गाडि़यों के सैलाब में डूब रही स्मार्ट सिटी की यातायात व्यवस्था

2018-09-10T12:07:25+05:30

मार्च 2008- 9,61,556 वाहन राजधानी की सड़कों पर

मार्च 2018- 21,72,956 वाहन राजधानी की सड़कों पर

- राजधानी में हर साल बढ़ रहे एक लाख वाहन

- बीते दस सालों में 12 लाख गाडि़यों बढ़ी राजधानी में

LUCKNOW :

तकरीबन एक लाख नए वाहन हर साल राजधानी की सड़कों पर भार बढ़ा रहे हैं। बढ़ते वाहनों की संख्या के चलते मुख्य मार्गो से लेकर गलियों तक में जाम की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। सार्वजनिक वाहनों की कमी से शहर की स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो रही है। पार्किंग में भी लोगों को वाहन खड़े करने की जगह नहीं मिल रही है। समस्या तो लगातार बढ़ रही है लेकिन इसके समाधान का विकल्प नजर नहीं आ रहा है.

क्यों बढ़ रहे वाहन

वाहनों की बढ़ती संख्या का प्रमुख कारण है कि अब आसान किश्तों में भी इन्हें खरीदा जा सकता है। पहले जब यह सुविधा नहीं थी, तो सड़कों पर वाहन कम थे। दूसरा कारण यह है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधा न होने से लोग दो पहिया या चार पहिया वाहन खरीद रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार राजधानी में बढ़ती गाडि़यों पर अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक वाहनों की उपलब्धता बढ़ानी होगी.

जागरुक करने की जरूरत

सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने के लिए लोगों को वाहनों में शेयरिंग पर चलने के लिए प्रेरित किए जाने की जरूरत है। साथ ही वाहन खरीदने की अनुमति उन्हें ही मिलनी चाहिए जिनके पास इसे खड़ा करने की जगह हो। जब ऐसा होगा तो सड़कों पर खड़े वाहनों की संख्या कम हो जाएगी और जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।

निर्धारित हो वाहनों की उम्र

वाहनों की उम्र निर्धारित करके भी इस समस्या को कम किया जा सकता है। अभी यह व्यवस्था सिर्फ कामर्शियल वाहनों के लिए ही है। वहीं पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करके भी इस समस्या को कम किया जा सकता है.

मुसीबत बन रहे रोड पर खड़े वाहन

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जहां पार्किंग की सुविधा नहीं है, वहां लोग अपने वाहन रोड पर ही खड़े करते हैं। जिससे जाम की समस्या सामने आ रही है। रिहायशी कॉलोनियों के साथ मार्केट एरिया भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं.

वाहनों के दबाव को कम करने के लिए बेहतर ट्रैफिक प्लान बनाने की जरूरत है। रोड से अतिक्रमण हटाए जाने के साथ लोगों को अपने वाहन पार्किंग में ही खड़े करने चाहिए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर होगा तो वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है.

राघवेन्द्र सिंह

एआरटीओ प्रशासन

ऐसे सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था

- मुख्य बाजारों में प्राइवेट गाडि़यां ले जाने पर लगे रोक

- व्यापारी अपना माल गोदाम- शोरूम में रात में ही पहुंचाएं

- सड़कों पर काबिज अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए

- शहर में सिटी बस की व्यवस्था को बेहतर किया जाए

- सिटी में अवैध वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद हो

inextlive from Lucknow News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.