यूपी के सीएम ने दिलाया इंसाफ हत्या के कलंक से बचाया

2018-12-26T06:01:11+05:30

- राखी के पति मनीष ने एसटीएफ गोरखपुर का जताया आभार, कहा कोर्ट में दिलाएंगे सजा

- राखी हत्याकांड के खुलासे पर डिलीट होने लगे फेसबुक एकाउंट

GORAKHPUR: शाहपुर मोहल्ले के सरस्वतीपुरम मोहल्ला निवासी राखी उर्फ राजेश्वरी श्रीवास्तव के मर्डर में आरोपियों की मुश्किल बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। नेपाल में अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले में आरोपितों का नाम जल्द ही शामिल हो जाएगा। एसटीएफ की मदद से नेपाल पुलिस जांच को आगे बढ़ाने में जुटी है। पत्‍‌नी के मर्डर की गुत्थी सुलझाने पर राखी के पति, बीएसएफ जवान मनीष ने यूपी के सीएम महंत योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उसने कहा है कि बाबा से गुहार लगाने पर एसटीएफ ने मामले की जांच की जिससे उसे इंसाफ मिल सका। अगर एसटीएफ मामले की तफ्तीश नहीं करती तो उसे जिंदगी भर पत्‍‌नी कीहत्या के कलंक को ढोना पड़ता। मनीष का कहना है कि पत्‍‌नी के हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए वह कोर्ट में कड़ी पैरवी करेगा।

लुंबिनी के शंकर और पोखरा के निरंजन भी राजदार

शाहपुर, सरस्वतीपुरम मोहल्ले में डॉक्टर डीपी सिंह के मकान में रहने वाली राखी उर्फ राजेश्वरी श्रीवास्तव ने फरवरी में शादी कर ली थी। बिहार, गया जिले के निवासी बीएसएफ जवान मनीष संग उसका विवाह हुआ था। जून में छुट्टी पर आए मनीष संग नेपाल घूमने गई। चार जून को काठमांडू से भैरहवा तक दोनों फ्लाइट से आए। सोनौली बॉर्डर पर ममेरे भाई के मिलने की बात कहकर राखी ने पति को गोरखपुर भेज दिया। पांच जून को दोनों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद राखी लापता हो गई। पत्‍‌नी के लापता होने पर मनीष ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन छानबीन में जुटी शाहपुर पुलिस ने उल्टे जवान के खिलाफ पत्‍‌नी के अपहरण, जानमाल की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में कार्रवाई न होते देखकर फौजी ने सीएम से गुहार लगाई। सीएम के निर्देश पर मामले की जांच में जुटी एसटीएफ ने 21 दिसंबर को केस का पर्दाफाश किया। राखी की हत्या के आरोप में एसटीएफ ने डॉक्टर डीपी सिंह, उसके सहयोगियों देश दीपक और ड्राइवर प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि राखी से डॉक्टर डीपी सिंह का पुराना संबंध था। उसकी ब्लैकमेलिंग से तंग आकर उसने अपने कर्मचारियों संग मिलकर नेपाल में राखी की हत्या कर दी। मामले की जांच में जुटी एसटीएफ को पता लगा कि लुंबिनी के शंकर और पोखरा के निरंजन की मदद से वारदात की गई। दोनों राखी हत्याकांड के राजदार हैं। डॉक्टर के साथ दूसरे वाहन से सोनौली बॉर्डर तक जाने वाले दो लोगों की तलाश में भी टीम लगी है।

करूंगा मुकदमे की पैरवी

राखी के लापता होने की सूचना देने पर शाहपुर पुलिस ने मनीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। मनीष ने बताया कि आम आदमी होता तो पुलिस उसे कब का जेल भेज चुकी होती। लेकिन फौजी होने से पुलिस ज्यादती नहीं कर सकी। इसलिए उसने सीएम सहित अन्य जगहों पर पत्र देकर मदद की गुहार लगाई। तब एसटीएफ को मामले की जांच मिली। वर्ष 2016, 15 जनवरी को मनीष की पहली बार राखी से बातचीत हुई थी। फेसबुक के जरिए राखी की छोटी बहन ने बातचीत शुरू कराई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने पर परिवार के लोग शादी के लिए तैयार हो गए। राखी ने मनीष को बताया था कि वह डीएलएट की पढ़ाई कर रही है। इसलिए वह गोरखपुर में रहती थी। राखी के लापता होने पर फौजी को आशंका थी कि परिजनों ने गायब कर दिया है ताकि वह उससे दूर हो जाए। अक्टूबर में तीन-चार दिनों के लिए जब राखी का मोबाइल ऑन हुआ तो पति ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन तब पुलिस ने उसकी बात अनसुनी कर दी। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए मनीष ने मुकदमे की पैरवी की बात कही है। मनीष का कहना है कि पूर्व में जो भी रहा हो, शादी के बाद राखी उनकी हो चुकी थी।

अंतिम बार गुस्सा हो काट दी थी कॉल

चार जून को जब मनीष अकेले गोरखपुर पहुंचे तो राखी की स्कूटी रेलवे स्टेशन के पार्किग में मिली थी। स्कूटी से वह जब सरस्वतीपुरम स्थित मकान पर गए तो वहां पड़ोसी से चाबी लेकर कमरा खोला। अगले दिन अकेले होने से वह गोरखनाथ मंदिर भी घूमने गए थे। रात में बातचीत होने के दौरान राखी ने तबियत खराब होने की बात बताई। किसी बात को लेकर हाटटॉक होने पर राखी ने फोन काट दिया। इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो सका। राखी का मोबाइल बंद होने पर जब मनीष से उसकी रिश्तेदार को फोन किया तो वह मनाली गई थी। इसलिए मनीष को गोरखपुर में कोई रिश्तेदार नहीं मिल सका था। इसलिए वह ड्यूटी पर लग गया। हालांकि शाहपुर पुलिस उसे संदेह के दायरे में रखकर जांच कर रही थी।

विवेचना बदलने की तैयारी, डिलीट हो रहे फेसबुक एकाउंट

राखी मर्डर की साजिश में शामिल रहे अन्य लोगों की तलाश में जुटी एसटीएफ कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। जांच में पता लगा है कि डॉक्टर के साथ-साथ एक गाड़ी में कुछ अन्य लोग बॉर्डर तक गए थे। पुलिस उस वाहन की तलाश में जुटी है ताकि घटना में अन्य लोगों की भूमिका की जांच हो सके। उधर घटना के पर्दाफाश के बाद से राखी सहित अन्य के फेसबुक एकाउंट डिलीट होने लगे हैं। राखी के एकाउंट से भी बहुत सी चीजें हटा दी गई थी। जबकि अन्य आरोपित भी फेसबुक यूज करते थे। उनसे भी कंटेंट गायब होने लगे हैं। साइबर एक्सप‌र्ट्स की मदद से पुलिस राखी का फेसबुक एकाउंट चलाने वाले की तलाश करेगी। जबकि डॉक्टर ने नेपाल में किस मोबाइल में किस नेपाली सिम को यूज किया था इसकी जांच भी लैबोरेट्री में कराई जाएगी।

inextlive from Gorakhpur News Desk


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