पिस्टल संभाल नहीं पाते चौकी कैसे संभालेंगे?

2018-11-16T06:01:12+05:30

- चौकी इंचार्ज की पिस्टल छीनकर भागा लुटेरा, चकेरी पुलिस ने लुटेरे को पकड़ा था तमंचे के साथ

- पुलिस कस्टडी में भेजा जा रहा था हॉस्पिटल, पुलिस की जीप से कूदकर भाग गया था लुटेरा

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KANPUR :

चकेरी में शातिर लुटेरा गुल्लू चौकी इंचार्ज की पिस्टल लेकर पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। इस दौरान जीप में दो- दो चौकी इंचार्ज और सिपाही बैठे के बैठे रह गए। होश आने पर पुलिस ने शातिर का पीछा किया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में शातिर घायल हो गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ लिया। अब सवाल ये उठता है कि जब चौकी इंचार्ज अपनी पिस्टल नहीं संभाल पाते हैं तो पूरी चौकी कैसे संभालते होंगे

पेट दर्द का बहाना बनाया

कृष्णानगर चौकी इंचार्ज जगदीश सैनी और जाजमऊ चौकी इंचार्ज मंसूर सिपाहियों के साथ उसको कांशीराम ट्रामा सेंटर ले जा रहे थे कि तभी रास्ते में पेट दर्द का बहाना बनाकर वो चिल्लाने लगा। जिसे देखकर जीप की स्पीड त्रिमूर्ति मंदिर के पास स्लो कर दी गई। तभी गुल्लू चौकी इंचार्ज जगदीश सैनी की कमर से पिस्टल निकालकर जीप से कूद गया और वो बेचारे देखते ही रह गए। ये पूरी चौकी कैसे संभालते होंगे? सवाल ये है कि दो स्टार वाले सब इंस्पेक्टर की कमर से शातिर अपराधी पिस्टल कैसे निकाल ले गया? खैर, दरोगा जी को होश आया और फिर पुलिस ने शातिर अपराधी का पीछा किया। अपराधी ने अपनी औकात दिखाई और पुलिस पर फायरिंग की जवाब में पुलिस ने फायरिंग की तो गोली उसके पैर में लगी और वो घायल हो गया। उसको पुलिस ने हास्पिटल में एडमिट कराया।

25 हजार का है ईनाम

जाजमऊ में रूबी टेनरी के पास रहने वाला गुल्लू उर्फ आफताब शातिर अपराधी है। वह मूलरूप से गंगाघाट उन्नाव का निवासी है। उस पर किदवईनगर, गोविंदनगर समेत कई थानों में चोरी और लूट के मुकदमे दर्ज हैं। कई मामलों में वांछित होने से उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित था। वह बुधवार रात सनिगवां गणेशपुर में किसी वारदात की फिराक में खड़ा था। तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उसके पास से पुलिस को एक तमंचा बरामद हुआ था। आ‌र्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर उसको हवालात में बंद कर दिया। गुरूवार सुबह गुल्लू ने पेट दर्द का बहाना बनाकर चिल्लाने लगा। जिसे देख कृष्णानगर चौकी इंचार्ज जगदीश सैनी और जाजमऊ चौकी इंचार्ज मंसूर समेत अन्य सिपाही जीप से उसको कांशीराम ट्रामा सेंटर ले जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक अपराधी की हालत में सुधार होने पर उसे कोर्ट में पेश कराकर जेल भेजा जाएगा।

ये इत्तिफाक है या कुछ और

पूर्व पुलिस अधिकारी बीके सिंह ने बताया कि पुलिस को ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि पुलिस मुठभेड़ में अपराधी के शरीर के ऊपरी हिस्से जैसे सीने, चेहरे आदि में गोली मारने से बचती है। पुलिस पैर में गोली मारने की कोशिश करती है, ताकि अपराधी की जान बच जाए। शहर में पिछले चार महीने में पुलिस ने मुठभेड़ में पांच बदमाशों को पकड़ा है। इसे इत्तेफाक कहेंगे कि पुलिस मुठभेड़ में इन पांचों बदमाशों के घुटने के नीचे गोली लगी। उसमें भी चार बदमाशों के दाहिने पैर के घुटने के नीचे गोली लगी है। चकेरी में इससे पहले 15 अक्टूबर को पुलिस मुठभेड़ में लुटेरा मोहसिन घायल हुआ था। पुलिस ने मोहसिन को किराना कारोबारी से लूट के आरोप में पकड़ा था। पुलिस रुपया बरामद करने के लिए उसको जीप से ले जा रही थी। तभी डीएमएसआरडी ऑफिस के पास जीप खराब हो गई। पुलिस मैकेनिक को बुलाकर जीप ठीक करवा रही थी। तभी मोहसिन एक सिपाही से एके 47 लेकर जंगल की ओर भाग गया था। पुलिस ने पीछा किया तो मोहसिन ने फायर कर दिया। जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। जिसमें मोहसिन के घुटने के नीचे गोली लग गई थी.

inextlive from Kanpur News Desk


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