उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कहिए

2019-05-15T11:22:57+05:30

-डिस्ट्रिक्ट के उप स्वास्थ्य केंद्र को किया जाएगा अपग्रेड

-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने सीएमओ को भेजी लिस्ट

83 उप स्वास्थ्य केंद्र होंगे अपग्रेड

7 लाख रुपए एक केंद्र को अपग्रेड करने पर खर्च

5.81 करोड़ रुपए होंगे खर्च

3.48 करोड़ रुपए की पहली किश्त मिली

बरेली:

अब आपको घर के नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो सकेंगी। इसके लिए पहले चरण में डिस्ट्रिक्ट के 83 नए उप स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में डेवलप किया जाएगा। इसके लिए सेंट्रल से स्वीकृति भी मिल गई है। हेल्थ वेलनेस सेंटर बनने के बाद लोगों को जरूरी जांचों के लिए जिला अस्पताल तक की दौड़ लगाने से भी निजात मिल जाएगी। माना जा रहा है कि इसी महीने योजना पर काम शुरू हो सकता है।

सात लाख से डेवलप होगा केन्द्र

योजना के तहत एक केन्द्र को सात लाख रुपए खर्च कर अपग्रेड किया जाएगा। केन्द्र को अपग्रेड करने के लिए पहली किस्त भी जारी कर दी गई। शेष धनराशि केंद्र सरकार से बजट आवंटन होने के बाद आवंटित की जाएगी। पीएचसी को अपग्रेड करने का काम इसी महीने शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सीएमओ को भेजी गई सूची

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज कुमार ने सीएमओ को इस संबंध में पत्र जारी कर उपकेन्द्रों की सूची भेज दी है। सूची में डिस्ट्रिक्ट के 83 उप केन्द्र शामिल हैं। उपकेंद्र पर अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, फर्नीचर और वाहय एवं आंतरिक फैसिलिटी संबंधी कार्य कराया जाएगा। इसके अलावा जरूरी दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी।

यह मिलेंगी सुविधाएं

हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब द्वारा गर्भ की जांच, अल्बोमिन व ग्लूकोज की जांच, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, टाइफाइड आदि की जांच की सुविधा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर होगी। इसके अलावा गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संक्रामक रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल के अलावा गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, रेफरल और फॉलो-अप की व्यवस्था भी इन केन्द्रों पर होगी।

यह हैं मानक

-केंद्र सरकारी भवन में संचालित हो।

-भवन की स्थिति अच्छी हो।

-वहां एएनएम की तैनाती हो।

-बिजली-पानी की व्यवस्था हो।

-आबादी के निकट हो और अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो।

inextlive from Bareilly News Desk


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