लखनऊ नगर निगम का जनसंपर्क विभाग संभालेंगी विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना

2018-10-12T11:31:00+05:30

नगर निगम में ग्राउंड फ्लोर पर बैठेंगी कल्पना।

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LUCKNOW : नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अब बस इंतजार है कल्पना तिवारी के नगर निगम में ज्वॉइन करने का। वह यहां कहां बैठेंगी, यह तस्वीर भी साफ होती नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार, निगम के ग्राउंड फ्लोर पर सीढिय़ों के पास स्थित कमरे में उनके बैठने की व्यवस्था की जा सकती है। अभी इस कमरे में स्वच्छ भारत मिशन का ऑफिस है। यहां सुविधाएं भी मौजूद हैं, इसलिए यह कमरा उन्हें मिल सकता है। वहीं एक दूसरा कमरा भी इनके लिए चिन्हित किया गया है, जो समिति कक्ष के पास है। हालांकि इस कमरे में सुविधाएं नहीं हैं, जिससे शायद यह कमरा कल्पना तिवारी को न मिले।
जनसंपर्क की जिम्मेदारी
नगर निगम में कल्पना तिवारी की नियुक्ति ओएसडी के पद पर हुई है। हालांकि उन्हें चार्ज जनसंपर्क का दिया जाएगा। इसकी वजह यह है कि पहले भी जो महिला ओएसडी के पद पर तैनात थीं, उन्हें भी जनसंपर्क की ही जिम्मेदारी दी गई थी। वह पिछले साल ही रिटायर हुई थीं। उसके बाद से नगर निगम में यह पद खाली है। इसी के चलते कल्पना को भी जनसंपर्क का जिम्मा संभालना पड़ सकता है।
यह होगा वेतनमान
कल्पना तिवारी को विशेष कार्याधिकारी के पद पे-मैट्रिक्स लेविल-10, वेतनमान 56,100 - 1,77,500 रुपए पर रखा गया है। माना जा रहा है कि उन्हें पहली सैलरी करीब 63 से 64 हजार रुपए के करीब मिलेगी।
स्मार्ट सिटी का ऑफिस था
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल्पना के नाम पर जिस कमरे को अलॉट करने की तैयारी है, उसमें इस समय स्वच्छ भारत मिशन का कार्यालय है लेकिन इससे पहले यहां स्मार्ट सिटी का ऑफिस था। जबकि सबसे पहले यह कमरा चालकों के लिए बनाया गया था। इसके बाद इसे नगर आयुक्त को आने वाले पत्रों के लिए अलॉट किया गया। बाद में यह कमरा स्वच्छ वातावरण समिति के संयोजक के नाम पर अलॉट किया गया लेकिन सवाल उठने पर यहां स्मार्ट सिटी का कार्यालय बनाया गया।
कमरे में पेंच
यह बात सही है कि समिति कक्ष के पास स्थित इस कमरे में पहले ओएसडी बैठती थीं। इस कमरे में एसी और टॉयलेट की सुविधा नहीं थी, जिससे उन्हें परेशानी होती थी। कमरे में एसी लगाने की फाइल बनाई गई लेकिन एसी नहीं लगा। ऐसे में यह कमरा कल्पना को अलॉट होना मुश्किल है।
ओएसडी कल्पना को जनसंपर्क की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्हें कौन सा कमरा दिया जाएगा, इस पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही उनका कमरातय हो जायेगा।
डॉ। इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त

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