सात साल बाद भी लादेन की मौत से जुड़े किस्‍से याद हैं मिशन में शामिल सैनिकों को

2018-05-03T13:24:57+05:30

दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकवादी और अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन अमरीकी नौसेना सील की एक टीम द्वारा पाकिस्तान के एबटाबाद में भारतीय समय के अनुसार आज से ठीक सात पहले मारा गया था। अमरीकी नेवी सील के कमांडो रॉब ओ नील ने लादेन को मार गिराने वाले मिशन को लेकर मीडिया से एक नई बात शेयर की है। उनका कहना है कि लादेन के गढ़ में पहुंचने पर उन्हें लगा था कि वह उनका आखिर ऑपरेशन होगा।

सैनिकों को लगा वे मारे जाएंगे
वाशिंगटन, (प्रेट्र)। अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को गोली मारने वाले अमरीकी नेवी सील के कमांडो रॉब ओ नील ने फॉक्स न्यूज से बातचीत करते हुए कहा कि लादेन के गढ़ में पहुंचने वाले सभी कमांडो को उस दौरान यह लगा था कि यह ऑपरेशन उनका आखिरी ऑपरेशन होगा। यहां तक कि उन्होंने अपने घर वाले को अलविदा भी कह दिया था। उस वक्त यह एक गर्व की बात थी। ऐसी टीम का हिस्सा होना मेरे लिए सम्मानजनक है।'

अफगानिस्तान पहुंचने के बाद ली चैन की सांस
उनहोंने इंटरव्यू के दौरान बताया कि पाकिस्तान में मिशन पूरा कर जब हम सभी हेलीकॉप्टर में वहां से निकले तब लगा कि हमारी जान बच सकती है। पायलट ने रेडियो के जरिये संदेश दिया कि 'सब कुछ ठीक है, आपको जानकार यह खुशी होगी कि हम अफगानिस्तान में हैं। यह सुनने के बाद यह लगा कि हमने कर दिखाया है।'
भागने के लिए रखा था चश्मा
इंटरव्यू के दौरान ओ नील ने धूप के उस चश्मे के बारे में भी बताया, जिसे उन्होंने मिशन पर जाने से पहले ख़रीदा था। उन्होंने कहा कि छापे के दौरान उनकी जेब में धूप का चश्मा था, वे सोच रहे थे कि अगर किसी कारण से मिशन फेल हो जाता है और उन्हें भागना पड़ा तो यह चश्मा उन्हें खुद को छिपाने में काफी मदद कर सकता था।



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