डेटा चोरी कर बनाई डुप्लीकेट फर्म केस दर्ज

2018-09-08T04:37:21+05:30

एक्सपोर्ट कंपनी का डेटा उड़ाकर बनाई डुप्लीकेट फर्म साइबर थाने में डेटा चोरी का केस दर्ज।

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DEHRADUN :
दून में साइबर फ्रॉड का एक अलग तरह का मामला सामने आया है। एक आरोपी ने एक एक्सपोर्ट कंपनी का डेटा चोरी कर लिया, इसके बाद उसने इस डेटा की मदद से अपनी डुप्लीकेट कंपनी खड़ी कर दी और व्यवसाय करने लगा। राजपुर रोड स्थित एक हैंडीक्राफ्ट कंपनी की संचालक ने पुलिस की साइबर सेल में एक व्यक्ति के खिलाफ केस रजिस्टर कराया है।

जॉब के बहाने डेटा चोरी

राजपुर रोड पर राज कश्यप नाम की महिला हैंडीक्राफ्ट कंपनी रन करती है। कंपनी द्वारा हैंडीक्राफ्ट आइटम्स एक्सपोर्ट किए जाते हैं। कंपनी संचालक ने बताया कि पिछले माह एक व्यक्ति विजय प्रभात ने उसके यहां जॉब के लिए एप्लाई किया। उसे कर्मचारियों की जरूरत थी, उसने उसे जॉब पर रख लिया। इसके बाद उसने यहां जॉब करते हुए कंपनी का पूरा डेटा उड़ा लिया और बाद में नौकरी छोड़ उसी डेटा पर बेस्ड अपनी एक्सपोर्ट कंपनी खड़ी कर ली।

एक माह में ही छोड़ दी नौकरी

कंपनी संचालक राज कश्यप ने बताया कि आरोपी विजय प्रभात ने उसकी कंपनी में सिर्फ एक महीने काम किया। इसके बाद उसने नौकरी छोड़ दी। बताया कि उसने पारिवारिक कारण से नौकरी छोडऩे की बात कही थी। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी का मकसद ही कंपनी का डेटा जुटाना था, उसने सुनियोजित तरीके से कंपनी में जॉब के लिए एप्लाई किया था और अपना मकसद पूरा कर चलता बना।
ऐसे पता चला डेटा चोरी का
विजय प्रभात ने कंपनी का डेटा चुराने के बाद इसी डेटा का उपयोग कर लीला ग्लोबल एक्सपोर्ट नाम से अपनी कंपनी खोल दी और एक्सपोर्ट का काम करने लगा। फ्रॉड का शिकार हुई महिला ने बताया कि एक दिन वह ऑनलाइन एक्सपोर्ट कंपनियों को सर्च कर रही थी, तो उसे लीला ग्लोबल एक्सपोर्ट नाम से एक कंपनी का लिंक मिला। उसने उसे चेक किया तो कंपनी का डेटा हूबहू उसकी कंपनी के डेटा की कॉपी थी। कंपनी का सिर्फ नाम चेंज था। एक्सपोर्ट कंपनी संचालक राज कश्यप ने इसकी भनक लगते ही साइबर सेल में रिपोर्ट की। उसने बताया कि किस प्रकार विजय प्रभात ने उसकी कंपनी में जॉब के लिए एप्लाई किया और उसकी कंपनी का डेटा चुराकर अपनी कंपनी खड़ी कर ली। साइबर सेल मामले की जांच में जुट गई है।
ऐसे मामलों में अपने कर्मचारियों को सभी डेटा एक्सेस करने का राइट नहीं देना चाहिए। हर कंप्यूटर पर अलग-अलग सिक्योरिटी पासवर्ड डालने चाहिए ताकि कोई डेटा न चुरा सके। सिक्योरिटी के लिए क्रिप्टोग्राफी टेक्नीक का यूज करें।
अंकुर चंद्रकांत, सीनियर साइबर एंड फोरेंसिक एक्सपर्ट, साइबर क्राइम कंट्रोल यूनिट
इस तरह की डेटा चोरी का यह पहला मामला है। वादी का कहना है कि कर्मचारी के साथ पासवर्ड शेयर करने की वजह से डेटा चोरी हुआ है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।
रिधिम अग्रवाल, एसएसपी, एसटीएफ

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