नाईट शिफ्ट में काम करने से दिल की बीमारी और कैंसर का खतरा

2019-02-01T08:35:01+05:30

एक स्टडी में पता चला है कि रात की शिफ्ट में काम करने से कैंसर और दिल की बीमारी हो सकती है। आइये जानें कैसे

कानपुर। एक स्टडी में पाया गया है कि रात की शिफ्ट में काम करने से व्यक्ति के डीएनए को नुकसान हो सकता है, जिससे कैंसर के साथ-साथ दिल समेत अनेक बीमारियों  खतरा बढ़ जाता है। जर्नल एनेस्थीसिया में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, हाल ही में हॉन्ग कॉन्ग के कुछ शोधकर्ताओं ने 49 स्वस्थ फुल टाइम डॉक्टरों के खून के नमूनों का विश्लेषण किया। हांगकांग विश्वविद्यालय के सिउ-वाई चोई ने कहा, 'परिणामों से स्पष्ट हुआ है कि नींद की कमी किसी व्यक्ति को बहुत बीमार कर सकती है और शरीर में किसी पुरानी बीमारी को बढ़ा भी सकती है।'
एक रात में नहीं सोने पर भी डीएनए को नुकसान
रात के शिफ्ट में काम करने वाले डॉक्टरों के खूब के सैंपल को जब शोधकर्ताओं ने चेक किया तो उन्होंने पाया कि उनके डीएनए में जीन रिपेयर करने की क्षमता कम थी और रात भर काम न करने वाले लोगों की तुलना में उनके डीएनए को काफी भी नुकसान पहुंचा था। जो डॉक्टर सिर्फ एक ही रात को नहीं सोए, उनके डीएनए में भी मौजूद जीन की रिपेयरिंग ठीक से नहीं हो पाई थी, जिसके चलते डीएनए को काफी नुकसान पहुंचा। शोधकर्ताओं का कहना है कि शरीर के डीएनए में जीन की सही से रिपेयरिंग बेहद जरुरी है, डीएनए की क्षति से कैंसर और हृदय रोग समेत कई अन्य बड़ी बीमारियों का खतरा होता है। इस शोध से यह भी पता चलता है कि जीन ज्यादातर दिन के समय में रिपेयर होते हैं।
कैंसर से दुनिया में कई लोगों की मौत
बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) का अनुमान है कि 2018 में दुनिया में 18.1 मिलियन लोग कैंसर से पीड़ित हुए और 9.6 मिलियन लोगों की मौत इस खतरनाक बीमारी से हो गई। दुनिया में हर छठे व्यक्ति की मौत कैंसर के कारण होती है और यह हृदय रोग के बाद मौत का दूसरा प्रमुख कारण है।

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