योगी सरकार ने पेश किया 34 833 करोड़ का अनुपूरक बजट इन विभागों के लिए खोला खजाना

2018-08-28T11:30:33+05:30

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सूबे की योगी सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र में 34833 करोड़ का अनुपूरक बजट किया पेश किया जिसमें किसानों से लेकर विकास कार्यों तक का खासा ध्यान रखा गया है।

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LUCKNOW : राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के लिए खजाने के दरवाजे खोलते हुए उनका बकाया देने के लिए करीब 5,500 करोड़ की व्यवस्था की है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चार मदों में धनराशि भी आवंटित की गयी है। सरकार के एजेंडे में कुंभ मेले के अलावा प्रवासी भारतीय दिवस भी है। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के लिए भी बड़ी धनराशि आवंटित की गयी है। खास बात यह है कि विधायकों को अपने क्षेत्र में सड़क बनाने को 750 करोड़ की धनराशि दी गयी है।
अटल को भी दी तरजीह
सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा सदन में पेश किए गये अनुपूरक बजट में योगी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी तरजीह दी है। राज्य सरकार ने अटल की स्मृति में सांस्कृतिक समारोह के आयोजन को एक करोड़ और स्मृति संकुल के निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। इसी तरह कानपुर के डीएवी कॉलेज जहां अटल ने शिक्षा ग्रहण की थी, वहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपए दिए गये हैं। इसी तरह अटल के पैतृक गांव आगरा के बटेश्वर में स्मारक व अन्य कार्यों के लिए दस करोड़ की धनराशि दी गयी है। वहीं बलरामपुर जिले में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के सैटेलाइट सेंटर की स्थापना को पांच करोड़ रुपये दिए गये है। ध्यान रहे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस सैटेलाइट सेंटर को पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर करने का ऐलान कर चुके हैं।
 
सड़कों से लेकर एयरपोर्ट का ध्यान
योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में सड़कों से लेकर एयरपोर्ट के निर्माण का भी खासा ध्यान रखा है ताकि चुनाव से पहले प्रदेश का सर्वांगीण विकास किया जा सके। पहली बार प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र में सड़क बनवाने को पांच करोड़ रुपये दिए जाएंगे, इसके लिए बजट में 750 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना डिफेंस कॉरीडोर के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गये हैं। वहीं ग्रामीण सेतुओं, आरओबी के निर्माण के लिए आठ-आठ करोड़, राज्य संपत्ति की बिल्डिंगों के बिजली बिल इत्यादि के भुगतान को करीब 18 करोड़ रुपये दिए गये हैं। राज्य सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के लिए भी 800 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर दिया है।  

हिंदुत्व के एजेंडे को भी धार

अनुपूरक बजट में राज्य सरकार ने हिंदुत्व के एजेंडे को भी धार देने का प्रयास किया है। चुनावी तैयारी में जुटी सरकार ने छुट्टा पशुओं की समस्या से निदान को गंभीरता दिखाई है। पशुओं के अवैध कटान पर सख्ती से रोक लगने के बाद से आवारा पशुओं की संख्या में लगातार वृद्धि होना सरकार का सिरदर्द बना था। किसानों के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही थी। जिसका समाधान सरकार ने तलाशने को सरकार ने अनुपूरक बजट में नगरीय क्षेत्रों में कान्हा गौशाला व बेसहारा पशु आश्रय योजना पर गंभीरता से अमल किया जा रहा है। अनुपूरक बजट में 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायतों को कांजी हाउस की स्थापना, पुननिर्माण और संचालन आदि के लिए 20 करोड़ रुपया प्रदान किया है। इसके अलावा 68 जिलों में वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना कराने के लिए 34 करोड़ रुपये प्रदान किए है ताकि गायों की स्थिति में सुधार हो। बांझ गायों के उपचार व नस्ल सुधार पर विशेष जोर होगा ताकि गायों को खुले में छोडऩे की परंपरा पर लगाम लगे। वहीं बजट में प्रदेश के सार्वजनिक रामलीला स्थलों में चाहरदीवारी का निर्माण कराने को प्रतीक व्यवस्था की गयी है। प्रदेश के नगर निकायों में कान्हा गौशाला की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपये दिए गये है। कुंभ मेले के आयोजन के लिए भी बजट में करीब 860 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।
जारी रहेगी किसानों की कर्ज माफी
राज्य सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों की कर्ज माफी योजना को भी जारी रखने का फैसला लेते हुए बजट में 1500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। साथ ही गन्ना किसानों को डीबीटी के माध्यम से 500 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे। यह वर्ष 2017-18 का गन्ना किसानों का भुगतान करने के लिए हैं। इसके अलावा निगम और निजी चीनी मिलों  को 4000 करोड़ रुपये तथा सहकारी चीनी मिलों को 1035 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन दिया जाएगा।
 
