अब अपने स्मार्टफोन पर टाइप कर सकेंगे खुफिया मॉर्स कोड गूगल ने शुरू किया फीचर

2018-07-14T08:45:01+05:30

सालों पहले से कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मॉर्स कोड एक बार फिर स्मार्टफोन की दुनिया में लौट रहा है Google ने दिव्यांग लोगों के बीच बेहतर और आसान कम्‍यूनीकेशन के लिए अपने प्लेटफार्म पर यह नया टाइपिंग फीचर जोड़ा है।

एंड्रॉयड और आईफोन पर की जा सकेगी मॉर्स कोड टाइपिंग
सैन फ्रांसिस्को (आईएएनएस) दुनियाभर में मौजूद दिव्यांग लोगों को स्मार्टफोन के द्वारा आसान कम्‍युनीकेशन की सुविधा देने के लिए गूगल ने अपने टाइपिंग और वॉइस टाइपिंग टूल जीबोर्ड पर मॉर्स कोड का फंक्शन शुरू किया है। हालांकि बता दें कि यह फंक्शन iPhone के लिए उपलब्ध कराया गया है और Android यूजर्स के लिए यह पहले से ही उपलब्‍ध है और अब उसे भी बेहतर इंप्रूवमेंट के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

मॉर्स कोड टाइपिंग सिखाने के लिए गूगल ने बनाया गेम
इसी साल की शुरुआत में गूगल ने तानिया फिनलेसन के साथ मिलकर मॉर्स कोड टेक्नोलॉजी को आम लोगों तक पहुंचाने का काम शुरू किया था। तानिया मॉर्स कोड असिस्टेंट टेक्नोलॉजी की एक्सपर्ट मानी जाती हैं। गूगल के मुताबिक लोग मॉर्स कोड में टाइप करना सीख सकें, इसके लिए हमने एंड्रॉयड और आईओएस पर बकायदा इसके लिए गेम बनाया था जिसके द्वारा सिर्फ 1 घंटे से कम समय में भी लोग मॉर्स कोड टाइपिंग सीखी जा सकती है।

क्‍या है मॉर्स कोड टाइपिंग और अब किसका काम करेगी आसान?
गूगल ने अपनी आफिशियल ब्‍लॉग पोस्‍ट में बताया है कि मॉर्स कोड एक पुरानी कम्युनिकेशन तकनीक है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक पल्सेस की एक सीरीज द्वारा टेक्स्ट मैसेज भेजे जाते हैं। यह तकनीक काफी सुरक्षित मानी जाती है। यहां पर पल्सेस से मतलब उन डॉट्स या डैश से है जिनका इस्तेमाल लेखन में किया जाता है। इस तकनीक में डॉट और डैश के अलग अलग कॉम्‍बीनेशन द्वारा अक्षर और अंक लिखे जाते हैं। सालों पहले मॉर्स कोड का इस्तेमाल आमतौर पर डिफेंस या खुफिया विभाग द्वारा ही किया जाता था। पर अब हम इस टेक्नोलॉजी को सभी के लिए आसान बनाने आए हैं। हालांकि इस तकनीक द्वारा दिव्यांग लोगों को ही मुख्य रूप से फायदा होगा क्योंकि स्मार्टफोन की इस दुनिया में वही लोग पिछड़ रहे थे लेकिन यह तकनीक उन्हें फिर से सब के बराबर ले आएगी।

जीबोर्ड की मॉर्स कोड टाइपिंग में टाइप होंगे डॉट और डैश
बता दें कि Google के इस मॉर्स कोड प्रोजेक्ट में उनका साथ देने वाले तानिया फिनलेसन बचपन में सेलेब्रल पाल्सी बीमारी से पीड़ित थीं, मॉर्स कोड ने उनकी जिंदगी आसान बनाई और अब वो गूगल के साथ मिलकर दूसरे लोगों की लाइफ आसान बनाने जा रही हैं। स्मार्टफोन पर मॉर्स कोड टाइपिंग करने के लिए कीबोर्ड में जाकर मॉर्स कोड कीबोर्ड को सेलेक्ट करना होगा, इसमें नॉर्मल टाइप के की-बोर्ड की बजाय डॉट और डैश टाइप किए जाएंगे।

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