परमार्थ निकेतन में 37 देशों के लोग कर रहे योग

2019-02-14T06:00:59+05:30

- सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर का शुभारंभ

- सुभाष घई, मालिनी अवस्थी समेत जुटे कई दिग्गज

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PRAYAGRAJ: कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर- 18 अरैल में स्थित परमार्थ निकेतन शिविर में सात दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय योग शिविर का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव जी महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी, फिल्म निर्माता एवं निर्देशक सुभाष घई, मशहूर लोकगायिका मालिनी अवस्थी समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की शुरुआत की। योग महोत्सव में दुनिया के 37 देशों के लोग शामिल हो रहे हैं। सुबह के सत्र की शुरुआत योगाचार्य युवा दायलान द्वारा कराए गए युवा योग से हुआ। जबकि शाम के सत्र में योग, ध्यान, योग निद्रा, मुद्रा और आसनों का अभ्यास देश और दुनिया से आए योगाचार्यो ने कराया।

वसुधैव कुटुम्बकम को साकार करने का प्रयोग

इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम को साकार करने के लिए योग एक प्रयोग है। उन्होंने कहा कि योग से नए- नए प्रयोग करें और उन प्रयोगों का उपयोग विश्व बंधुत्व के लिए, समरसता, सद्भाव, संस्कार, संस्कृति और शांति की स्थापना के लिए करें। हमें पृथ्वी को बचाना है तो उसके लिए जरूरी है कि पर्यावरण को बचाएं। योग पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज योग की शक्ति को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है, इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है।

विश्व ग्लोब का जलाभिषेक

इस मौके पर अतिथियों ने विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया। कार्यक्रम में युवा दायलन जी, योगाचार्य दीपिका मेहता, योगाचार्य चन्द्रेश भारद्वाज, योगाचार्य कीया मिलर ने भी सहभाग किया। इस मौके पर भारत के साथ ही स्पेन, ब्राजील, पुर्तगाल, चीन, मैक्सिको, क्रेच, बेल्जियम, अमेरिका, कोलंबिया, बोलबिएनो, नीदरलैंड, पेरू, अर्जेटीना, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली, नॉर्वे, चीली, जर्मनी, तिब्बत, रूस, इजरायल एवं अन्य देशों के योग साधकों ने सहभाग किया.

योग, व्यक्ति को योग्य बनाता है और उस योग्यता का उपयोग समाज, पर्यावरण, नदियों और पूरी धरती को प्रदूषण मुक्त करने के लिए करें।

स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, परमाध्यक्ष, परमार्थ निकेतन

योग रोगों से मुक्ति का माध्यम है। योग के माध्यम से हम परमपिता परमात्मा की निकटता प्राप्त कर सकते हैं.

- स्वामी रामदेव, योग गुरु

योग अर्थात जोड़ना। योग पूरी दुनिया को आपस में जोड़ता है। योग, स्वयं से जोड़ता है, समाज से जोड़ता है और पूरी दुनिया से जोड़ता है।

साध्वी भगवती जी,

अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव, जीवा

मैं 32 वषरें से योग कर रहा हूं। योग के द्वारा आप अपने समाज को और बेहतर दे सकते है और समाज के लिए कुछ बेहतर कर सकते हैं.

सुभाष घई, फिल्मकार

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