अमेरिका भारत को 190 मिलियन डाॅलर में देगा अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम पीएम और प्रेसिडेंट के विमान को मिलेगी सुरक्षा

2019-02-07T02:55:08+05:30

अमेरिका भारत को दो अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम बेचने के लिए तैयार हो गया है। ये मिसाइल सिस्टम भारतीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के विमान को अधिक सुरक्षित बनाएंगे।

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिका भारतीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के विमान 'एयर इंडिया वन' के लिए दो अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम बेचने के लिए तैयार हो गया है। इन मिसाइलों की अनुमानित कीमत 190 मिलियन डॉलर है। बता दें कि ये मिसाइल पीएम और प्रेसिडेंट के सुरक्षा को अधिक मजबूत बनाएंगे। पेंटागन ने कहा कि यह बिक्री यूएस-भारतीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करके अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा का समर्थन करेगी। अमेरिकी डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (डीएससीए) ने बुधवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन ने भारत को दो मिसाइल सिस्टम 'लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्रारेड काउंटरमेशर (LAIRCM)' और 'सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट (SPS) बेचने की मंजूरी दे दी है और इन्हें करीब 190 मिलियन डॉलर में खरीदा जा सकता है।

भारत सरकार ने किया था अनुरोध

बता दें कि हाल ही में भारत सरकार ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के खतरे को ध्यान में रखते हुए अमेरिका से LAIRCM और SPS मिसाइल सिस्टम बेचने का अनुरोध किया था, इसके बाद ही यूएस का यह फैसला आया है। पेंटागन ने बताया कि इस डिफेंस सिस्टम को एयर इंडिया वन की दो बोइंग 777 हेड-ऑफ-स्टेट विमान में लगाया जाएगा। बता दें कि भारत सरकार ने इस खास उद्देश्य के लिए एयर इंडिया से दो बोइंग 777 एयरक्राफ्ट खरीदने की योजना बनाई है और इनका उपयोग कमर्शियल यूज के लिए नहीं किया जाएगा।
दोनों मिसाइलों की विशेषता
LAIRCM प्रोग्राम का काम बड़े विमानों को मैन-पोर्टेबल मिसाइलों से बचाना है। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स ने बताया कि एलएआईआरसीएम सिस्टम प्लेन में एक बार इनस्टॉल होने के बाद क्रू-वार्निंग टाइम को बढ़ाता है, गलत अलार्म संख्या को कम करता है और एंडवांस्ड इंटरमीडिएट रेंज मिसाइल सिस्टम को भांपकर ऑटोमैटिकली खत्म कर देता है। इसके अलावा मिसाइल वार्निंग सबसिस्टम अंतरिक्ष संबंधी सारी जानकारी हासिल करने के लिए प्लेन में कई सेंसर का उपयोग करेगा। कुल मिलाकर, ये दोनों मिसाइल सिस्टम प्लेन में किसी भी तरह की मिसाइल और खतरे को भांप लेंगे और पायलट को उन मिसाइल के बारे में जानकारी देने के साथ उन्हें नष्ट भी करेंगे।

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