अब हवाई जहाज नहीं करेंगे शोर! NASA लेकर आया है ऐसी टेक्नोलॉजी

2018-06-27T08:41:35+05:30

हवाई जहाजों का शोर उसमें बैठने वालों को तो परेशान नहीं करता लेकिन एयरपोर्ट के आसपास मीलों दूर तक रहने वाले लोगों को जीना दूभर कर देता है। पर शायद सब जानते हैं कि हवाई जहाजों का शोर कम नहीं किया जा सकता। अब बहुत कुछ बदलने वाला है क्योंकि एक नई टेक्नोलॉजी हवाई जहाजों का शोर बहुत कम करने वाली है।

हवाई जहाजों की लैंडिग और टेकऑफ के दौरान होने वाले शोर पर लगेगा नियंत्रण

वाशिंगटन (आईएएनएस) पूरी दुनिया भर में एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले लोग हवाई जहाजों का शोर सुनकर आजिज रहते हैं, पर अब उनकी दुनिया शायद बदलने वाला है। नासा ने हाल ही में एकॉस्टिक रिसर्च मेजरमेंट के अंतर्गत एक ऐसी न्‍वाइज रिडक्‍शन टेक्नोलॉजी का सफलतापूर्वक टेस्ट किया है, जोकि बहुत ही चौकानेवाले रिजल्ट दे रही है। इस टेक्नोलॉजी द्वारा नासा ने हवाई जहाजों के इंजन के शोर को 70% तक कम करने में सफलता हासिल की है। आपको मालूम ही होगा कि हवाई जहाज बहुत शोर करते हैं आसमान में जाने के बाद भले ही उनका शोर किसी को परेशान ना करता हो लेकिन टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट और उसके आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में हवाई जहाजों का यह बेतहाशा शोर इंसानों ही नहीं जानवरों और पशु पक्षियों को भी बहुत परेशान करता है।


ऐसे काम करती है ये टेक्‍नोलॉजी

कैलिफोर्निया में नासा के आर्मस्ट्रांग फ्लाइट रिसर्च सेंटर में नासा ने हवाई जहाजों के शोर को नियंत्रित करने के लिए एक नई टेक्नोलॉजी का परीक्षण किया है। यह टेक्नोलॉजी हवाई जहाज के गैर प्रपल्शन हिस्सों द्वारा पैदा किए गए शोर पर जबरदस्त नियंत्रण कर सकती है। बता दें कि ऐसा शोर हवाई जहाज की लैंडिंग के दौरान सबसे ज्यादा महसूस होता है। नासा ने हवाई जहाजों के शोर को कम करने के लिए टेक्नोलॉजी की एक पूरी सीरीज को सफलतापूर्वक टेस्ट किया है। जिसमें हवाई जहाज के लैंडिंग गियर के शोर को कम करने के साथ ही लैंडिंग गियर का कैविटी ट्रीटमेंट फ्लेक्सिबल विंग फ्लॉप आदि में कुछ बदलाव करने की जरूरत पड़ेगी। नासा ने न्‍वाइज रिडक्‍शन टेक्नोलॉजी का यह परीक्षण गल्फ स्ट्रीम थर्ड नाम के एक रिसर्च एयरक्राफ्ट पर किया है और तकनीक का इस्तेमाल करने के बाद हवाई जहाज का शोर सत्तर परसेंट तक कम हो गया। नासा के एकॉस्टिक रिसर्च मेजरमेंट के प्रोजेक्ट मैनेजर Kevin Weinert का कहना है कि नासा की टेक्नोलॉजी वाकई बहुत ही यादगार साबित होगी और सबसे बड़ी बात यह है कि यह सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगी।

कैसे किया ये टेस्‍ट?

नासा ने गल्फ स्ट्रीम थर्ड रिसर्च एयरक्राफ्ट को कैलिफोर्निया के एडवर्ड एयर फोर्स बेस पर 350 फीट की ऊँचाई पर उड़ाया। इस दौरान इस हवाई जहाज के तमाम हिस्सों में 185 माइक्रोफोन सेंसर लगे हुए थे। हवाई जहाज की लैंडिंग के दौरान बहुत सारा शोर हवा और हवाई जहाज के घर्षण से पैदा होता है। इसे दूर करने के लिए हवाई जहाज के एयर फ्रेम में कुछ बदलाव किए गए, लैंडिंग गियर की कैविटी फिलिंग पर काम किया गया। इसके बाद हवाई जहाज और हवा के घर्षण से पैदा होने वाली आवाजों में जबरदस्त कमी आई। इस प्रोजेक्ट के मैनेजर केविन बैनर्ट के मुताबिक उनकी यह टेक्नोलॉजी आने वाले समय में एयरपोर्ट के आसपास बसे लोगों के लिए काफी सुकून देने वाली साबित होगी।

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