आइए पैदलपैदल चलते हैं संगम

2019-03-19T06:00:56+05:30

- कुंभ के बाद पानी का लेवल हुआ बहुत कम, नाव चलने की भी गुंजाइश नहीं

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PRAYAGRAJ: कुंभ मेला संपन्न होने के बाद संगम क्षेत्र का नजारा पूरी तरह से बदल गया है। कुछ दिन पहले तक संगम में भरपूर पानी दिखाई दे रहा था। लेकिन अब जलधारा इतनी कम हो गई है कि नाव से नहीं बल्कि पैदल- पैदल आराम से संगम पहुंचा जा सकता है.

पानी भी पहले जैसा साफ नहीं

संगम क्षेत्र में गंगा और यमुना के मिलन स्थल पर कहीं घुटने के नीचे तो कहीं घुटने से थोड़ा ऊपर ही पानी है। ज्यादा से ज्यादा कमर के लेवल तक पानी देखने को मिल रहा है। संगम क्षेत्र में यह जलस्तर लोगों को चौंका रहा है। वहीं कुछ दिनों पहले तक जो पानी शीशे की तरह चमक रहा था। दुनिया भर से आए करोड़ों लोगों के साथ ही साधु- संतों ने भी गंगा- यमुना की जलधारा स्वच्छ होने पर बधाई दी। अब वह धारा पहले जैसी तो बिल्कुल नहीं रह गई है। कुंभ मेला के दौरान और कुंभ मेला के बाद का अंतर स्पष्ट तौर पर दिख रहा है.

टिहरी बांध से पानी हुआ बंद

कुंभ मेला के दौरान संगम में भरपूर पानी मौजूद रहे, इसकी तैयारी सितंबर- अक्टूबर में ही शुरू हो गई थी। टिहरी बांध, गंगा बैराज व अन्य बांधों से लगातार पांच से दस हजार क्यूसेक, तो कभी 50 हजार क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा था। इसकी वजह से कुंभ मेला के दौरान गंगा यमुना का जलस्तर 77.00 मीटर व 77.10 मीटर के लेवल पर मेंटेन था। लेकिन कुंभ मेला के बाद बांधों से पानी छोड़ने का सिलसिला बंद हो गया है। जिसकी वजह से जलस्तर एक बार फिर नीचे पहुंच गया है.

वर्जन-

केवल चार मार्च तक ही बांधों से पानी छोड़ने का आदेश था, जो पूरा हो चुका है। ये बात सही है कि कुंभ के बाद जलस्तर में कमी आई है, वर्तमान में जलस्तर कितना है, अभी रिकार्ड नहीं किया गया है। फिर भी गंगा- यमुना में भरपूर पानी है.

- मनोज सिंह

ईएक्सईएन

सिंचाई बाढ़ खंड

inextlive from Allahabad News Desk


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