अनुपूरक बजट एक नजर में

- 5500 करोड़ स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण को
- 4891.72 करोड़ उदय योजना के तहत अनुदान राशि को अंशपूंजी में बदलने को
- 2331.90 करोड़ उत्तराखंड सरकार को पेंशन दायित्वों के
- 1500 करोड़ उप्र पावर कारपोरेशन को राजस्व क्षतिपूर्ति अनुदान
- 4000 करोड़ चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन के लिए
- 885 करोड़ सहकारी चीनी मिलों को गन्ना भुगतान के लिए
- 800 करोड़ कुंभ मेला के आयोजन के लिए
- 800 करोड़ नोएडा में जेवर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए
- 750 करोड़ विधानसभा क्षेत्रों में लोनिवि द्वारा कराए जाने वाले कार्य के लिए
- 500 करोड़ डिफेंस कॉरीडोर की भूमि खरीदने के लिए
- 500 करोड़ किसानों को वर्ष 2017-18 के बकाया भुगतान के लिए
- 700 करोड़ रिटायर्ड शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पेंशन के लिए अतिरिक्त
- 1500 करोड़ लघु एवं सीमांत किसानों के फसली लोन का भुगतान
- 252 करोड़ विधायक निधि के लिए
- 623.59 करोड़ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का मानदेय
- 100 करोड़ भारतीय प्रवासी दिवस के आयोजन के लिए
- 301 करोड़ बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त धनराशि के रूप में
- 15 करोड़ नगर निगमों में शहीदों की स्मृति में पार्कों, प्रदर्शनी स्थलों, सभागार के निर्माण
- 50 करोड़ समस्त जिलों में ईवीएम एवं वीवीपैट के भंडारण के लिए गोदाम बनाने को
- 10 करोड़ रुपये लोक कल्याण मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए
- 11 करोड़ फैजाबाद, गोरखपुर, वाराणसी और शाहजहांपुर में सूचना कार्यालय भवन एवं प्रेस क्लब बनाने को
लखनऊ का भी रखा ख्याल
2.07 करोड़ केजीएमयू में नेशनल प्रोग्राम फॉर बर्न इंजरी के संचालन को
- 3.47 करोड़ केजीएमयू में नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थ केयर फॉर द एल्डरली
- 4.98 करोड़ लखनऊ स्थित राजकीय तकमील उत्तिब कॉलेज एवं चिकित्सालय को
- 3.08 करोड़ लखनऊ के गिरि विकास अध्ययन संस्थान को
- 28.43 लाख हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में बैटरी चालित वाहन खरीदने को
- 05 करोड़ रुपये विधानसभा परिसर में विभिन्न कार्य कराने के लिए
- 01 करोड़ लखनऊ में होने वाले भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के लिए
- 1.53 करोड़ रिमोट सेंसिंग सेंटर में ई-ऑफिस प्रणाली व बढ़े वेतनमान के भुगतान को
- 1।01 करोड़ छत्रपति शाहूजी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (भागीदारी भवन) को
बजट का बड़ा हिस्सा खर्च हो चुका
अनुपूरक बजट में अनुदान मांगें रखी गई हैं। हमने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया था। बजट का बड़ा हिस्सा खर्च हो चुका है। आज अनुदान बजट रखा गया। अटल जी के नाम पर बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, कानपुर के डीएवी कॉलेज में सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस के लिए बजट दिया है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए अनुदान मांगों में घोषणा की है। बहुत ऐसे क्षेत्र हैं जहां आर्सेनिक की वजह से पेयजल समस्या है, वहां पेयजल के लिए बजट में व्यवस्था की है। किसानों की ऋण माफी की अंतिम किस्त जारी की गयी है। हमारी सरकार ने बड़े पैमाने पर विकास के काम किये है।
- योगी आदित्यनाथ, सीएम

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