वार्डन ने छात्रा को मुर्गा बनाकर पीटा फिर शौचालय में बंद किया

2015-04-12T07:02:08+05:30

- मुंह खोलने पर दी जाती है स्कूल से निकालने की धमकी

- डरी सहमी छात्राओं से पूर्व में भी हो चुकी है मारपीट

- शिकायत पर अधिकारी खानापूíत कर कर लेते हैं इतिश्री

Mawana : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में वार्डन पर छात्रा को मुर्गा बनाकर पीटने और शौचालय में बंद करने का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने घंटों हंगामा काटा। अन्य कई छात्राओं ने भी वार्डन पर जरा- जरा सी बात पर पीटने का आरोप लगाया। इस दौरान शिक्षिका ने भी रिनिवल न करने का आरोप वार्डन पर लगाया। सूचना पर एनपीआरसी पहुंचे और जांच के नाम पर खानापूíत कर मीडिया से बचते हुए निकल गए।

शौचालय में बंद करने का आरोप

विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा सोनम पुत्री लाल सिंह निवासी खेड़ी ने वार्डन शाहना परवीन द्वारा गुरुवार रात मुर्गा बनाकर पीटने और शौचालय में बंद करने का आरोप लगाते हुए अपने परिजनों को सूचना दी थी। छात्रा से जानकारी मिलने पर उसकी मां बिमलेश और बड़ी बहन रुबी शनिवार को विद्यालय पहुंची और छात्रा को घर ले जाने की बात कही। मामले का पता लगने पर मीडिया कर्मी भी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुंच गए। छात्रा व उसके परिजनों ने आपबीती सुनाई। मीडिया के पहुंचते ही वार्डन लालपीली हो गई और अभद्रता पर उतारु हो गई। पूछने पर पति की धमकी दी और कहा कि वो ही इस इस मामले में बात करेंगे।

नाम काटने की धमकी देती है

इनके अलावा मीडिया कर्मियों के सामने ही कक्षा आठ की छात्रा काजल, हुस्नोजहां ने रोते हुए वार्डन पर मामूली बात को लेकर पीटने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि वार्डन शाहाना परवीन किसी से कुछ भी बताने पर नाम काटने की धमकी देती हैं। छात्राओं ने पल्लवी मैडम को अच्छी बताते हुए कहा कि वार्डन उन्हें हटाना चाहती हैं। सोनम ने यह भी बताया कि रात में वार्डन नहीं रहतीं। खुद तो शिक्षिकाएं रात में टीवी देखती हैं और छात्राओं को कमरे में बंद कर देती हैं।

मीडिया को बुलाने का लगाया आरोप

उसी समय वार्डन ने कम्प्यूटर शिक्षिका पर मीडिया को बुलाने का आरोप लगाया। जिस पर कम्प्यूटर शिक्षिका ने झूठा आरोप लगाने की बात कहते हुए कहा कि वह इस संस्था में पिछले पांच साल से पढ़ा रही हैं। हर साल उनका रिनिवल होता है, लेकिन वार्डन पिछले एक वर्ष से उनका रिनिवल नहीं कर रही हैं। छात्राओं ने बताया कि शाम होते ही जीने में ताला लगा दिया जाता है तो फिर रात क्ख् बजे कैसे कोई छात्रा छत पर घूम सकती है।

रात में नहीं रहतीं वार्डन

छात्राओं ने आरोप लगाया कि खुद तो वार्डन शाम होते ही कुछ टीचर्स के साथ मेरठ चली जाती हैं और उन्हें कमरों में बंद कर देती है। गेट पर गार्ड रहती है। इससे उन्हें रात में डर भी लगता है मगर इसका विरोध करने पर वार्डन बहुत पिटाई करती हैं।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। दिखवाकर कार्रवाई कराई जाएगी.

- ब्रजभान सिंह,कार्यवाहक एसडीएम, मवाना

छात्रा सोनम रात में छज्जे पर घूम रही थी। इसको लेकर छात्रा को डांटा गया है। मुर्गा बनाकर पीटने व शौचालय में बंद रखने का आरोप गलत है। बच्चे को मात्र गलती पर ही फटकारा जाता है। स्कूल का नियम है कि जो अभिभावक बच्चे को घर ले जाना चाहते हैं, वह प्रार्थना पत्र लिखकर दें। सोनम के परिजन उसे बगैर प्रार्थना पत्र दिए ही ले जाना चाहते थे, जो नियम विरूद्ध है। शिक्षिका का रिनीवल न करने के आरोप पर कहा कि पल्लवी मैडम कई माह अनुपस्थित रही हैं।

- शाहना परवीन

वार्डन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मवाना

inextlive from Meerut News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.