गोलीबारी से थर्राया धुर्वा दिन भर बंद रहा मार्केट

2015-10-10T07:41:07+05:30

>RANCHI: एचईसी के मजदूर यूनियन व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राणा संग्राम सिंह के बेटे यशवंत सिंह की गोलीबारी में मौत की खबर शुक्रवार की सुबह जंगल में आग की तरह पूरे धुर्वा इलाके में फैली। दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। लोगों ने स्वत: दिन भर मार्केट को पूरी तरह बंद कर दिया। जिले की जानी-मानी हस्तियों में स्थान रखने वाले राणा संग्राम सिंह के घर पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, पूर्व डिप्टी मेयर अजय नाथ शाहदेव, प्रणव कुमार बब्बू समेत कई गणमान्य लोगों व मजदूर नेताओं का दिन भर आना-जाना लगा रहा।

बार-बार बेहोश हो रही थी पत्‍‌नी

इससे पहले जैसे ही यशवंत सिंह का पार्थिव शरीर धुर्वा स्थित उनके घर के आंगन में पहुंचा, वैसे ही उनकी पत्‍‌नी रूबी दौड़ी-दौड़ी आई और आंगन में ही बेहोश पड़ गई। घर की महिलाएं दहाड़ मार-मार कर रो रही थीं। मौके पर पहुंचे तमाम लोगों की आंखें नम हो गई। मालूम हो कि यशवंत सिंह के दो बेटे अमर सिंह, नन्हे सिंह व एक बेटी रिया सिंह उर्फ छोटी है।

छह माह से दे रहा था धमकी

पुलिस ने अनुसंधान में पाया कि यशवंत सिंह और अमर सिंह दोनों छह महीने से एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दे रहे थे। अमर सिंह मूल रूप से सोनवर्षा के अमरपुरी सुंदर का रहनेवाला है। उनका आरा में एक पेट्रोल पंप है और जगह-जगह पर मेले का आयोजन करते हैं। उसका आरोप है कि जब उनका पेट्रोल पंप है तो उनसे तेल वगैरह नहीं लेकर दूसरे पंप से लिया जाता था। इस बाबत जब रांची से बसें चलती थीं तो अमर सिंह और उसके गुर्गे ड्राइवर, खलासी के साथ मारपीट करते थे। लगातार ड्राइवर व खलासी के साथ मारपीट होने की वजह से कोई भी बस पर नहीं चढ़ना चाहता था।

बस स्टैंड से उठाया था खलासी व एजेंट को

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अमर सिंह अपनी इनोवा कार बीआर-0फ्एम-000क् से ड्राइवर राजेश यादव के साथ शुक्रवार की सुबह धुर्वा बस स्टैंड आया था। यहां से उसने बस के एजेंट सुनील व खलासी को गाड़ी में बिठाया। वह ड्राइवर मनोज की भी तलाश कर रहा था। पर, मनोज वहां नहीं मिला। इसी बीच किसी ने इसकी सूचना यशवंत सिंह व राणाप्रताप सिंह को दे दी। उस वक्त यशवंत सिंह और राणाप्रताप सिंह घर के बाहर मार्निग वॉक कर रहे थे। अमर सिंह को गाड़ी में एजेंट को बिठाते देख उनलोगों ने गाड़ी रुकवाई। इसी बीच दोनों में बहस होने लगी। अमर सिंह व राणाप्रताप सिंह के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। इस पर ड्राइवर राजेश यादव ने राणाप्रताप सिंह के सिर पर रॉड दे मारा। इससे उनका सिर फट गया। भाई को पिटता देख यशवंत ने ड्राइवर को रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक अमर सिंह ने अपनी मास्कट राइफल निकाली और यशवंत सिंह को टारगेट कर गोली चला दी। गोली लगने से यशवंत सिंह जमीन पर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर घर और आसपास के लोग दौड़े और अमर सिंह की गाडि़यों पर गोलियों की बौछार कर दी। फिर भी, अमर सिंह वहां से भाग निकला और जगन्नाथपुर थाना में जाकर हथियार के साथ सरेंडर कर दिया। पुलिस ने अमर सिंह और उसके ड्राइवर राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

inextlive from Ranchi News Desk


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