यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए वेब पोर्टल पीजी स्टूडेंट्स भी कर सकेंगे ऑनलाइन पढ़ाई

2019-05-09T10:02:19+05:30

अब पीजी स्टूडेंड्स और यूनिवर्सिटी के छात्र वेब पोर्टल से भी कर सकेंगे पढ़ाई। पीजी स्टूडेंट्स को पोर्टल से उच्च स्तरीय कोर्स मैटेरियल का लाभ मिलेगा

PATNA: पटना यूनिवर्सिटी के छात्र अब वेब पोर्टल के माध्यम से अपना 20 प्रतिशत तक का सेलेबस पूरा कर सकेंगे। हाल ही में पटना यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ रास बिहारी प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल ने इस प्रावधान को अपनी स्वीकृति दे दी है। इसमें साइंस, आर्टस और कामर्स तीनों स्ट्रीम के छात्र को इस प्रावधान का लाभ उठाने का मौका होगा। स्वंय प्रभा नामक वेब पोर्टल से यह सुविधा मिलेगी। जी सैट -15 सेटेलाइट के माध्यम इस पोर्टल से उच्च शिक्षा के कार्यक्रमों की चौबीसों घंटे टेलीकास्टिंग की सुविधा होगी। इस बाबत अपनी जरूरतों के मुताबिक कई पीजी डिपार्टमेंट ने प्रोग्राम टेलीकास्ट करने के लिए अरेंजमेंट करना शुरू कर दिया है।

चुनिंदा यूनिवर्सिटी में शामिल
ज्ञात हो कि स्वंय प्रभा पोर्टल के माध्यम से पीजी की पढ़ाई का यह बिहार में पहला प्रयोग है। मिनिस्ट्री ऑफ एचआरडी की यह पोर्टल के माध्यम से देश के अन्य यूनिवर्सिटी में भी वर्चुअल लर्निग का एक्सपीरिएंस छात्र कर रहे हैं। छात्रों में इसे लेकर उत्साह का माहौल है।

उच्च स्तरीय होगा कंटेंट
शिक्षकों की कमी और उच्च तकनीक के प्रयोग के माध्यम से उच्च शिक्षा में बेहतर बदलाव की सोच के साथ इस पोर्टल को शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम उच्च स्तरीय होगा। क्योंकि इसकी कोर्स सामाग्री यूजीसी, आईआईटी, इग्नू और नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों के द्वारा यह तैयार किया जाता है। ताकि सभी स्टूडेंट्स को सभी कंटेंट मिल सके।

पढ़ाई के साथ प्लेसमेंट पर नजर
पटना यूनिवर्सिटी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में माडर्न अप्रोच अपनाने में लगा हुआ है। पीयू के वीसी डॉ रास बिहारी प्रसाद सिंह ने कहा कि छात्र पढे़, नई चीजें सीखें और जॉब का अवसर भी प्राप्त करें, इस सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बाबत पीयू ने तीन एमओयू भी साइन किया है। इसमें इंडो-यूरोपियन एजुकेशन फाउंडेशन, पोलैंड शामिल है। इसमें एकेडमिक एक्सचेंज शामिल है। इसी प्रकार, बिहार स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथारिटी के साथ एमओयू करके सिस्मोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा। जबकि मेधा लर्निग फाउंडेशन के साथ स्किल डेवलपमेंट की शिक्षा और सुविधा विकसित करने का प्रयास होगा ताकि छात्रों को प्लेसमेंट भी मिले।

डिस्टेंस एजुकेशन के लिए
पटना यूनिवर्सिटी के पीजी कोर्सेज में यह प्रावधान सभी कोर्सेज के लिए लागू नहीं होगा। विश्वविद्यालय के द्वारा बताया गया कि चूंकि यहां सेमेस्टर सिस्टम लागू है। इसलिए यहां ऐसे कोर्सेज जो सीबीएस यानि क्रेडिट बेस्ट सिस्टम के अंतर्गत हैं, उसे शामिल नहीं किया जाएगा। क्योंकि उसमें क्लास में उपस्थिति को अनिवार्य माना गया है। क्योंकि इसमें छात्रों को क्रेडिट देने की समस्या सामने आएगी। इसलिए पोर्टल से शिक्षा का लाभ पीजी के कोर्सेज के लिए ही लागू होगा।

स्वयं प्रभा के पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा और सकारात्मक लाभ होगा। अनुभवी शिक्षकों की बातें छात्र सीख सकेंगे।

-डॉ रास बिहारी प्रसाद सिंह, वीसी, पटना यूनिवर्सिटी


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