इन 56 केसों का कौन देगा हिसाब किसी के पास नहीं है जवाब

2019-05-27T06:00:51+05:30

- चार साल मानक पूरे न होने पर सीजीएम कोर्ट में दर्ज हुआ था केस

- तीन बिल्डिंग मालिकों का अब तक निस्तारण, कोर्ट ने किया जुर्माना

mayank.srivastava@inext.co.in

LUCKNOW :

सूरत में हुए अग्निकांड में 21 स्टूडेंट्स की मौत के बाद भी राजधानी सबक नहीं ले रही है। शहर की ज्यादातर कामर्शियल बिल्डिंग मानकों के नाम पर खिलवाड़ कर रही हैं। विभाग नोटिस की कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहा है। चार साल पहले भीषण अग्निकांड के बाद फायर डिपार्टमेंट ने शहर के करीब 56 नामचीन कामर्शियल कॉम्प्लेक्स, हॉस्पिटल, होटल के खिलाफ सीजीएम कोर्ट में केस दर्ज किया था। चार साल बीतने के बाद भी न तो केस का निस्तारण हो सका और न ही मानक पूरा करने की कार्रवाई। इन 56 केसों का जवाब किसी के पास नहीं है।

सीज की अपील

चार साल में फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने ऐसे 56 भवनों की सूची सिटी मजिस्ट्रेट को सौपी थी और इन्हें सील करने की अपील की थी। लेकिन प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 133 के तहत सीजीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज करा कर मामले में फर्ज अदायगी कर दी। मामूली धारा में कार्रवाई हुई तो भवन स्वामी भी राहत की सांस लेकर चुप हो गए।

चार साल में तीन का निस्तारण

चार साल पहले सीजीएम कोर्ट में धारा 133 के तहत दर्ज केस में मात्र तीन कामर्शियल बिल्डिंग का ही निस्तारण हो सका। यह निस्तारण केवल जुर्माने तक ही सीमित रहा। बिल्डिंग ऑनर ने जुर्माने के रूप में 45 से 50 हजार रुपये कोर्ट में जमा किए और फिर मानकों से खिलवाड़ कर रहे हैं।

वर्षो से चल रहा नोटिस का खेल

फायर डिपार्टमेंट को 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है लिहाज वह नोटिस जारी कर अपनी गर्दन बचा रहा है। आग लगने के बाद उसकी जवाबदेही तय न कि जा सके इसके लिए डिपार्टमेंट पहले ही ऐसे प्रतिष्ठानों को चेतावनी नोटिस भेज देता है। जिनमें आग लगने की आशंका होती है।

बाक्स

इन होटलों को मिली नोटिस

- होटल अप्सरा, गौतमबुद्ध मार्ग

- होटल पंजाब, गुरुनानक मार्केट

- होटल उदयराज, ऐशबाग

- होटल सेतु शर्मा, चारबाग

- कावेरी, चारबाग

- राजवीर, पान दरीबा

- कृष्णा पैलेस, पान दरीबा

- स्काई हाई, ऐशबाग रोड

- अजीत, नाका

- अमरप्रेम, नाका

- लिप्सृ, नाका

- एक्सप्रेस, नाका

- स्वागत गुरुनानक मार्केट, चारबाग

- अमरप्रीत, पान दरीबा

- पाल अवध, सुभाष मार्ग

- दयाल, नाका

- मयूर, नत्था चौराहा

- रेस्ट इन, चारबाग

- हिन्दुस्तान, चारबाग

- विश्वनाथ, सुभाष मार्ग, चारबाग

बाक्स

इन पर दर्ज हैं केस

- लेखराज गोल्ड, इंदिरानगर

- लेखराज होम्स, फैजाबाद रोड

- रायल प्लाजा, रिंग रोड इंदिरानगर

- अंसल सिटी, चाइना बाजार, हजरतगंज

- अवध कंस्ट्रक्शन, पालिका बाजार, कपूरथला

- रीगल प्लाजा, रिंग रोड, इंदिरानगर

- सूर्या पैलेस, इंदिरानगर

- होटल क्लार्क अवध, हजरतगंज

- कीर्तिशेखर अपोर्टमेंट, छितवापुर

- श्रीराम टावर, अशोक मार्ग

- वाईएमसीए बिल्डिंग, राणा प्रताप रोड

- स्मार्ट बिल्डर, गौरी अपार्टमेंट, मीराबाई रोड

- एयरटेल टावर, महात्मा गांधी रोड

- गुलमर्ग अपार्टमेंट, जापलिंग रोड

- राधा कृष्ण भवन, पार्क रोड

- रोहित भवन, सप्रु मार्ग

- सर चेंबर, पार्क रोड

- यूपीटेक बिल्डिंग, राणा प्रताप मार्ग

- शगुन पैलेस, सप्रु मार्ग

- रीजेंसी प्लाजा, पार्क रोड

- गुलमोहर अपार्टमेंट, मदन मोहन मालवीय रोड

- कुसुम दीप अपार्टमेंट, चौक

- राज होटल, हुसैनगंज

- देसिया टावर, पार्क रोड

- शर्मा होटल, चारबाग

- न्यू शर्मा होटल, इंदिरानगर

- शेखर हास्पिटल, इंदिरानगर

- सरोज गोयल गोल्ड लाइन अपार्टमेंट, चिनहट

- महेश अग्रवाल सिल्वर लाइन अपार्टमेंट, फैजाबाद रोड

- सेंटर कोर्ट, पार्क रोड

- प्रीमियर बिल्डिंग, शाहनजफ रोड

- एएफ टावर, पार्क रोड

- आनंद अपार्टमेंट, महानगर

- दशमेश अपार्टमेंट, ऐशबाग

- राज अपार्टमेंट, जापलिंग रोड

- एनएस कांटीनेंटल, लाटूश रोड

- छेदीलाल वैश्य होटल, नाका

- होटल मंदाकीनी मेजवान, गौतमबुद्ध मार्ग

- होटल प्रीमियर, लालबाग

- ब्लू फाउंटेन अपार्टमेंट, फैजाबाद रोड

- गोयल प्लाजा साईधाम, फैजाबाद रोड

- जेम्स कोर्ट अपार्टमेंट, गोखले मार्ग

- दिलकश रेजीडेंसी अपार्टमेंट, मोतीनगर

- होटल पीएस कांटीनेंटल, गौतमबुद्ध मार्ग

- न्यू जनपद कॉम्प्लेक्स, अशोक मार्ग

- एसएस अपार्टमेंट, बाबू बनारसी दास नगर, छितवापुर

- डब्ल्यूआर अपार्टमेंट, जेबी बोस मार्ग

- गोयल अपार्टमेंट, नरही

- सफसर कोर्ट अपार्टमेंट, जापलिंग रोड

- बाम्बे अपार्टमेंट, हुसैनगंज

- नरही अपार्टमेंट, नरही

- पायनियर कॉम्प्लेक्स, पानदरीबा

- प्लाट नंबर 817 आवासीय भवन निर्मित, महानगर।

कोट

चार साल पहले सीजीएम कोर्ट के माध्यम से 56 बिल्डिंग ऑनर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। जिसमें तीन कामर्शियल बिल्डिंग के केस निस्तारित हो चुके हैं। बाकी केस अभी पेडिंग हैं। उन केस की पैरवी कराई जा रही है।

विजय कुमार सिंह, चीफ फायर अफसर

inextlive from Lucknow News Desk


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