आप के बकाए पर मिलेगी छूट

2014-01-04T10:00:00+05:30

GORAKHPUR दिल्ली में आप की सरकार ने बिजलीपानी सस्ता करने का फैसला किया तो यूपी सरकार ने भी नए साल में पब्लिक के तोहफा देने की घोषणा कर दी बिजली कंज्यूमर्स को राहत देते हुए बिजली के बकाया सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है इस फैसले से 30 हजार से अधिक गोरखपुराइट्स को राहत मिलेगी जिन पर करीब 36 करोड़ 20 लाख रुपए का सरचार्ज बकाया है

दो माह तक चलेगी यह योजना
प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली यह छूट 1 जनवरी से लेकर 28 फरवरी तक रहेगी. चार वर्ष के बाद यह योजना सिटी के लिए शुरू हुई है, इसके पहले रूरल एरियाज के लिए ही इस तरह की योजनाएं चलाई जाती रही हैं. इससे कंज्यूमर्स और इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन दोनों को लाभ होगा.
रजिस्ट्रेशन के बाद भी मिलेगा लाभ
इस छूट का लाभ लेने के लिए कंज्यूमर्स को सबसे पहले 1 हजार रुपए जमा करके रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यह रजिस्टे्रशन 1 जनवरी से 15 फरवरी तक होगा. कंज्यूमर्स द्वारा रसीद पाने के लिए दिया गया 1 हजार रुपए बिल में जुड़ जाएगा. यह रजिस्ट्रेशन फस्र्ट कम, फस्र्ट सर्व के आधार पर किया जाएगा. 15 फरवरी के बाद अगर आप पर सरचार्ज बकाया है और आपका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ होगा तो कॉर्पोरेशन आपकी बिजली काट देगा. इस योजना का लाभ लेने के लिए केवल रजिस्ट्रेशन फॉर्म स्वीकार किया जाएगा, एप्लीकेशन मान्य नहीं होगा.  
यहां कराएं रजिस्ट्रेशन
इस छूट का लाभ लेने के लिए कंज्यूमर्स अपना रजिस्ट्रेशन अपने एक्सईएन ऑफिस या एसडीओ ऑफिस में करा सकते हैं. इसके लिए कंज्यूमर्स को इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन से फार्म लेकर भरना होगा. बिना फॉर्म सबमिट किए छूट का लाभ नहीं मिलेगा. इस योजना का लाभ डिस्कनेक्टेड कंज्यूमर्स भी उठा सकते हैं.
छूट मुहर लगाएंगे एक्सईएन
इस छूट योजना में जो बिल संशोधित किया जाएगा, उसकी पूरी रिस्पांसिबिलिटी एक्सईएन की होगी. आदेश में कहा गया है कि जिन कंज्यूमर्स का रजिस्ट्रेशन होगा, उनका नया बिल एक्सईएन जारी करेंगे. इसके अलावा इस योजना में एक्सईएन रैंक से नीचे का कोई भी ऑफिसर इंवॉल्व नहीं होगा.
इतना है बकाया-
पूरे सिटी में बकाया बिजली बिल- 1 अरब 82 करोड़ 88 लाख 36 हजार रुपए  
सरचार्ज- लगभग 36 करोड़
डिविजन             बिजली बिल बकाया                                 बकाया सरचार्ज
फस्र्ट डिविजन-    50 करोड़ 86 लाख 67 लाख रुपए    -  लगभग 10 करोड़ रुपए
सेकेंड डिविजन-    64 करोड़ 5 लाख 58 हजार रुपए    -  लगभग 12 करोड़ 80 लाख रुपए
थर्ड डिविजन -     67 करोड़ 96 लाख 58 हजार रुपए      - लगभग13 करोड़ 40 लाख रुपए
हर माह तकरीबन 30-32 करोड़ का बिजली बिल बनता है, जिसमें से 23-25 करोड़ रुपए की वसूली होती है. इसके चलते करीब 7 करोड़ रुपए बकाया रह जाता है.
यह सिटी के कंज्यूमर्स के लिए बहुत फायदेमंद योजना है. बकाएदारों को इसका लाभ मिलेगा.
एसपी पांडेय, एसई महानगर विद्युत वितरण निगम


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