस टोकन से ही गेट खुलेगा। इस बारे में एएसआई के मुख्य पुरातत्वविद् डॉ। बसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि टोकन से ही गेट खुलेगा। टोकन न होने पर गेट नहीं खुल सकेगा। उन्होंने बताया कि जो ऑनलाइन टिकट लेंगे उनको उसका प्रिंट लाना होगा। उस पर बने क्य्रआर कोड कोड को मोबाइल से स्कैन करने पर गेट खुल जाएगा।

अभी तीन घंटे का शेड्यूल नहीं होगा लागू
ताज में एंट्री के लिए टर्न स्टाइल गेट तो शुरु हो गया है, लेकिन अभी तीन घंटे का शेड्यूल लागू नहीं होगा। बता दें कि टर्न स्टाइल गेट के प्रवेश के लिए टोकन तैयार किए गए है। इसी के आधार पर सॉफ्टवेयर अपलोड किया गया है। उसके अनुसार टोकन की वैलिडिटी तीन घंटे की निर्धारित की गई थी। ऐसे में जब कोई ताज के अन्दर तीन घंटे से ज्यादा गुजारता है, तो उसे अन्दर के बने दो काउंटर में से किसी एक से टोकन दोबारा लेना पड़ेगा। लेकिन अभी इस व्यवस्था को लागू नहीं किया जाएगा। अभी इस व्यवस्था को लागू होने में टाइम लगेगा।

अभी तक थी ताज में प्रवेश की ये व्यवस्था
ताज में प्रवेश के लिए अभी तक चार गेट से ही प्रवेश मिल पाता था। इसमें तीन गेट पर तो मेटल डिटेक्टर लगे थे। इन पर एएसआई और सीआईएसएफ के जवान चेकिंग करते थे। प्रवेश के दौरान लम्बी-लम्बी लाइनें लग जाती थीं, इसको लेकर आए दिन नोकझोंक हो जाती थीं। ताज की सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ के जवानों को मुस्तैदी रखनी पड़ती थी। अब टर्न स्टाइल गेट के शुरू होने से सैलानियों को जद्दोजहद से नहीं गुजरना पड़ेगा। न ही बिना ताज का दीदार किए बैरंग वापस लौटना पड़ेगा।

नौ महीने सिर्फ मीटिंग में गुजरे
मेट्रो की तर्ज पर बनाए गए टर्न स्टाइल गेट को शुरु करने के लिए पिछले नौ महीने मीटिंग में ही गुजर गए। गत महीने सांस्कृतिक मंत्री महेश शर्मा ने सर्किट हाउस में एएसआई और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग कर ताज के दोनों टर्न स्टाइल गेट को शुरु करने को कहा था, लेकिन सिद्धेश्वर मन्दिर के रास्ते को लेकर हिन्दूवादी संगठन विरोध जता रहे थे। इसके चलते टर्न स्टाइल गेट शुरु होने का मामला अधर में लटक गया था।

टर्न स्टाइल गेट को लेकर हमने दो दिन ट्रायल किया था। अभी तीन प्रकार के टोकन प्रयोग में लाए जा रहे हैं। अभी तीन घंटे की वैलेडिटी को लागू नहीं किया है। अभी व्यवस्थित होने के बाद उसको लागू किया जाएगा।

डॉ। बंसत कुमार, स्वर्णकार मुख्य पुरातत्वविद्


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