बनारस मांगे सीएनजी

2019-05-23T06:00:35+05:30

-शहर के बढ़ रही सीएनजी वाहनों की संख्या

-कार शोरूम्स में बढ़ी डिमांड, सीएनजी किट लगे ऑटो दौड़ रहे शहर में

मेट्रो शहर की तर्ज पर अब बनारस में भी लोग सीएनजी से कार दौड़ा रहे हैं। तमाम खूबियों की वजह से सीएनजी कार की डिमांड बढ़ गई है, तो शोरूम्स में आए दिन कस्टमर्स की इंक्वायरी भी तेज हो गई है। पेट्रोल-डीजल से चलने वाली पुरानी कारों में सीएनजी किट भी लगाया जा रहा है। थ्री व्हीलर कामर्शियल वाहन तो शोरूम्स से सीएनजी से लैस होकर निकल रहे हैं। सीएनजी की बढ़ती डिमांड का असर है कि बनारस में अब तक चार सीएनजी स्टेशन भी खुल गए हैं। आने वाले दिनों में पांच और सीएनजी स्टेशन खुलेंगे।

सीएनजी से चल रहे 2500 वाहन

शहर में सिटी परमिट ऑटो की संख्या करीब 4500 है। इसके अलावा करीब दो लाख कारें हैं। यह सभी वाहन सीएनजी से दौड़ेंगे तो शहर का पर्यावरण काफी बेहतर होगा। अभी शहर में लगभग 2500 वाहन सीएनजी से चल रहे हैं। इनमें से करीब एक हजार ऑटो सीएनजी से चल रहे हैं। चार स्टेशनों से प्रतिदिन 8000 किलोग्राम सीएनजी बिक रही है। पांच और स्टेशन शुरू हो जाएंगे तो सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।

फायदे ही फायदे

-सीएनजी के फायदे ही फायदे हैं इसकी वजह से वाहनों में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है

-सीएनजी के इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती दरों से जहां निजात मिल जाएगी

-वाहनों के मेंटनेंस खर्चा करीब आधा हो जाएगा।

-मिलावटी ईधन से वाहन को होने वाला नुकसान बच जाएगा

-सीएनजी से चलने वाले वाहन में सफर का सुरक्षित होता है

-डीजल और पेट्रोल से संचालित वाहनों से शहर का प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है

-सीएनजी से प्रदूषण नहीं फैलता है। इसके इस्तेमाल से प्रदूषण में कमी आएगी।

-यह किफायती और सहज ईधन है। इसके इस्तेमाल से वाहन स्वामियों के ईंधन पर होने वाले खर्च में करीब 30 से 40 परसेंट की कमी आएगी।

पर्यावरण को जीवनदान

सीएनजी का सबसे अच्छी फायदा यह है कि वाहनों से जहरीला धुआं निकलना बंद हो जाएगा। देश के प्रदूषित शहरों में शामिल बनारस में पर्यावरण के सेहत की रक्षा हो जाएगी। बनारस में जहर घोलने का काम सबसे ज्यादा वाहन ही कर रहे हैं। पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहन इसके लिए जिम्मेदार हैं। हालात इतने खतरनाक हो चुके हैं कि हरियालीविहीन होते जा रहे शहर में खुलकर सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। सीएनजी के इस्तेमाल से हवा में घुला जहर कम हो सकेगा और लोग सेहतमंद हवा में सांस ले सकेंगे।

सीएनजी कार की डिमांड तेजी से बढ़ी है। लगभग 35 से 40 गाडि़यां रोजाना बिक रही हैं। आंकलन है कि स्टेशन की संख्या और बढ़ती है तो निश्चित पूरा बनारस सीएनजी कार लेकर ही चलेगा। इससे आपकी सेफ्टी के साथ-साथ पर्यावरण भी सेहतमंद हो जाएगा।

राजीव कुमार गुप्ता, डायरेक्टर

एजीआर ऑटो मोबाइल्स

सीएनजी की डिमांड तो बढ़ी ही है, साथ में लोगों को और जागरूक करने की जरूरत है। स्टेशन की संख्याओं में और बढ़ोत्तरी होनी चाहिए, हर एरिया में एक स्टेशन होगा और उपलब्धता आसान होगी तो सीएनजी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।

अनूप अग्रवाल, डायरेक्टर

कृष्णा ह्युन्डई

सीएनजी किट लगे फोर व्हीलर की डिमांड बढ़ गई है। थ्री व्हीलर कामर्शियल वाहन 99 परसेंट सीएनजी किट लगे आ रहे हैं। आने वाले दिनों में कार में भी यही देखने को मिलेगा। सबसे अच्छी बात कि वाहन स्वामियों का मेंटनेंस खर्च कम हो जाएगा। सरकार को इस दिशा में लोगों को और जागरूक करने की जरूरत है।

गिरीश गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य

वाराणसी ऑटो डीलर एसोसिएशन

सीएनजी कार से ईधन का खर्चा लगभग 40 परसेंट तक कम हो जाएगा। मेंटनेंस खर्च में भी कमी आ जाएगी। शहर में सीएनजी कार की संख्या बढ़नी चाहिए।

डम्पी तिवारी, पांडेयपुर

सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का दूसरा नाम है सीएनजी। इसके इस्तेमाल लो शहर में स्वच्छता और हरियाली बढ़ जाएगी। हर किसी को जागरूक होकर सीएनजी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए।

मंजीत सिंह, पांडेयपुर

सीएनजी के इस्तेमाल से वाहन के ईधन का खर्च काफी कम हो जाएगा। मिलावटी ईधन से वाहन का इंजन भी खराब नहीं होगा। डीजल-पेट्रोल चलित वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं से निजात मिल जाएगी।

सुजीत पांडेय, दुर्गाकुंड

एक नजर

2500

वाहन वर्तमान में सीएनजी से चले रहे शहर में

1000

ऑटो दौड़ रहे सीएनजी किट के साथ

8000

प्रतिदिन बिक रहा है आठ हजार किग्रा सीएनजी

58.67

रुपए किग्रा है बनारस में सीएनजी की कीमत

4

खुले हैं अभी तक सीएनजी स्टेशन

5

अभी और खुलने हैं स्टेशन

-25000

में लगाया जा रहा है पुराने ऑटो में सीएनजी किट

यहां है सीएनजी स्टेशन

-केशव, डीएलडब्ल्यू

-केसरी, तरना

-मदर स्टेशन, रिंग रोड

-सुधीर आटो, सिगरा

यहां खुलेंगे नए स्टेशन

भेलूपुर,

चितईपुर,

अमरा बाईपास

पांडेयपुर

राजघाट

inextlive from Varanasi News Desk


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