फीफा विश्व कप 2018 में ईरान की टीम ने मोरक्को को 1-0 से मात देकर 20 साल बाद जीत दर्ज की। इस मैच में ईरान की जीत में खास भूमिका निभाई मोरक्को के खिलाड़ी अजीज बौहडौज। बौहडौज ने आत्मघाती गोल कर ईरान को जीत दिला दी।


बौहडौज ने इस तरह किया आत्मघाती गोलकानपुर। ईरान और मोरक्को के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही थी। 90 मिनट तक भी दोनों टीमों को गोल की तलाश थी। इंजुरी टाइम (90+5वें मिनट) में ईरानी टीम के पास गोल करने का मौका था और गोल हुआ भी लेकिन इसे ईरानी खिलाडि़यों ने नहीं बल्कि मोरक्कों के फुटबॉलर ने किया। ईरान के हाजी सैफी की फ्री किक को गोल पोस्ट के नजदीक खड़े मोरक्को के अजीज ने हेडर के जरिये अपने ही गोल पोस्ट में डाल दिया। इससे ईरान ने मैच 1-0 से जीत लिया। बौडहोज के इस आत्मघाती गोल के बाद फुटबॉल फैंस को 1994 वर्ल्ड कप का वो मंजर याद आ गया जब कोलंबिया के एक फुटबॉलर को अपनी ही टीम के खिलाफ गोल करने पर जान गंवानी पड़ी थी।क्या होता है आत्मघाती गोल


किसी भी फुटबॉल मैच में जीत-हार का फैसला गोल की संख्या पर निर्भर करता है। जो टीम सबसे ज्यादा गोल करती है उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है। 11 खिलाड़ी विरोधी टीम के पाले में गेंद डालने के लिए 90 मिनट तक मैदान में इधर-उधर भागते हैं। इस बीच कहीं एक खिलाड़ी गलती से अपनी ही टीम के गोल पोस्ट में गोल कर देता है तो इसे आत्मघाती गोल कहा जाता है। फुटबॉल जगत में बहुत ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने आत्मघाती गोल किया है। 1994 वर्ल्ड कप में तो आत्मघाती गोल के चलते एक खिलाड़ी को अपनी जान तक गंवानी पड़ी थी।जानें क्या हुआ था उस दिन द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1994 के फुटबॉल विश्व कप के दौरान कोलंबिया और अमरीका के बीच महत्वपूर्ण मुकाबला खेला गया था। 22 जून 1994 को खेले गए इस मैच में कोलंबिया को टीम को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस अहम मुकाबले के बाद कोलंबिया की ओर से डिफेंडर आंद्रे एस्कोबार ने एक आत्मघाती गोल कर दिया था। इस हार के साथ ही कोलंबिया की टीम विश्व कप से बाहर हो गई थी। आंद्रे को इस आत्मघाती गोल की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। जब वह वापस अपने शहर लौटे तो दोस्तों के साथ वह एक बार में चले गए, जहां उनकी कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। बार से बाहर निकले ही पार्किंग में उन्हें एक शख्स ने पीछे से 6 गोलियां मार दीं। जब तक एंबुलेंस बुलाई गई तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। फुटबॉल जगत में यह घटना आज भी कई लोगों के दिलों में जिंदा है।

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Posted By: Abhishek Kumar Tiwari