जब दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन में जन्मी बच्ची

2015-05-16T02:57:00+05:30

पुलिस का भी एक मानवीय चेहरा हो सकता है और दिल्ली पुलिस वाकई है मित्र पुलिस इस बात को साबित करने वाला एक खूबसूरत वाकया शुक्रवार की दोपहर दिल्ली में हुआ जब एक प्रेगनेंट सफाई कर्मचारी की सुरक्षित डिलीवरी दिल्ली पुलिस की मदद से उनकी पीसीआर वैन में हुई

हुआ कुछ यूं कि दिल्ली के शांतिवन में शुक्रवार को काम कर रही एक महिला सफाईकर्मी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई और उसके पति ने पीसीआर वैन में तैनात पुलिसकर्मियों से मदद मांगी. पुलिसकर्मी वैन से महिला को अस्पताल के लिए चल पड़े. इस दौरान महिला ने वैन में ही बच्ची को जन्म दिया. इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को कस्तूरबा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची व उसकी मां दोनों की हालत ठीक है. इस सराहनीय कार्य की जानकारी मिलने पर पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने पीसीआर में तैनात सिपाही सुनील व दीपक को पुलिस मुख्यालय में बुलाकर शाबाशी दी.

ऐसे घटी ये खूबसूरत घटना

पुलिस के मुताबिक 28 वर्षीय रेखा उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली हैं और उसके पति का नाम अजय कुमार है. रेखा के पहले से तीन बच्चे हैं. वह शांति वन में सफाई का काम करती हैं और मध्य जिले में परिवार के साथ रहती हैं. शुक्रवार को रेखा शांतिवन में झाड़ू लगा रही थी जब करीब तीन बजे उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई. संयोग से पति अजय भी शांतिवन में ही था. पत्नी को कराहता देख घबराया हुआ अजय ऑटो की तलाश में शांतिवन से बाहर आया.
सड़क पर आते ही उसे दिल्ली पुलिस की पीसीआर दिखी. उसने उसे रोक सारी बात बताई और पीसीआर के ड्राइवर, एक गनमैन और कांस्टेबल मदद करने को तुरंत तैयार हो गए. दोनों पीसीआर लेकर शांतिवन के गेट पर आ गए. रेखा को स्टेचर पर लिटाया और शांतिवन में मौजूद तीन अन्य महिलाओं के साथ वैन में लेकर कस्तूरबा गांधी अस्पताल के लिए चल पड़े. रास्ते में ही रेखा ने एक बच्ची को जन्म दिया. जिसके रोने की अवाज सुन कर पुलिसकर्मियों ने अजय को बधाई भी दी.
60 हजार घायलों को पहुंचाया अस्पताल
पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) दिल्ली वासियों के लिए लाइफ लाइन से कम नहीं है. सर्दी, गर्मी या फिर बरसात, दिन हो या रात पीसीआर को जब भी कॉल मिलती है तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाती है. वर्ष 2013 में पीसीआर ने 30,130 घायलों को नजदीक के अस्पतालों में पहुंचाकर उनकी जान बचाई. पिछले वर्ष 58,881 घायलों को नजदीक के अस्पतालों में पहुंचाया. दिल्ली सरकार के पास एंबुलेंस की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन निष्काम भाव से जिम्मेदारी निभा रही है. दिल्ली पुलिस के पास पहले 620 पीसीआर वैन थीं, लेकिन पिछले साल गृहमंत्रालय ने 370 और मुहैया करा दी हैं.

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