कानपुर में लापता युवक की लाश मिलने पर भड़के लोगों ने सिपाही को पीटा

2018-12-13T11:29:24+05:30

कैथा गांव का रहने वाला था नौटंकी में हुए झगड़े के बाद 5 दिसम्बर से हो गया था लापता। ग्रामीणों की शिकायत पर एसपी ने चौकी इंचार्ज और सिपाही को तत्काल लाइन हाजिर किया।

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KANPUR : सजेती में सात दिन से लापता युवक की मौत पर परिजन और ग्रामीण भड़क गए। बवाल इतना बढ़ा कि गुस्साए लोगों ने सिपाही को पीट दिया। भीड़ देख चौकी इंचार्ज मौके से भाग गए। परिजन अपने बेटे के लापता होने की शिकायत पुलिस चौकी में करने गए थे। उस वक्त चौकी इंचार्ज और सिपाही ने उसको फटकार कर भगा दिया था। बुधवार सुबह युवक का शव तालाब में उतराता मिला तो ग्रामीण भड़क गए। जानकारी मिलने पर एसपी ग्रामीण और सीओ फोर्स के साथ वहां पहुंचे। ग्रामीणों की शिकायत पर चौकी इंचार्ज और सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया। परिजनों ने गांव के कुछ दबंगों पर हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

गांव में नौटंकी देखने गया था

सजेती के कैथा गांव निवासी भोला प्रसाद कुरील किसान है। परिवार में दो बेटे दिनेश, धर्मेंद्र (22) और एक बेटी है। धर्मेंद्र 5 दिसंबर को गांव में नौटंकी देखने गया था। वहां पर पूर्व प्रधान राम आसरे कुरील के साथी नरेश, सुरेश और राजू का उसके चचेरे भाई सत्येंद्र से झगड़ा हो गया। धर्मेंद्र ने बीच बचाव की कोशिश की तो तीनों पूर्व प्रधान राम आसरे कुरील और मुनेश को बुला लिया। पूर्व प्रधान और उसके साथी धर्मेंद्र को पीटने के बाद घसीटकर अपने साथ ले गए। इसके बाद से धर्मेंद्र लापता था।
चौकी से भगा दिया था
परिजनों ने आसपास ढूंढा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। परिजनों का आरोप है कि वे पुलिस चौकी गए। वहां पर चौकी इंचार्ज सत्य प्रकाश और सिपाही मनोज यादव मौजूद थे। उन्होंने धर्मेंद्र के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी की शिकायत की, लेकिन चौकी इंचार्ज और सिपाही ने उनको भगा दिया। बुधवार गांव के बाहर तालाब में धर्मेंद्र का शव मिला। ग्रामीणों ने धर्मेंद्र के परिजनों को जानकारी मिली तो तालाब किनारे पहुंच गए।
आरोपियों को पकड़ लेते तो...
वहां धर्मेंद्र की लाश को देखकर परिजन भड़क गए। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस उसी दिन आरोपियों को पकड़ लेती तो उनके बच्चे की जान बच जाती। इसी बीच चौकी इंचार्ज सत्य प्रकाश और सिपाही मनोज यादव वहां आ गए तो भड़के ग्रामीणों ने सिपाही को पीट दिया, जबकि चौकी इंचार्ज वहां से भाग गए। एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह का कहना है कि पुलिस ने पूर्व प्रधान और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।

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