वित्तीय संसाधन बढ़ाने पर ध्यान दें नगर निकाय सीएम

2019-01-17T06:00:48+05:30

- मेयर व अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय अभिमुखीकरण वर्कशॉप की शुरुआत

- सीएम बोले, सरकार ने मेयर व बोर्ड के वित्तीय और विवेकाधीन अधिकारों का दायरा बढ़ाया

>DEHRADUN: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों के मेयर व बोर्ड के वित्तीय और विवेकाधीन अधिकारों का दायरा बढ़ा दिया गया है। वित्तीय व विवेकाधीन शक्तियां बढ़ने से नगर निकायों के मेयर व अन्य पदाधिकारियों को जनहित व विकास कार्यो में अपने कर्तव्यों के निर्वहन में आसानी होगी। उन्हें अपने सभी कार्यो के लिए शासन में नहीं आना पडे़गा। सीएम वेडनसडे को राजपुर रोड स्थित एक होटल में मेयर व अध्यक्षों के लिए आयोजित दो दिवसीय अभिमुखीकरण वर्कशॉप में बोल रहे थे।

सीएम ने दिया नागपुर शहर का उदाहरण

सीएम ने कहा कि नगर निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें व अपने वित्तीय संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। दीर्घकालीन विकास के लिए नगर निकायों का स्वावलंबी होना जरूरी है। उन्होंने नागपुर शहर का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें सीखने की जरूरत है कि यह शहर यूरीन से सालाना 85 करोड़ रुपए कमा रहा है। सीएम ने कहा कि नगर निकायों या छोटी सरकारों के जनप्रतिनिधि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। चुने हुए जनप्रतिनिधि जनप्रिय व लोकप्रिय होते हैं, जिन पर जनता ने अपना विश्वास व्यक्त किया है। सीएम ने कहा कि ऐसे मौकों की महत्ता को समझते हुए जनप्रतिनिधियों को निकायों के समुचित व सम्यक विकास के लिए गंभीरता से कार्य कर उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यो में इनोवेटिव आईडियाज पर काम करने की जरूरत है। अपने आस- पास के प्रकृति प्रदत संसाधनों का सदुपयोग करके आय बढ़ाने पर कार्य हों। कहा, आज वेस्ट को एनर्जी में बदलने की तकनीक डेवलप हो चुकी है। जिससे एविएशन फ्यूल, खाद, पीने लायक पानी व धातुएं बनती हैं। जनप्रतिनिधियों को स्पेशलिस्टों, बुद्धिजीवियों व सभी वर्गो से नए विकल्पों पर कार्य करने की जरूरत है। कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, सचिव शैलेश बगोली, मेयर दून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश अनीता मंमगाई व गढ़वाल मण्डल के नगर निकायों के अध्यक्ष भी उपस्ि1थत थे।

नदियों के संरक्षण को आएं आगे

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के बहुत से नियम व नीतियां उत्तर प्रदेश के अनुसार चल रहे थे। सरकार ने उत्तराखंड की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों, स्थितियों, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के अनुरूप नीतिगत परिवर्तन किए हैं। हमारी परिस्थितियां अलग हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में विकास हो, इसके लिए कई मानकों में शिथिलता दी गई है। सीएम ने कहा कि राज्य के अधिकतर नगर निकाय नदियों के किनारे स्थित हैं। ऐसे में इन नगर निकायों को नदियों की स्वच्छता व संरक्षण के प्रति दायित्व बढ़ाना चाहिए। स्वच्छता हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। कहा, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डोईवाला नगर पालिका ने डीआरडीओ व केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त किल वेस्ट मशीन लगाई गई है, जो हर प्रकार का कूड़ा कुछ ही देर में जला कर समाप्त कर देती है। इससे प्रदूषण भी नहीं होता है।

किल वेस्ट मशीन को अनुदान देगी सरकार

सीएम ने कहा कि किल वेस्ट मशीन लगाने के लिए राज्य सरकार निकायों को ऐसी मशीन लगाने के लिए 50 प्रतिशत का अनुदान देगी। इस मौके पर सीएम ने आवास योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए।

inextlive from Dehradun News Desk


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