श्रीलंका राजनीतिक संकट रक्तपात के भय से लोकसभा स्पीकर आैर UN लोकतांत्रिक ढंग से संसद में हल करना चाहते हैं मामला

2018-10-30T01:19:57+05:30

राजनीतिक संकट को लेकर श्रीलंका में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी संसद के स्पीकर से मिले हैं। उन्होंने उनसे कहा है कि लोकतंत्र की मर्यादा का ख्याल रखें।

यूनाइटेड नेशंस (आईएएनएस)।  संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने श्रीलंकाई संसद के स्पीकर करू जयसूर्या से मुलाकात की और वहां चल रहे राजनीतिक संकट पर महासचिव एंटोनियो गुटेरस की चिंता जाहिर की। गुटेरस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने सोमवार को कहा, 'श्रीलंका में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर हाना सिंगर ने पार्लियामेंट के स्पीकर से मुलाकात की और उन्होंने महासचिव द्वारा भेज गए संदेश, लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक प्रावधानों और प्रक्रियाओं का सम्मान करने सहित कानून के शासन को बनाए रखने और श्रीलंका के सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधित मसलों पर जोर दिया। डुजारिक ने कहा, 'गूटेरस ने  श्रीलंका के सभी पार्टियों को संयम रखने और उनसे शांतिपूर्ण तरीके से सामने आने वाली स्थिति को संबोधित करने का आग्रह किया है।'
अमेरिका ने भी रखी अपनी बात
जयसूर्या ने सोमवार को चेतावनी देते हुए कहा था कि इस मसले को संसद में सुलझाया जाना चाहिए लेकिन अगर हम इसे सड़कों पर ले जाएंगे, तो वहां एक बड़ा रक्तपात होगा। बता दें कि 26 अक्टूबर को राष्ट्रपति मैत्रिपला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रणिल विक्रमेसिंघे को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था और उनकी जगह महिंदा राजपक्षे को नियुक्त कर लिया था। राजपक्षे, 2005 से 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रह चुके हैं और इन्होंने 25 वर्षों से चल रहे गृहयुद्ध को समाप्त कर दिया था। इसके अलावा रविवार को, अमेरिका ने भी इस मसले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि श्रीलंका की संसद को यह तय करना चाहिए कि देश का प्रधानमंत्री कौन होना चाहिए। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता हीदर नौर्ट ने कहा, 'हमारे राष्ट्रपति ने श्रीलंकन राष्ट्रपति से इस संकट को लेकर बात की है और उनसे इस मामले को जल्द ही लोकतांत्रिक ढंग से सुलझाने की बात कह है।

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