बंगला मिला न्यारा भाई ने भी दिया सहारा

2018-10-13T01:47:42+05:30

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा खाली किए गये आलीशान बंगलों को अलॉट करने में राज्य सरकार के मंत्रियों के बजाय विपक्ष के नेताओं को तरजीह मिलने लगी है

शिवपाल को मिला छह, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित बंगला

- लोहिया ट्रस्ट पर हुए कार्यक्रम में मुलायम ने दर्ज कराई मौजूदगी

- सपा के पूर्व सांसद वीरपाल से सेक्युलर मोर्चा का थामा हाथ

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा खाली किए गये आलीशान बंगलों को अलॉट करने में राज्य सरकार के मंत्रियों के बजाय विपक्ष के नेताओं को तरजीह मिलने लगी है. राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा खाली किया गया बंगला सपा विधायक व समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के नाम अलॉट कर सियासी गलियारों में कानाफूसी तेज कर दी है. छह, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले में सबसे आलीशान माना जाता है. इसे मायावती ने मुख्यमंत्री रहने के दौरान बनवाया था. हाल ही में जब पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली कराए जाने लगे तो मायावती ने विगत 30 मई को स्पीड पोस्ट से चाबी भेजकर इसे वापस कर दिया था. हालांकि राज्य संपत्ति विभाग ने दावा किया था यह बंगला फर्जी तरीके से उन्हें अलॉट किया गया था.

ताकते रह गये मंत्री
राज्य संपत्ति विभाग द्वारा शिवपाल को यह बंगला आवंटित किए जाने से राज्य सरकार के मंत्रियों को निराशा हाथ लगी है. टाइप-6 का यह बंगला बतौर विधायक शिवपाल सिंह यादव को आवंटित किया गया है. ध्यान रहे कि स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बाकायदा पत्र लिखकर खाली हुए बंगले में से किसी एक को उनके नाम आवंटित करने का अनुरोध किया था जबकि तमाम अन्य मंत्री भी इसके लिए जोर-आजमाइश कर रहे थे. शिवपाल को यह बंगला आवंटित करने के सियासी मायने भी तलाशे जाने शुरू कर दिए है. इसे आगामी लोकसभा चुनाव में यूपी में बनने वाले सियासी समीकरणों से भी जोड़ा जा रहा है. ध्यान रहे कि शिवपाल की भाजपा से बढ़ती नजदीकियों को लेकर अमर सिंह ने भी बयान दिया था कि उन्होंने शिवपाल की भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से मुलाकात का समय भी तय कर लिया था पर ऐन वक्त पर वह मिलने नहीं गये. वहीं शिवपाल ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की थी हालांकि उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था को लेकर हुई बातचीत बताया था. चर्चा है कि उन्होंने अपने दामाद के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की थी. सूत्रों की मानें तो शिवपाल इस बंगले का इस्तेमाल समाजवादी सेकुलर मोर्चा के कैंप कार्यालय के रूप में कर सकते हैं. फिलहाल वे विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा मुख्यालय के सामने अपने निजी आवास से ही सेक्युलर मोर्चा की गतिविधियां संचालित कर रहे हैं.

 

मुलायम ने दिया साथ
वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को डॉ. राममनोहर लोहिया की 51वीं पुण्यतिथि पर लोहिया ट्रस्ट में आयोजित गोष्ठी में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर शिवपाल सिंह यादव का हौसला बढ़ा दिया. इस अवसर पर मुलायम ने लोहिया की मूर्ति पर पुष्प अर्पित करने के बाद कहा कि जो भी अन्याय चाहे परिवार में हो, गांव में हो या कहीं और उसका खुलकर विरोध करना चाहिए. इस अवसर पर शिवपाल ने लोहिया के 51 भाषणों की सीडी भी जारी की. वहीं दूसरी ओर सपा से इस्तीफा देने वाले बरेली के पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को समाजवादी सेक्युलर मोर्चा की सदस्यता ग्रहण कर ली.


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