पेनाल्टी नोटिस से वाहन मालिकों में खलबली

2018-09-12T12:01:46+05:30

10 से 15 साल पुराने वाहन चालकों को आरटीओ दे रहा पेनाल्टी नोटिस

वाहन मालिकों को आरटीओ से एनओसी लेना अनिवार्य, वरना होगी कार्रवाई

MEERUT। बीते दिनों आए आदेश के मुताबिक 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन के एनसीआर में संचालन के लिए अब परिवहन विभाग से एनओसी लेनी होगी। इस एनओसी के बाद ही वाहन एनसीआर क्षेत्र में चलने के लिए मान्य होंगे। इस आदेश के अनुपालन में आरटीओ विभाग ने 10 व 15 साल पुराने वाहन मालिकों की सूची तैयार कर पेनाल्टी नोटिस भेजना शुरु कर दिया है। इस पेनाल्टी नोटिस से वाहन मालिकों में खलबली मच गई है।

पहले सरेंडर अब पेनाल्टी नोटिस

दरअसल इस नई व्यवस्था के तहत आयु सीमा पूरी कर चुके वाहन मालिकों को अपने वाहनों के संचालन के लिए आरटीओ विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरुरी कर दिया गया है। 30 नवंबर तक यह नोटिस लेना अनिवार्य है नही तो विभाग द्वारा संचालित वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत विभाग द्वारा अब उन वाहनों को भी शामिल किया गया है जिन्होंने वाहन को आयु सीमा पूरा करने के बाद नियमानुसार सरेंडर तक कर दिया गया था। ऐसे में दो दो साल पहले सरेंडर किए हुए वाहनों का 40 से 45 हजार रुपए का नोटिस मिलने से वाहन मालिकों में खलबली मच गई है.

वसूला जा रहा जुर्माना

जो वाहन अपनी आयु पूरी कर चुके हैं उन्हें विभाग की ओर से सिर्फ रिमाइंड नोटिस भेजा जा सकता है, लेकिन विभाग द्वारा आयु सीमा पूरे कर चुके वाहनों को फिटनेस और एनओसी के लिए 50 रुपए प्रति दिन के हिसाब से पेनल्टी नोटिस भेजा जा रहा है। और खास बात यह है कि इस पेनल्टी की ऑनलाइन रसीद देने के बजाए हाथ से बनाकर कच्ची रसीद दी जा रही है।

आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों की जांच के बाद उन्हें एनओसी दी जाएगी। इसके लिए अखबारों के माध्यम से सूचना दे दी गई है बाकी जिन वाहनों का टैक्स जमा नही है केवल उन्हीं से पेनाल्टी वसूली जाती है।

श्वेता वर्मा, एआरटीओ

inextlive from Meerut News Desk


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