गूगल नहीं ले सकता गुरु का स्थान

2018-10-14T06:00:45+05:30

ट्रिपलआईटी में आयोजित 2020 प्रोग्राम में वाइस प्रेसीडेंट एम। वेंकैया नायडू ने कहा इंपावरमेंट के लिए चाहिए एजुकेशन

ALLAHABAD: मिशन 2020 चैलेंज है। इस काम को टाईमली पूरा करना होगा। आईटी हमारी कंट्री का फ्यूचर है। कंट्री को न्यू आईडियाज और न्यू इनोवेशन की जरूरत है, नहीं तो पढ़ाई करते रहने का कोई फायदा नहीं। एजुकेशन एम्पावरमेंट के लिए होनी चाहिए। हमारे यहां स्किल बेस्ड लोगों की कोई कमी नहीं है जो लोग कोई न कोई छोटा मोटा काम कर रहे हैं। उनके अंदर भी स्किल है, बस इसे इम्प्रूव करने की जरूरत है। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आईआईआईटी में आयोजित प्रोग्राम में छात्रों से मुखातिब होते हुए ये बातें कही।

तीन किमी तक पैदल जाते थे स्कूल

उपराष्ट्रपति ने समारोह में मौजूद युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए रिफार्म और परफार्म पर जोर दिया। उन्होंने फिजिकल और मेंटल एक्सरसाइज को भी जरूरी बताया। कहा कि एम के लिए ड्रीम और ड्रीम को पूरा करने के लिए हार्ड वर्क जरूरी है। खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि बचपन में अंग्रेजी स्कूल का मुंह नहीं देखा और तीन किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाते थे। बावजूद इसके वे देश के उपराष्ट्रपति इसलिए बन सके, क्योंकि हार्ड वर्क करने में कोई परहेज नहीं था.

ट्रेंड के साथ बनना होगा फेज सेटर

एम। वेंकैया नायडू ने स्टूडेंट्स से कहा कि पूरे डेडिकेशन के साथ वर्क करें और लाइफ में कमिटेड रहें। ट्रेड सेटर के साथ फेज सेटर बनना पड़ेगा और बिग टेक्नोलॉजिकल चेंज की ओर मूव करना होगा। उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि जरूरत है कि देश में सबकुछ ऑनलाइन हो। इसी में हमारा फ्यूचर है। हमें पिज्जा और बर्गर की संस्कृति से बाहर आना होगा। हमें हमारी जन्मस्थली और मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए। अंग्रेजी से आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन जो भी हमारी मातृभाषा है। उसमें बात करनी चाहिए और गर्व महसूस करना चाहिए।

कहा भाषा और भावना साथ साथ चलती है

उपराष्ट्रपति ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भाषा और भावना एक साथ चलती है। अपने गुरू को भी कभी न भूलें। गूगल कभी गुरू का स्थान नहीं ले सकता। कहा कि नेचर और कल्चर से ही बेटर फ्यूचर डिसाइड होता है। उन्होंने पीएम के स्वच्छ भारत का मतलब समझाते हुए कहा कि स्वच्छ भारत का मतलब तन, मन और धन तीनो से है। उपराष्ट्रपति ने महिलाओं का जिक्र करते हुए उनके सम्मान की बात कही। उन्होंने देश कई नदियों का नाम लेते हुए कहा कि हमारे देश में महिलाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए विभिन्न नदियों का नाम भी स्त्री के नाम पर ही है। कहा कि कृष्ण से पहले राधा और राम से पहले सीता राम का जिक्र आता है। शिक्षा को भी सरस्वती देवी कहा जाता है।

प्रोग्राम में उपराष्ट्रपति एम। वेंकैया नायडू के साथ राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह एवं मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी मौजूद रहे। ट्रिपलआईटी में शासी मंडल के अध्यक्ष रविकांत और डायरेक्टर प्रो। पी। नागभूषण ने भी मंच साझा किया। आईआईआईटी में उदघाटन- लोकर्पण

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inextlive from Allahabad News Desk


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